भभुआ सदर. मकर संक्रांति एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जिसे 14 जनवरी को मनाया जाता है. मकर संक्रांति को सूर्य के मकर राशि में प्रवेश के रूप में मनाया जाता है, जो नये ऊर्जा और समृद्धि का संकेत है. पतंगबाजी इस दिन का सबसे रोमांचक और लोकप्रिय हिस्सा होती है. मकर संक्राति का पर्व अब नजदीक आता जा रहा है, ऐसे में बाजारों में कलरफुल पतंगों से दुकानें सजकर बिक्री शुरू हो गयी है. वैसे भी बिहार शुरू से ही पर्वों का राज्य रहा है, यहां आये दिन त्योहारों की झड़ी लगी रहती है. ऐसे में भले ही अभी मकर संक्रांति के पर्व में शेष दिन बच गये हो. लेकिन, बाजारों में मकर संक्रांति को लेकर बिकने वाली पतंगों की बिक्री शुरू हो गयी है. दूसरी ओर स्कूलों में छुट्टी की वजह से बच्चे भी इन दिनों अपने घरों की छतों पर सुबह से शाम तक पतंगबाजी करते हुए नजर आ रहे हैं. ऐसे में आसमान भी रंग-बिरंगी पतंगों से आबाद नजर आ रहा है. चमन लाल तालाब के समीप के पतंग विक्रेता जफर अंसारी व मिंटू अंसारी ने बताया कि इस बार पतंगों में विशेष मैसेज लिखे पतंग बच्चे ज्यादा पसंद कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि बाजार में 5 रुपये से लेकर 60 रुपये तक की बिक्री की पतंगें उपलब्ध है. वहीं, बनारस का मांझा युवाओं व बच्चों को खासा लुभा रहा है.
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