कैमूर के मोहनिया अस्पताल में बड़ा फर्जीवाड़ा, MBBS डॉक्टर के नाम पर हो रही ठगी, आयुष चिकित्सक के भरोसे मरीज़
अस्पताल की तस्वीर
Kaimur Health Fraud: कैमूर के अनुमंडलीय अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. यहां MBBS डॉक्टर के नाम पर मरीजों की पर्ची काटी जा रही थी, जबकि इलाज आयुष चिकित्सक कर रहे थे. प्रतिदिन सैकड़ों मरीजों वाले इस अस्पताल में ऐसी व्यवस्था ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने सुधार का आश्वासन दिया है.
Kaimur Health Fraud:( विनोद कुमार सिंह) कैमूर जिले के मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां सामान्य ओपीडी में मरीजों की पर्ची MBBS डॉक्टर डॉ. विंध्याचल के नाम पर काटी जा रही थी, लेकिन असल में मरीजों का इलाज आयुष चिकित्सक द्वारा किया जा रहा था. मंगलवार को यह व्यवस्था खुलकर सामने आई, जिससे अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं.
सैकड़ों मरीज रोज आते हैं, लेकिन डॉक्टरों की भूमिका संदिग्ध
मोहनिया अनुमंडलीय अस्पताल जिले के प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में से एक है, जहां हर दिन सैकड़ों मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं. ऐसे में अगर मरीजों को यह पता ही न हो कि उनका इलाज किस डॉक्टर द्वारा किया जा रहा है, तो यह गंभीर लापरवाही मानी जा रही है. हालांकि अस्पताल में महिला रोग विशेषज्ञ और दंत रोग विशेषज्ञ अपने-अपने कक्ष में मौजूद थे, लेकिन सामान्य ओपीडी पूरी तरह आयुष डॉक्टर के भरोसे चलती दिखी.

डॉक्टरों की भरमार, फिर भी आयुष के सहारे ओपीडी
जानकारी के अनुसार, अस्पताल में एक दर्जन से अधिक महिला व पुरुष डॉक्टरों के साथ दो दर्जन से अधिक जीएनएम की तैनाती है. इसके बावजूद सामान्य ओपीडी में MBBS डॉक्टर की अनुपस्थिति और आयुष चिकित्सक द्वारा इलाज किया जाना कई सवाल खड़े करता है. कभी इसी अस्पताल में एक साथ दो-दो MBBS डॉक्टर ओपीडी संभालते थे. लेकिन अब हालात बदल चुके हैं और व्यवस्था कमजोर होती दिख रही है.
मरीजों को नहीं होती सही जानकारी
गर्मी के इस मौसम में दूर-दराज से मरीज अच्छे इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचते हैं. लेकिन उन्हें यह जानकारी नहीं होती कि जिस डॉक्टर से वे इलाज करा रहे हैं. वह MBBS नहीं बल्कि आयुष चिकित्सक हैं. इससे मरीजों की सुरक्षा और इलाज की गुणवत्ता पर भी सवाल उठते हैं.
अस्पताल उपाधीक्षक ने क्या कहा?
इस मामले पर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. प्रेम शंकर सिंह ने कहा कि उन्होंने हाल ही में पदभार संभाला है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि किसी अन्य डॉक्टर के नाम पर पर्ची काटकर आयुष चिकित्सक इलाज कर रहे हैं, तो यह गलत है और इसकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे बड़े सवाल
मोहनिया जैसे महत्वपूर्ण अस्पताल में इस तरह की व्यवस्था न केवल प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि यह मरीजों के भरोसे के साथ भी खिलवाड़ है. अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और कब तक व्यवस्था में सुधार होता है.
Also Read: क्रिकेटर आकाशदीप के पैतृक गांव पहुंचे CM सम्राट, परिवार से मुलाकात कर दी बधाई
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Ragini Sharma
वर्तमान में मैं रागिनी शर्मा पटना स्थित प्रभात खबर डिजिटल की टीम के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हूं. यहां मैं बिहार के विभिन्न जिलों से जुड़ी अहम खबरों, राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर काम कर रही हूं. मेरा उद्देश्य हर खबर को सरल, सटीक और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करना है, ताकि पाठक न सिर्फ जानकारी प्राप्त करें बल्कि उससे जुड़ाव भी महसूस करें और डिजिटल पत्रकारिता को और अधिक सार्थक बनाया जा सके. पत्रकारिता की पढ़ाई के दौरान ही मैंने प्रिंट और डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. अपने कॉलेज के समय में हिंदुस्तान के साथ इंटर्नशिप के दौरान मुझे पहली बार वेब पोर्टल पर खबर लिखने और डिजिटल न्यूज राइटिंग का व्यावहारिक अनुभव मिला. इसी दौरान मैंने न्यूज़ लेखन, हेडलाइन स्ट्रक्चर और डिजिटल स्टोरी प्रेजेंटेशन की बुनियादी समझ विकसित की. इसके बाद वर्ष 2025 में पत्रकारिता में ग्रेजुएशन पूरा करने के साथ ही मैंने अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत की. डिजिटल मीडिया में मेरी पहली भूमिका फर्स्ट बिहार झारखंड के साथ रही, जहाँ मैंने एंकरिंग और ग्राउंड रिपोर्टिंग के माध्यम से बिहार के जमीनी मुद्दों को कवर किया. इस दौरान मैंने राज्य की राजनीति, सामाजिक सरोकारों और आम जनता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सक्रिय रूप से रिपोर्टिंग की.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










