सिविल कोर्ट में डुवल व्यू एक्स-रे बैगेज स्कैनर व मेडल डिटेक्टर से होकर मिलेगा प्रवेश

अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय के मुख्य गेट की बगल में बनेगा आधुनिक उपकरण द्वार
फोटो:-2 डुवल व्यू एक्स-रे बैगेज स्कैनर लगाने को लेकर मेजर को स्थल दिखाते नाजिर # अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय के मुख्य गेट की बगल में बनेगा आधुनिक उपकरण द्वार # अधिवक्ता व ताइद को आइकार्ड के साथ न्यायालय में करना होगा प्रवेश # न्यायालय परिसर में जज, न्यायालय कर्मी व अधिवक्ताओं के वाहन को ही मिलेगी इंट्री # प्रभात एक्सक्लूसिव # मोहनिया सदर. अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय में प्रवेश करने वाले लोगों व उनके बैग, सामानों इत्यादि की सटीक जांच के बाद ही कोर्ट परिसर में प्रवेश करना होगा. सुरक्षा की दृष्टि से न्यायालय के मुख्य गेट की बगल में एक नया प्रवेश द्वार बनाया जायेगा, जो पूरी तरह आधुनिक उपकरणों से लैस होगा. इसमें डुवल व्यू एक्स-रे बैगेज स्कैनर व मेडल डिटेक्टर लगाया जायेगा, इस उपकरण के लगने से कोई भी व्यक्ति बिस्फोटक सामग्री, हथियार या प्रतिबंधित वस्तु बैग, झोला आदि में लेकर न्यायालय परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेगा. न्यायालय परिसर में प्रवेश करने वाले व्यक्तियों के सामानों की जांच डुवल व्यू एक्स-रे बैगेज स्कैनर से किया जायेगा. जबकि, बिना बैग, झोला के इंट्री करने वाले लोगों को मेडल डिटेक्टर द्वार से होकर गुजरना होगा. हालांकि वर्तमान समय में भी न्यायालय भवन के बरामदे में लगे चैनल गेट के पास मेडल डिटेक्टर गेट बनाया गया है, जहां उपस्थित महिला व पुरुष पुलिस के जवान कोर्ट भवन में प्रवेश करने वाले सभी लोगों पर नजर रखते हैं. डुवल व्यू एक्स-रे बैगेज स्कैनर को लगाये जाने को लेकर न्यायालय पहुंची विशेषज्ञों की टीम के साथ एसीजेएम प्रथम डाॅ आलोक रंजन ने स्थल का मुआयना किया न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष एहतियात बरतते हुए माननीय न्यायाधीश द्वारा यह निर्देश जारी किया गया है कि न्यायालय परिसर में न्यायाधीश, न्यायालय कर्मचारी, कैदी वाहन व अधिवक्ताओं के वाहनों के सिवाय अन्य किसी भी वाहनों को प्रवेश नहीं करने दिया जायेगा. व्यवहार न्यायालय के नाजिर प्रेमचंद लाल ने बताया कि इन दिनों न्यायालय के आसपास कुछ आसामाजिक प्रवृति के लोगों की चहलकदमी बढ़ने की सूचना मिल रही है, जिससे सुरक्षा को लेकर सर्तकता बढ़ायी जा रही है. न्यायालय की सुरक्षा में तैनात पुलिस अधिकारी व जवानों को सख्त निर्देश दिया गया है कि किसी भी परिस्थिति में न्यायालय परिसर में अनाधिकृत वाहनों को इंट्री नही करने दिया जायेगा. # अधिवक्ताओं को करना होगा ड्रेस कोड का पालन न्यायालय की सुरक्षा को लेकर माननीय न्यायाधीश डाॅ आलोक रंजन ने स्पष्ट निर्देश जारी किया है कि न्यायालय परिसर में प्रवेश करने के लिए अधिवक्ताओं को अपने ड्रेस कोड व आइ कार्ड के साथ प्रवेश करना होगा अधिवक्ता लिपिक (ताइद) को भी अपना आइ कार्ड दिखाने के बाद ही न्यायालय परिसर में प्रवेश करने की अनुमति सुरक्षा कर्मी देंगे. नाजिर प्रेमचंद लाल ने बताया कि काला पैंट व सफेद शर्ट पहन कर कोई भी व्यक्ति अधिवक्ता के रूप में चकमा देकर न्यायालय परिसर में प्रवेश कर सकता है. इसको ध्यान में रखते हुए न्यायालय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अधिवक्ताओं को अपने ड्रेस कोड व आइ कार्ड के साथ आने पर ही कोर्ट में इंट्री मिलेगी. # सीसीटीवी कैमरे लगते तो और सुरक्षित हो जाता न्यायालय देश के कई न्यायालय में पेशी के दौरान आने वाले कैदियों व अधिवक्ताओं की गोली मारकर हत्या व जानलेवा हमलों जैसी वारदातों को अंजाम देकर अपराधियों के आसानी से न्यायालय परिसर से भाग जाने जैसी घटनाओं को लेकर लंबे समय से अधिवक्ता न्यायालय परिसर में मुख्य स्थानों पर हाई क्वालिटी के सीसीटीवी कैमरे लगवाने की मांग करते रहें है. जिस तरह न्यायालय की सुरक्षा को देखते हुए डुवल व्यू एक्स-रे बैगेज स्कैनर, मेडल डिटेक्टर गेट लगवाने के साथ कोर्ट परिसर में अनाधिकृत वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाया जा रहा है. यदि उसी तरह मुख्य स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगवा दिये जाते तो न्यायालय आने वाले सभी लोगों की गतिविधियों पर आसानी से नजर रखी जा सकती है. आपराधिक घटनाओं को अंजाम देने या संदिग्ध लोगों की पहचान करने में पुलिस को काफी सहूलियत होती, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत हो जाती.
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