कैमूर में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल, दो साल बाद भी नहीं बना उर्दू स्कूल भवन, छात्र-शिक्षक परेशान

Updated:
विज्ञापन
School

उच्च माध्यमिक विद्यालय की तस्वीर

Kaimur News: कैमूर जिले के दुर्गावती प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित उर्दू उच्च माध्यमिक विद्यालय डुमरी में शिलान्यास के करीब दो वर्ष बाद भी भवन निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है. भवन के अभाव में छात्रों और शिक्षकों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.

विज्ञापन

Kaimur News:(सचिता सिंह) दुर्गावती प्रखंड क्षेत्र के डुमरी स्थित उत्क्रमित उर्दू उच्च माध्यमिक विद्यालय में भवन निर्माण कार्य अब तक शुरू नहीं हो सका है. लगभग दो वर्ष पूर्व विद्यालय भवन के निर्माण को लेकर शिलान्यास किया गया था, जिससे ग्रामीणों और विद्यालय परिवार में उम्मीद जगी थी कि अब बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था उपलब्ध होगी. लेकिन दो वर्ष बीत जाने के बाद भी भवन निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से स्थिति जस की तस बनी हुई है.

भवन के अभाव में वैकल्पिक व्यवस्था पर चल रहा स्कूल

विद्यालय में भवन की कमी के कारण पठन-पाठन कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उर्दू उत्क्रमित मध्य विद्यालय डुमरी में कुल लगभग 11 कमरे हैं, जिनमें से एक कमरा कार्यालय कार्य के लिए उपयोग किया जाता है. विद्यालय में कक्षा 1 से 8 तक लगभग 450 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं. वहीं उत्क्रमित उर्दू उच्च माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 9 से 12 तक के करीब 350 विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं. भवन के अभाव में उच्च माध्यमिक कक्षाओं की पढ़ाई मध्य विद्यालय के कमरों में ही किसी तरह वैकल्पिक व्यवस्था के तहत कराई जा रही है.

सुरक्षा की दृष्टि से चारदीवारी भी नहीं

विद्यालय परिसर में सुरक्षा की स्थिति भी चिंताजनक है. विद्यालय के पास स्थित तालाब में अक्सर पानी भरा रहता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है. ग्रामीणों का कहना है कि भवन के साथ-साथ विद्यालय परिसर में चारदीवारी का निर्माण भी अत्यंत आवश्यक है, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.

1936 में हुई थी विद्यालय की स्थापना

जानकारी के अनुसार, डुमरी गांव स्थित इस विद्यालय की स्थापना वर्ष 1936 में प्राथमिक विद्यालय के रूप में हुई थी। बाद में इसे उर्दू उत्क्रमित मध्य विद्यालय के रूप में अपग्रेड किया गया. सरकार की योजना के तहत वर्ष 2016-17 में इसे उत्क्रमित उर्दू उच्च माध्यमिक विद्यालय के रूप में अपग्रेड किया गया था, ताकि बच्चों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिल सकें. विद्यालय के नाम लगभग 1 एकड़ 24 डिसमिल भूमि का एनओसी भी उपलब्ध है.

शिलान्यास के बाद भी नहीं शुरू हुआ काम

ग्रामीणों के अनुसार, शिलान्यास के समय निर्माण कार्य को लेकर बालू तक गिराया गया था, लेकिन इसके बाद दो वर्षों में भी कार्य शुरू नहीं हो सका. स्थानीय लोगों का कहना है कि अब तक भवन निर्माण शुरू नहीं होना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है.

ग्रामीणों और शिक्षकों की प्रतिक्रिया

सेवानिवृत्त शिक्षक नेसार खान सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि भवन नहीं होने से शिक्षकों और छात्रों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. विद्यालय में दो शिफ्ट में किसी तरह पढ़ाई कराई जा रही है. प्रधानाध्यापक सलामखान ने भी पुष्टि की कि भवन निर्माण का शिलान्यास हुए लगभग दो वर्ष हो चुके हैं, लेकिन अब तक कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि भवन निर्माण कब शुरू होगा, इसकी कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है. डुमरी स्थित इस विद्यालय में भवन और चारदीवारी का अभाव शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर असर डाल रहा है. ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द भवन निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है, ताकि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके.

Also Read: उपेंद्र कुशवाहा पर समाज को बांटने का आरोप, कांग्रेस नेता ने जताई चिंता

विज्ञापन
रागिनी शर्मा

लेखक के बारे में

By रागिनी शर्मा

वर्तमान में मैं, रागिनी शर्मा पटना स्थित प्रभात खबर डिजिटल की टीम के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हूं. यहां मैं बिहार के विभिन्न जिलों से जुड़ी अहम खबरों, राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर काम कर रही हूं. मेरा उद्देश्य हर खबर को सरल, सटीक और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करना है, ताकि पाठक न सिर्फ जानकारी प्राप्त करें बल्कि उससे जुड़ाव भी महसूस करें और डिजिटल पत्रकारिता को और अधिक सार्थक बनाया जा सके.

पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही मैंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. अपने कॉलेज के समय में हिंदुस्तान के साथ इंटर्नशिप के दौरान मुझे पहली बार वेब पोर्टल पर खबर लिखने और डिजिटल न्यूज राइटिंग का व्यावहारिक अनुभव मिला. इसी दौरान मैंने न्यूज़ लेखन, हेडलाइन स्ट्रक्चर और डिजिटल स्टोरी प्रेजेंटेशन की बुनियादी समझ विकसित की.

इसके बाद वर्ष 2025 में पत्रकारिता में ग्रेजुएशन पूरा करने के साथ ही मैंने अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत की. डिजिटल मीडिया में मेरी पहली भूमिका फर्स्ट बिहार झारखंड के साथ रही, जहाँ मैंने एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग के माध्यम से बिहार के जमीनी मुद्दों को कवर किया. इस दौरान मैंने राज्य की राजनीति, सामाजिक सरोकारों और आम जनता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सक्रिय रूप से रिपोर्टिंग की.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन