कैमूर: जागरूकता और मेडिकल कैंप के बाद भीअफवाहों के साए में कैद हुई पढ़ाई, हफ्ते भर से सूना स्कूल, फिर बेहोश हुईं छात्राएं

बेहोश हुई छात्राएं
कैमूर जिले के लोहंदी करर विद्यालय में छात्राओं के बेहोश होने की घटना से हड़कंप मचा है. एक सप्ताह बाद भी स्कूल सूना है, क्योंकि छात्र-छात्राएं डर के मारे स्कूल नहीं आ रहे हैं. प्रशासन ने इसे अफवाह और कमजोरी का नतीजा बताया है.
Bhabua School Stuck On Rumours : कैमूर जिले के अधौरा प्रखंड स्थित लोहंदी करर विद्यालय में छात्राओं के बेहोश होने की घटना के बाद फैली दहशत अभी तक खत्म नहीं हो पाई है. एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद अधिकांश छात्र-छात्राएं स्कूल नहीं पहुंच रहे हैं, जिससे पठन-पाठन पूरी तरह प्रभावित हो गया है.
प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से लगातार जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. मेडिकल टीम गांव में कैंप लगाकर छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण भी कर रही है, लेकिन ग्रामीणों में भय का माहौल अब भी बना हुआ है.
पिछले सप्ताह तीन छात्राओं के बेहोश होने के बाद बच्चों ने स्कूल आना बंद कर दिया था. स्थिति सामान्य करने के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी, प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, बीडीओ और स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार गांव का दौरा कर रही है. इसके बावजूद सोमवार को भी विद्यालय में सन्नाटा पसरा रहा.
रास्ते में फिर बेहोश हुईं दो छात्राएं
सोमवार सुबह शिक्षक स्वयं गांव पहुंचे और अभिभावकों को समझाकर कुछ बच्चों को स्कूल लाने निकले. लेकिन स्कूल पहुंचने से पहले ही दो छात्राएं अचानक बेहोश होकर गिर पड़ीं. इस घटना से अन्य छात्र-छात्राएं डर गए और वापस अपने घर लौट गए, जिससे विद्यालय फिर खाली हो गया.
सूचना मिलते ही मेडिकल टीम और एंबुलेंस मौके पर पहुंची. दोनों छात्राओं को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल, भभुआ भेजा गया. स्वास्थ्य विभाग उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए है.
85 छात्र नामांकित, फिर भी स्कूल सूना
विद्यालय में कुल 85 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, लेकिन पिछले एक सप्ताह से उपस्थिति लगभग शून्य बनी हुई है. शिक्षक रोज स्कूल पहुंचकर बच्चों का इंतजार कर रहे हैं, जबकि शिक्षा विभाग अभिभावकों से लगातार संपर्क कर बच्चों को स्कूल भेजने की अपील कर रहा है.
‘भूत-प्रेत नहीं, अफवाह और कमजोरी कारण’ : बीडीओ
प्रखंड विकास पदाधिकारी सह प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि जांच में किसी भी तरह की अलौकिक घटना की पुष्टि नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि छात्राओं की शारीरिक कमजोरी और घटना के बाद फैली अफवाहों के कारण यह भय का माहौल बना है.
उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे अंधविश्वास और ओझा-गुनी के चक्कर में न पड़ें तथा किसी भी प्रकार की अफवाह पर विश्वास न करें. प्रशासन, शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग मिलकर स्थिति को सामान्य बनाने में जुटे हैं.
अभिभावकों से भी बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई है, ताकि जल्द से जल्द शैक्षणिक गतिविधियां सुचारु हो सकें.
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