ePaper

71 वर्ष बाद भी पसाई विद्यालय का अपना बाउंड्रीवाॅल नहीं, हादसे का डर

Updated at : 03 Feb 2026 4:22 PM (IST)
विज्ञापन
71 वर्ष बाद भी पसाई विद्यालय का अपना बाउंड्रीवाॅल नहीं, हादसे का डर

आवारा पशुओं का बसेरा बना स्कूल परिसर, गंदगी के बीच बच्चे पढ़ाई करने को मजबूर

विज्ञापन

आवारा पशुओं का बसेरा बना स्कूल परिसर, गंदगी के बीच बच्चे पढ़ाई करने को मजबूर – बाउंड्रीवाॅल के लिए दर्जनों बार विभाग को लिखा गया पत्र, अब तक नहीं हुई कोई पहल रामपुर. प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत पसाई पंचायत मुख्यालय गांव में सरकार द्वारा वर्ष 1955 से विद्यालय संचालित किया जा रहा है. पहले यहां प्राथमिक विद्यालय उसके बाद उत्क्रमित मध्य विद्यालय पसाई के नाम से संचालित होता है. इस विद्यालय में छोटे-बड़े 10 कमरे हैं. इसमें वर्ग एक से लेकर आठवीं कक्षा तक कक्षा संचालन आठ कमरों में होता है. विद्यालय में आठ शिक्षक-शिक्षिकाएं हैं, जबकि कक्षा एक से आठ तक 154 छात्र-छात्रा नामांकित हैं. विद्यालय के एचएम सच्चिदानंद गुप्ता ने बताया कि इस विद्यालय की स्थापना वर्ष 1955 में हुई है. इस प्रकार यहां इस विद्यालय को संचालित होते 71 वर्ष हो गये, लेकिन अब तक विद्यालय का अपना बाउंड्रीवाॅल (चहारदीवारी) विभाग द्वारा नहीं बनवाया गया है. इस स्थिति में विद्यालय बंद रहने के दौरान आवारा पशुओं का बसेरा बना रहता है. विद्यालय में बने भवन का बरामदा पशुओं के गोबर व मूत्र से सना रहता है. कभी-कभी तो विद्यालय पहुंचते ही छोटे बच्चे खेलने के दौरान गोबर में गिर जाते हैं, जिससे उनके कपड़े गंदे हो जाते हैं. चहारदीवारी नहीं होने से आसानी से पशु परिसर में प्रवेश कर जाते हैं, जो जहां-तहां गंदा कर देते हैं. इसके अलावा विद्यालय की बगल से ही मुख्य सड़क गुजरी है, जो प्रखंड मुख्यालय होते हुए बेलांव रोहतास जिला के चेनारी बाजार, दुर्गावती जलाशय व भगवानपुर मुंडेश्वरी को जोड़ती है. सैकड़ों वाहनों का आना-जाना लगा रहता है, जिससे कभी भी बच्चों के साथ अप्रिय घटना से इंकार नहीं किया जा सकता. विद्यालय का मध्यांतर होते ही बच्चे सड़क तक आ जाते हैं या खेलने के दौरान सड़क तक दौड़ लगा देते हैं. इसके साथ ही परिसर को हरा-भरा बनाये रखने के लिए रंग-बिरंगी फूल-पत्तियों के अलावा कई प्रकार के पौधे भी हर वर्ष लगाये जाते हैं, लेकिन विद्यालय का बाउंड्रीवॉल नहीं होने से आवारा पशु उन्हें चट कर जाते हैं. वहीं, एचएम ने यह भी बताया कि दर्जनों बार छात्र-छात्राएं दुर्घटना का भी शिकार हो चुके हैं, जिन्हें हॉस्पिटल तक ले जाना पड़ा. संयोग अच्छा है कि अभी तक बच्चों के साथ कोई बड़ी अप्रिय घटना या कोई अनहोनी नहीं हुई है. वाहन से हाथ कटने-छिलने सहित चोट लग कर ही रह गया है. बाउंड्रीवाॅल के लिए मौखिक व लिखित मेरे द्वारा अनेकों बार व पूर्व के एचएम द्वारा भी दर्जनों बार आवेदन देकर विभाग को सूचित करते हुए पत्र लिखा गया, लेकिन अब तक कोई पहल नहीं हो सकी है. गौरतलब है कि बीइओ, बीडीओ व अन्य वरीय पदाधिकारियों का इसी रास्ते प्रखंड मुख्यालय आना-जाना होता है, लेकिन किसी की नजर इस विद्यालय के बाउंड्रीवाॅल की ओर नहीं जाती है. किसी प्रकार की अनहोनी बच्चों के साथ न हो इसे लेकर विभाग व प्रशासन को ध्यान देने की जरूरत है.

विज्ञापन
VIKASH KUMAR

लेखक के बारे में

By VIKASH KUMAR

VIKASH KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन