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सदर अस्पताल में सीवीसी मशीन अक्सर रहती है खराब, मरीज परेशान

Updated at : 24 Aug 2024 9:09 PM (IST)
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सदर अस्पताल में सीवीसी मशीन अक्सर रहती है खराब, मरीज परेशान

डेंगू व बुखार से पीड़ित मरीजों को सदर अस्पताल की लैब में अक्सर खराब रहने वाली कंप्लीट ब्लड काउंट यानी सीवीसी मशीन दोहरा दर्द दे रही है.

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भभुआ सदर. डेंगू व बुखार से पीड़ित मरीजों को सदर अस्पताल की लैब में अक्सर खराब रहने वाली कंप्लीट ब्लड काउंट यानी सीवीसी मशीन दोहरा दर्द दे रही है. बुखार के मरीजों के शरीर में प्लेटलेट्स की स्थिति जानने के लिए डॉक्टर उन्हें सीबीसी जांच कराने की सलाह देते हैं. लेकिन, सदर अस्पताल के पैथोलॉजी विभाग में लगा सीवीसी मशीन अक्सर खराब रहने से मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है. सदर अस्पताल स्थित पैथोलॉजी विभाग में लगा सीवीसी मशीन पिछले कई दिनों से खराब पड़ी हुई थी, शनिवार को मशीन की मरम्मत कर चालू किया गया. लेकिन, मशीन की क्षमता प्रतिदिन 50 जांच की ही है और प्रतिदिन दो सौ से अधिक मरीजों की सीवीसी जांच हो रही है. इसके चलते मशीन के फिर से खराब होने की आशंका पैथोलॉजिस्ट भी व्यक्त कर रहे हैं. सदर अस्पताल स्थित पैथोलॉजिस्ट विभाग के इंचार्ज उपेंद्र नारायण ने बताया कि मशीन काफी पुरानी हो चुकी है और इसकी क्षमता प्रतिदिन 50 मरीजों के सीवीसी जांच की है. लेकिन प्रतिदिन दो सौ से अधिक महिला व पुरुष मरीजों की सीवीसी जांच की जा रही है. अब क्षमता बढ़ जाने से मशीन अक्सर खराब हो जा रही है. खराब रहने के चलते शनिवार को ही इंजीनियर द्वारा मशीन की मरम्मत कर चालू किया गया है, लेकिन लोड बढ़ जाने से पुनः इसके खराब होने की संभावना है. उधर, डॉक्टरों का कहना था कि मौसम के चलते बुखार से पीड़ित लगभग आधे मरीजों को सीबीसी जांच लिखना मजबूरी है. जांच में प्लेटलेट्स कम मिलने पर डेंगू टेस्ट कराया जाता है. = एक एसी रहने से ज्यादा रहता है लैब का तापमान उधर, सदर अस्पताल स्थित पैथोलॉजी लैब में कार्यरत स्टाफ सदस्यों का कहना था कि लैब में रखी मशीनों को चलाने के लिए हर समय 20 डिग्री के आसपास तापमान का होना जरूरी है. लेकिन लैब में एक ही एसी लगी हुई है, इस कारण तापमान ज्यादा रहता है. तापमान बढ़ने के कारण बार-बार मशीन खराब हो रही है. यहां दो एसी की जरूरत है. यह व्यवस्था हो जाये तो कार्य में तेजी जायेगी. गौरतलब है कि सीवीसी परीक्षण में डब्ल्यूबीसी आरबीसी प्लेटलेट्स हीमोग्लोबिन का परीक्षण किया जाता है. इससे व्यक्ति के स्वास्थ्य व रोग की जटिलता का आकलन करने में चिकित्सक को सुविधा होती है. = भेजा गया हैं प्रस्ताव सदर अस्पताल में सीवीसी मशीन के अक्सर खराब रहने के संबंध में अस्पताल उपाधीक्षक डॉ विनोद कुमार ने बताया कि मशीन की क्षमता सीमित है, जिसके चलते मशीन अक्सर खराब पड़ जा रही है. फिलहाल मरम्मत कराकर चालू करा दिया गया है. उच्च क्षमता वाली सीवीसी मशीन के लिए प्रस्ताव भेजा गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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