विद्यालय में मध्याह्न भोजन योजना की अब सात बिंदुओं पर होगी जांच

Published at :13 Jun 2024 9:08 PM (IST)
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विद्यालय में मध्याह्न भोजन योजना की अब सात बिंदुओं पर होगी जांच

विद्यालयों में बच्चों को मिलने वाला दोपहर का भोजन यानी विद्यालयों में संचालित हो रहे मध्याह्न भोजन योजना को और अधिक सशक्त व सुदृढ़ बनाया जायेगा. इससे मध्याह्न भोजन योजना में आये दिन मिल रही अनियमितता की शिकायत पर रोक लगेगी.

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भभुआ नगर. विद्यालयों में बच्चों को मिलने वाला दोपहर का भोजन यानी विद्यालयों में संचालित हो रहे मध्याह्न भोजन योजना को और अधिक सशक्त व सुदृढ़ बनाया जायेगा. इससे मध्याह्न भोजन योजना में आये दिन मिल रही अनियमितता की शिकायत पर रोक लगेगी. इसको लेकर शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ एस सिद्धार्थ ने प्रधान सचिव ग्रामीण विकास विभाग पटना और मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जीविका, पटना को पत्र लिख कर विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना के सफल संचालन के लिए जीविका संगठन के माध्यम से योजना का अनुश्रवण व निरीक्षण कराने की बात कही है. साथ ही डीएम, डीइओ आदि को भी इस पत्र के माध्यम से कहा गया है कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार राज्य के प्रारंभिक विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को गरमा-गरम पोषणयुक्त मध्याह्न भोजन दिया जा रहा है. साथ ही बच्चों को नियमित व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, इसके लिए विभाग निरंतर प्रयास कर रहा है. इस के लिए शिक्षा विभाग से संबंधित पदाधिकारियों व कर्मियों द्वारा विद्यालयों का नियमित अनुश्रवण भी किया जा रहा है. परिणाम स्वरूप मध्याह्न भोजन योजना में व्यापक सुधार दिख रहा है. = जमीन स्तर से जुड़ा हुआ है जीविका संगठन अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ ने डीएम व डीइओ को जारी निर्देश में कहा है कि जीविका जमीन स्तर से जुड़ा हुआ संगठन है, जीविका संगठन से जुड़े कई परिवारों के बच्चे सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत हैं व विद्यालय में मिलने वाले पोषणयुक्त मध्याह्न भोजन का लाभ भी प्राप्त कर रहे हैं. इसे लेकर मध्याह्न भोजन योजना के संदर्भ में विचारोपरांत यह निर्णय लिया गया है कि विद्यालयों में संचालित मध्याह्न भोजन योजना के अनुश्रवण व निरीक्षण को अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए जीविका संगठन का भी सहयोग लिया जाये. = टोल फ्री नंबर पर दर्ज करा सकते हैं शिकायत अपर मुख्य सचिव द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि विद्यालयों में मध्याह्न भोजन योजना संचालन में यदि कहीं कोई कमी पायी जाती है, तो संबंधित विद्यालय का निरीक्षण व अनुश्रवण करने वाली जीविका दीदी द्वारा शिक्षा विभाग के कमांड व कंट्रोल सेंटर के टॉल फ्री नंबर 14417 के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं. = इन सात बिंदुओं पर की जायेगी मॉनिटरिंग अपर मुख्य सचिव ने लिखे गये पत्र में कहा है कि इन सात बिंदुओं पर मॉनिटरिंग किया जायेगा. क्या विद्यालयों में दिये जाने वाला भोजन साप्ताहिक मेनू के अनुसार है? क्या विद्यालयों में दिये जाने वाले मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता ठीक है? क्या विद्यालयों में मध्याह्न भोजन बनाने हेतु एलपीजी गैस का उपयोग किया जा रहा है? क्या विद्यालयों में स्टील थाली सभी बच्चों को उपलब्ध है व उसका उपयोग किया जा रहा है? क्या स्टील थाली का गुणवत्ता ठीक है? क्या विद्यालयों में रसोई-सह-भंडारगृह की साफ-सफाई ठीक है? मध्याह्न भोजन बनाने के लिए इस्तेमाल किये जाने वाले खाद्य सामग्री के भण्डारण की स्थिति ठीक है? क्या मध्याह्न भोजन योजना के साप्ताहिक मेनू में शुक्रवार के दिन दिये जाने वाले अंडा या फल का वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है?

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