Kaimur News : बिजली विभाग की लापरवाही से जान व माल की हो रही क्षति

Updated at : 09 Mar 2025 8:52 PM (IST)
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Kaimur News : बिजली विभाग की लापरवाही से जान व माल की हो रही क्षति

इस वर्ष बिजली विभाग व विभाग के वरीय अधिकारियों की लापरवाही व चूक के कारण एक बिजली मिस्त्री समेत 15 लोगों की मौत करेंट लगने से हो गयी है.

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भभुआ शहर. इस वर्ष बिजली विभाग व विभाग के वरीय अधिकारियों की लापरवाही व चूक के कारण एक बिजली मिस्त्री समेत 15 लोगों की मौत करेंट लगने से हो गयी है. अभी हाल ही में जगरिया गांव निवासी बिजली मिस्त्री जितेंद्र कुमार चौरसिया की विभागीय लापरवाही के कारण करेंट की चपेट में आ जाने से जान चली गयी थी. इस साल जिले में कुल 15 लोगों की मौत हो गयी, इससे जानवर भी अछूते नहीं हैं. इस वर्ष नौ जानवरों की भी करेंट की चपेट में आने से मौत हुई है. बिजली विभाग की लापरवाही के कारण जान व माल की क्षति जिले में बड़े पैमाने पर हुई है. आये दिन ऐसे मामले आ रहे है, जिनमें खुले तार और ट्रांसफाॅर्मर के कारण लोग करेंट के शिकार हो रहे है, इसके बाद भी विभाग लापरवाह बना हुआ है. विभाग के अधिकारियों व ठेकेदारों के मनमानी से आये दिन कहीं ग्रामीणों की जान जोखिम में रहती है, तो कही संविदाकर्मी लाइन मैन की दर्दनाक मौत हो रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी हो रही घटनाओं से सिख लेने के बजाय उस पर पर्दा डालते नजर आते हैं. इस संबंध में विद्युत कर्मी राम शंकर सिंह बताते है कि विद्युत कर्मियों को विभाग से सुरक्षा के नाम पर कुछ भी नहीं मिलता है, जिससे आये दिन कर्मी विद्युत करेंट की चपेट में आने से शिकार बन रहे है. कहा कि संविदा पर बहाल करने वाली एजेंसी तथा बिजली विभाग अपने कर्मचारियों की सुरक्षा काे लेकर कोई ध्यान नहीं दे रही है, जिससे बिजली कर्मी बिना सुरक्षा उपकरण के ही खंभे पर चढ़ कर काम करते हैं. जबकि, मानक के अनुसार बिजली मिस्त्री के पास विद्युत पोल पर चढ़ने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होना चाहिए, जिसमें पैर में विद्युत कुचालक जूता, हाथ में रबर का दस्ताना और सेफ्टी बेल्ट भी होना चाहिए. जबकि, विद्युत कर्मियों का कहना है कि कभी कभी दस्ताना तो मिल भी जाता है, लेकिन जूता और सेफ्टी बेल्ट बिजली मिस्त्री को कभी मुहैया नहीं कराया जाता, जिससे कभी कभार मिस्त्री पोल से गिर भी जाते है या बिजली करेंट की चपेट में आ जाते है. इसे लेकर बिजली विभाग के वरीय अधिकारियों को अपने विभाग की सुरक्षा प्रक्रियाओं की समीक्षा करनी चाहिए. साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठाये जाने चाहिए और सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करना चाहिए. = क्या कहते हैं अधिकारी विद्युत कार्यपालक अभियंता शशिकांत कुमार ने इस संबंध में बताया कि बिजली विभाग में मिस्त्रियों के लिए सारे सुरक्षा कीट मौजूद हैं, लेकिन मनमौजी मिस्त्री इसका उपयोग नहीं करते हैं, जिसकी देखभाल की जा रही है. काम करने के लिए कोई मिस्त्री शट डाउन लेता है तो 440 वोल्ट के लिए, कनीय अभियंता, 11000 वोल्ट के लिए सहायक अभियंता से शट डाउन लेने का प्रावधान है, जबकि 33000 वोल्ट के लिए शट डाउन लेने के साथ ही कनीय अभियंता इसकी मॉनीटरिंग भी करते हैं.

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