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डीपीओ की जांच में पहाड़िया उच्च विद्यालय की खुली पोल

Updated at : 23 Nov 2025 4:54 PM (IST)
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डीपीओ की जांच में पहाड़िया उच्च विद्यालय की खुली पोल

जांच के दौरान पढ़ाई व परीक्षा छोड़ मैदान में बैठे मिले शिक्षक, जवाब तलब

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जांच के दौरान पढ़ाई व परीक्षा छोड़ मैदान में बैठे मिले शिक्षक, जवाब तलब = प्रधानाध्यापक सहित तीन शिक्षकों से तीन दिनों में मांगा गयी रिपोर्ट, नहीं देने पर होगी कार्रवाई भभुआ नगर. भगवानपुर प्रखंड के उच्च विद्यालय पहाड़िया में बीते शुक्रवार को जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (समग्र शिक्षा अभियान) विकास कुमार डीएन के औचक निरीक्षण के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आयी है, जिसने शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विद्यालयों की पोल खोल कर रख दी है. डीपीओ की जांच में विद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों की स्थिति चिंताजनक पायी गयी. डीपीओ के निरीक्षण के समय चारों शिक्षक पढ़ाई और परीक्षा छोड़ कर विद्यालय परिसर के मैदान में बैठे मिले. विशेष बात यह रही कि डीपीओ द्वारा विद्यालय से अन्य जगह निरीक्षण के लिए निकलने के बाद लौटते समय भी वे शिक्षक पुनः मैदान में ही बैठे मिले, जिससे स्पष्ट हुआ कि यहां शिक्षकों का शैक्षणिक कार्यों में कोई विशेष रुचि नहीं है. इतना ही नहीं डीपीओ के विद्यालय जांच के दौरान विद्यार्थियों की परीक्षा चल रही थी, लेकिन शिक्षक यह तक नहीं बता सके कि परीक्षा का टाइम-टेबल क्या है. डीपीओ द्वारा जब परीक्षा ले रहे संबंधित शिक्षक से परीक्षा संबंधी जानकारी पूछे गये, तो वे जवाब देने में पूरी तरह असमर्थ रहे. इससे शिक्षण व्यवस्था की गंभीर लापरवाही उजागर हुई. इतना ही नहीं, विद्यालय में विद्युत कनेक्शन और कक्षाओं में बल्ब मौजूद होने के बावजूद परीक्षा के समय बल्ब नहीं जलाये गये थे और छात्र अंधेरे कमरे में बैठकर परीक्षा देने को मजबूर थे. जबकि, मामूली प्रयास से रोशनी उपलब्ध करायी जा सकती थी. इतना ही नहीं डीपीओ ने निरीक्षण में पाया कि शिक्षकों का क्लासरूम की गतिविधियों पर कोई ध्यान नहीं था. परीक्षा की निगरानी, उपस्थिति, शिक्षण कार्य और विद्यालय अनुशासन सभी मोर्चों पर लापरवाही साफ नजर आयी. डीपीओ ने स्थिति को अत्यंत गंभीर मानते हुए तत्काल संज्ञान लिया और विद्यालय प्रशासन को जवाब-तलब किया गया. जारी आदेश में विद्यालय के प्रधानाध्यापक सहित तीन शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. डीपीओ ने जारी आदेश में उन्हें तीन दिनों का समय दिया है, जिसके भीतर संतोषजनक जवाब देना अनिवार्य है. आदेश में स्पष्ट कहा है कि निर्धारित समय में यदि उचित स्पष्टीकरण नहीं दिया गया या लापरवाही सिद्ध हुयी, तो संबंधित प्रधानाध्यापक व शिक्षकों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जायेगी. विभाग का मानना है कि इस तरह की उदासीनता से बच्चों की पढ़ाई और परीक्षा प्रणाली बुरी तरह प्रभावित होती है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. – क्या कहते हैं अधिकारी इस संबंध में पूछे जाने पर डीपीओ समग्र शिक्षा अभियान विकास कुमार डीएन ने कहा कि भगवानपुर प्रखंड के उच्च विद्यालय पहाड़िया की जांच में कई अनियमितता व खामियां पायी गयी हैं. इस पर संज्ञान लेते हुए प्रधानाध्यापक सहित तीन शिक्षकों को जवाब तलब किया गया है. तीन दिनों के अंदर उचित जवाब नहीं देने पर कार्रवाई की जायेगी. साथ ही कहा कि विद्यालयों में शिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ करने और जवाबदेही तय करने के लिए ऐसे औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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