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शिकायत करनेवाली महिला ने किया खुलासा, एक साल से परेशान कर रहा था लकी आनंद

Updated at : 04 Jun 2025 9:24 PM (IST)
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शिकायत करनेवाली महिला ने किया खुलासा, एक साल से परेशान कर रहा था लकी आनंद

= मदद के नाम पर रिश्वत देने के लिए लगातार दबाव बना रहे थे दोनों पुलिस अधिकारी

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भभुआ सदर. बुधवार को 40 हजार रिश्वत लेते पकड़े गये भगवानपुर थाने के दोनों एएसआइ राशिद कमाल और लकी आनंद बाइक एजेंसी के मालिक पर काफी समय से दबाव बना रहे थे. पटना निगरानी विभाग में रिश्वत मांगे जाने की शिकायत करनेवाली महिला भगवानपुर थाना क्षेत्र के परमालपुर गांव निवासी प्रिंस सिंह की पत्नी चांदनी देवी ने बताया कि रिश्वत देने के लिए उनलोगों पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था. दारोगा लकी आनंद लगभग एक साल पहले जब वह भभुआ थाने में थे, तब से वह उन लोगों को परेशान कर रहे थे. महिला ने बताया कि भगवानपुर में उनका प्रताप ऑटो नाम से बजाज की एजेंसी है. हाल फिलहाल पतरिहा गांव के रहनेवाले मुन्ना पासवान के बेटे अमित पासवान ने उनके ससुर प्रताप सिंह, पति प्रिंस सिंह और सूरज कुमार सिंह के खिलाफ एससी-एसटी मामले में भगवानपुर थाने में केस दर्ज कराया गया था. इस एसटी-एससी केस के अनुसंधानकर्ता एएसआइ राशिद आलम थे. जिनके द्वारा दरवाजे पर पुलिस नहीं जाने और गिरफ्तारी से बचने के लिए 40 हजार रुपये की मांग की जा रही थी. जबकि इस पैसे के लेनदेन में एएसआइ लकी आनंद मध्यस्थता कर रहे थे. = झूठे केस में रिश्वत मांगने व प्रताड़ित किये जाने से थे परेशान महिला ने बताया कि पिछले कई दिनों से 40 हजार रुपये के लिए एएसआइ राशिद आलम और लकी आनंद के द्वारा उन्हें परेशान और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था. उनके प्रताड़ना से तंग आकर उनके द्वारा पटना निगरानी में दोनों एएसआइ के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी. इसके बाद निगरानी के अफसरों ने जांच कर कार्रवाई करने का भरोसा दिया. =दोनों पुलिस अफसरों को पकड़ने के लिए तीन दिन से विजिलेंस की टीम थी टोह में बुधवार को निगरानी के हाथों 40 हजार रुपये के साथ रंगे हाथ पकड़े गये राशिद आलम और उसके सहयोगी लकी आनंद के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए स्टेट विजिलेंस ने एएसआइ मणिकांत सिंह से मामले का सत्यापन कराया गया. सत्यापन के लिए विजिलेंस की टीम तीन दिन पहले ही भगवानपुर पहुंच गयी थी. जहां विजिलेंस की जांच में पुलिस अधिकारियों के रिश्वत मांगे जाने का मामला सही पाया गया. इसके बाद निगरानी डीएसपी समीरचंद्र झा, पवन कुमार झा और मिथिलेश कुमार के नेतृत्व में दोनों पुलिस अधिकारियों को रिश्वत के रुपये के साथ पकड़ने के लिए जाल बिछाया और जैसे ही बाइक एजेंसी का एक स्टॉफ एएसआइ राशिद आलम को रिश्वत के 40 हजार रुपये देकर लौटा. उसके बाद ही पहले से वहां मौजूद निगरानी की टीम ने रिश्वत के लिये 40 हजार रुपये के साथ एएसआइ राशिद आलम और लकी आनंद को अपने हिरासत में ले लिया. निगरानी में शिकायत दर्ज कराने वाली महिला चांदनी देवी के अनुसार जब उसके स्टॉफ ने एएसआइ राशिद आलम को पैसे दे आया, तो उनके द्वारा पूछा गया तो एएसआइ ने बताया कि पैसे उसे मिल गये है, अब वह निश्चिंत रहे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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PANCHDEV KUMAR

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PANCHDEV KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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