Tirupati मंदिर लड्डू विवाद को लेकर बिहार में प्रदर्शन, पूर्व सीएम का पुतला फूंका, फांसी की मांग
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 21 Sep 2024 7:56 PM
Tirupati Laddu Controversy: भगवान तिरुपति के प्रसाद बनाने में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है. लड्डुओं में घी के बजाय जानवरों की चर्बी का उपयोग किया गया. ये मिलावट पिछली सरकार के दौरान दिए गए घी के ठेके के चलते हुई है.
रंजीत पटेल, भभुआ. तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसाद में मिलावटी घी पाए जाने के बाद आंध्र प्रदेश सहित पूरे देश में विवाद खड़ा हो गया है. सनातन धर्म के लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध करना शुरू कर दिया है. इधर तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसाद में मिलावटी घीव दिए जाने पर शनिवार को दर्जनों की संख्या में सनातन धर्म मानने वाले लोगों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रकट करते हुए शहर के एकता चौक पर आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी का पुतला दहन करते हुए नारे बाजी किया.
फांसी की मांग
पुतला दहन में शामिल सनातन धर्म लंबियों ने कहा कि मिलावटी घीव सप्लाई में जो भी व्यक्ति दोषी हो इसकी उच्च स्तरीय जांच कराते हुए दोषियों को फांसी की सजा दी जाए. गौरतलब है कि आंध्र के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने दो दिन पहले लैब रिपोर्ट के हवाले से दावा किया था कि, मंदिर के प्रसादम में प्रयोग होने वाले शुद्ध घी में जानवरों की चर्बी मिली हुई है. भगवान तिरुपति के प्रसाद बनाने में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है. लड्डुओं में घी के बजाय जानवरों की चर्बी का उपयोग किया गया. ये मिलावट पिछली सरकार के दौरान दिए गए घी के ठेके के चलते हुई है.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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