Kaimur News: शराब रखने के आरोप में गिरफ्तार शख्स को कोर्ट ने नहीं भेजा जेल, पुलिस को ही देना होगा जवाब

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 04 Jan 2025 9:50 PM

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भोला यादव (File)

Kaimur News: बिहार के कैमूर जिले में शराब रखने के आरोप में गिरफ्तार शख्स को कोर्ट ने वीडियो फुटेज में दिखे साक्ष्य के कारण जेल भेजने से इंकार कर दिया है. कोर्ट ने इस मामले में पुलिस से ही स्पष्टीकरण देने को कहा है.

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Kaimur News: कैमूर के भभुआ के चैनपुर थाना क्षेत्र के बडीहां गांव से 29 दिसंबर को 4.500 लीटर महुआ शराब रखकर बेचे जाने के मामले में गिरफ्तार किए गए 83 वर्षीय भोला यादव को भभुआ व्यवहार न्यायालय एक्साइज- वन के कोर्ट द्वारा साक्ष्य के अभाव में जेल भेजने से इनकार करते हुए रिमांड अस्वीकृत कर दिया गया . मामले में प्राथमिकी दर्ज करने वाले सब इंस्पेक्टर रामेश्वर उरांव से न्यायालय द्वारा जवाब भी तलब किया गया है. यह आदेश भभुआ व्यवहार न्यायालय की एक्साइज वन कोर्ट के प्रभारी अपर सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार सिंह के द्वारा जारी किया गया है. न्यायालय द्वारा पुलिस के जेल भेजने के आग्रह को अस्वीकृत किए जाने के बाद उन्हें 10000 के बंधपत्र पर छोड़ दिया गया है.

जानें मामला

चैनपुर थाने में दर्ज प्राथमिक संख्या 473/ 24 के मुताबिक के जब सब इंस्पेक्टर रामेश्वर उरांव 29 दिसंबर की सुबह करीब 8:00 बजे गस्ती कर रहे थे तब चैनपुर थानेदार के द्वारा यह सूचना दी गई की बडीहां गांव के रघुनाथ यादव के पुत्र भोला यादव अपने घर के सामने राख के ढेर में शराब छुपा कर रखते हैं. वो चोरी छुपे शराब की बिक्री करते हैं. इस सूचना पर रामेश्वर उरांव अन्य पुलिस बल के साथ वहां छापेमारी करने पहुंचे तो पुलिस को देखकर 83 वर्षीय भोला यादव भागने लगे जिन्हें अन्य पुलिस बल के मदद से पीछा कर पकड़ा गया. उनके घर के सामने राख के ढेर से 4.500 लीटर महुआ शराब बरामद किया गया.

वीडियो फुटेज में क्या मिला

इसके बाबत जब भोला यादव से पूछा गया तो उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया. पुलिस द्वारा पूरे घटना का वीडियो ग्राफी भी कराई गई. इस प्राथमिकी और साक्ष्य के साथ 30 दिसंबर को भोला यादव को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के लिए चैनपुर पुलिस द्वारा एक्साइज वन के कोर्ट में पेश किया गया. एक्साइज वन के प्रभारी न्यायाधीश सुनील कुमार सिंह द्वारा अभियुक्त भोला यादव की रिमांड के लिए पेशी के दौरान पुलिस के द्वारा बनाए गए वीडियो फुटेज के अवलोकन में यह पाया कि पकड़ा गया शराब अभियुक्त भोला यादव की घर से या फिर उसके पास से बरामद नहीं किया गया है. शराब की बरामदगी अभियुक्त के घर के बाहर राख की ढेर से किया गया है. जबकि प्राथमिक में यह लिखा गया है कि पुलिस को देखकर अभियुक्त भागने लगा और उसे पीछा कर काफी मशक्कत के बाद पकड़ा गया.

न्यायालय का आदेश, पुलिस को देना होगा जवाब

अभियुक्त की उम्र 83 वर्ष है और वह चलने फिरने में असमर्थ है साथ ही पुलिस द्वारा बनाए गए वीडियो फुटेज में यह स्पष्ट रूप से दिख रहा है कि अभियुक्त यह कह रहा है कि इस शराब की उसे जानकारी नहीं है तथा उसे फंसाया जा रहा है. एक पड़ोसी से उसका जमीनी विवाद है वह पुलिस का काफी करीबी है. वही हमको फंसा रहा है और जमीनी विवाद का नोटिस भी दिखाया गया. ऐसे में अभियुक्त के खिलाफ जेल भेजने के लिए ठोस साक्ष्य नहीं होने के कारण रिमांड को अस्वीकृत किया जाता है एवं अभियुक्त भोला यादव को 10000 के बंध पत्र पर छोड़ा जाता है. साथ ही इस मामले में प्राथमिकी दर्ज करने वाले सब इंस्पेक्टर रामेश्वर उरांव से स्पष्टीकरण मांगी गई है. जिन्हें 10 दिनों में न्यायालय के द्वारा पूछे गए स्पष्टीकरण का जवाब देना है.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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