भभुआ सदर. हेलो, हम स्वच्छता सर्वेक्षण से बोल रहे हैं. आपके घर के आसपास सफाई रहती है या नहीं. क्या रोजाना कूड़ा उठाया जाता है. आप सूखा व गीला कूड़ा अलग-अलग करके देते हैं या नहीं. कुछ इसी तरह के सवाल 15 फरवरी से शहरी निकायों में शुरू होने वाले सिटीजन फीडबैक के तहत भभुआ शहर के किसी भी व्यक्ति से पूछे जा सकते हैं. अब शहरवासियों के इन सवालों के सकारात्मक जवाब से ही शहर की रैंकिंग में सुधार होगा, जबकि नकारात्मक जवाब से नंबर कटेंगे. गौरतलब है कि 15 फरवरी से स्वच्छ भारत मिशन की केंद्रीय टीम अगले एक महीने तक अलग-अलग शहरों में जाकर स्वच्छता का हाल देखेगी. इस दौरान केंद्रीय टीम द्वारा शहरवासियों का फीडबैक लेने के साथ-साथ शहरी निकायों की भौतिक पड़ताल भी करेगी. भौतिक निरीक्षण के क्रम में शहर के कचरा प्रबंधन की स्थिति, जनशिकायतों का समाधान, स्वच्छता व सौंदर्यीकरण, सार्वजनिक शौचालयों, कचरा प्रबंधन केंद्र व नालों व सीवर की स्थिति देखी जायेगी. नागरिकों के फीडबैक पर इस बार भी सात सौ नंबर तय किये गये हैं. हर आयु वर्ग से सवाल किये जायेंगे. जानकारी के अनुसार, स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत 700 अंकों की परीक्षा शुरू होगी. इसमें शहरवासी खुद से शहर की सफाई व्यवस्था का हाल बतायेंगे. इधर, नगर पर्षद भभुआ की ओर से भी स्वच्छता सर्वेक्षण-2024 में बेहतर रैंक पाने के लिए विभागीय कवायद शुरू कर दी गयी है. केंद्र व राज्य सरकार के शहरी विकास मंत्रालय द्वारा प्रतिदिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुझाव आदि के अलावा शहरवासियों से फीडबैंक देेने के लिए पोस्टर-बैनर के साथ ध्वनि-विस्तारक यंत्रों के माध्यमों से प्रचार-प्रसार भी किये जा रहे हैं.
एप व फोन के माध्यम से शुरू हो चुका है फीडबैक देने का काम
इस बार भी स्वच्छता सर्वेक्षण में नागरिकों के फीडबैक और सफाई व स्वच्छता से जुड़े उनके कार्यों पर 2250 नंबर मिलने हैं. 15 फरवरी से एप, फोन आदि माध्यमों से फीडबैक देने की शुरुआत हो गयी है. शहरवासियों को साफ-सफाई के प्रति अपने विचार देने के लिए प्रचार प्रसार के माध्यमों से जागरूक किया जा रहा है. इसके अलावा केंद्रीय टीम फीडबैक देने से पहले भी नागरिकों से शहर की सफाई और अन्य सुविधाओं के बारे में एप के अलावे फोन पर जानकारी ले सकती है.
सभी से होंगे सवाल, शामिल रहेंगे किशोर, युवा व बुजुर्ग
स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में इस बार भी 15 वर्ष के किशोरों के साथ ही युवाओं एवं बुजुर्गों से भी सवाल किये जायेंगे. उनसे रोजाना कूड़ा उठाने की स्थिति, सूखा व गीला कूड़ा अलग करने, शौचालय की जानकारी के लिए गूगल टॉयलेट लोकेटर के इस्तेमाल, आसपास की सफाई, घर में खाद बनाने की जानकारी, घर से निकले टूटे व पुराने खिलौने, कपड़े व जूते आदि को फिर से इस्तेमाल करने की जानकारी, शहर के स्वच्छता सर्वेक्षण में भागीदारी की जानकारी, 60 वर्ष से ज्यादा आयु के नागरिकों से पहले की तुलना में सफाई की स्थिति, कचरा संग्रहण की व्यवस्था, गीला व सूखा कूड़ा अलग करने, कचरा प्रबंधन पर सवाल किये जायेंगे. इसके अलावा भी स्वच्छता को लेकर कई सवाल किये जायेंगे.11 सवालों का समूह किया गया है तैयार
स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत सिटीजन फीडबैक अभियान की शुरुआत की जायेगी. इसके लिए 11 सवालों का समूह तैयार किया गया है. इनमें से चार सवाल वस्तुनिष्ठ पूछे जायेंगे. शहरवासियों को इन सवालों का जवाब हां या ना में देना होगा. इस दौरान जनता से छह माध्यमों से शहर का हाल पूछा जायेगा, जिसमें फेस टू फेस, वोट फाॅर योर सिटी पोर्टल, 1969 हेल्पलाइन नंबर, क्यूआर तकनीक, स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 पोर्टल और स्वच्छता एप शामिल है. सिटीजन फीडबैक के सवाल कचरा प्रबंधन एवं स्वच्छता जागरूकता से जुड़े होंगे. इसमें युवाओं और बुजुर्गों के लिए अलग-अलग अंक निर्धारित किये गये हैं. 15 से 29 आयु वर्ग के युवाओं से पूछे जाने वाले सवाल के लिए कुल 200 अंक निर्धारित होंगे. वहीं, बुजुर्गों से अधिक सवाल पूछे जायेंगे, इसके लिए कुल 400 अंक निर्धारित किये गये हैं.सभी स्तर से किया जा रहा हरसंभव प्रयास
नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी संजय उपाध्याय ने बताया कि, गत वर्ष के सर्वेक्षण में हमारी मार्किंग जिन-जिन क्षेत्रों में कमजोर रही है, उन क्षेत्रों में सुधारात्मक प्रदर्शन की विशेष तैयारी की गयी है. साथ ही बेहतर रैंक पाने के लिए सभी स्तर से प्रयास किये जा रहे हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

