कैमूर में 'मुकदमा-मुक्त गांव' की पहल, सिविल कोर्ट में कम्युनिटी मेडिएशन पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू

Author Vikash kumar|Edited by Vivek Singh
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फोटो.1. तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन करते मुख्य अतिथि | Prabhat Khabar Network

कैमूर में 'मुकदमा-मुक्त ग्रामीण भारत' अभियान के तहत तीन दिवसीय कम्युनिटी मेडिएशन प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हो गया है. यह कार्यक्रम गांवों में छोटे-छोटे विवादों को आपसी सहमति से सुलझाने पर केंद्रित है. इसका उद्देश्य लोगों को लंबी और खर्चीली अदालती प्रक्रियाओं से बचाना है.

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Kaimur Community Mediation Training : प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, कैमूर के निर्देश पर रविवार से व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित प्राधिकार भवन में तीन दिवसीय कम्युनिटी मेडिएशन प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हुई. राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (NALSA), नई दिल्ली एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के तत्वावधान में आयोजित इस प्रशिक्षण का उद्देश्य 'कम्युनिटी मेडिएशन-एक मुकदमा-मुक्त ग्रामीण भारत' अभियान के तहत गांवों में छोटे-छोटे विवादों का आपसी सहमति से समाधान सुनिश्चित करना है.

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Kaimur News : दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ, न्यायिक अधिकारियों ने किया उद्घाटन.

प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-वरिष्ठ प्रशिक्षित न्यायिक अधिकारी एवं मध्यस्थ प्रमोद कुमार पांडेय, जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव डॉ. शैल तथा वरिष्ठ मध्यस्थ अधिवक्ता एवं अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष रवींद्र नाथ चौबे ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया. कार्यक्रम का संचालन मेराज अंसारी ने किया. इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रशासनिक कर्मी एवं न्यायिक स्टाफ भी मौजूद रहे.

ग्रामीण विवादों को अदालत पहुंचने से पहले सुलझाने पर दिया गया जोर

प्रशिक्षण के पहले दिन प्रमोद कुमार पांडेय और रवींद्र नाथ चौबे ने नालसा एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार की निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप विस्तृत प्रशिक्षण दिया. उन्होंने बताया कि यदि गांवों में होने वाले छोटे-मोटे विवादों का समय रहते बातचीत और मध्यस्थता के जरिए समाधान कर लिया जाए, तो लोगों को लंबी, खर्चीली और जटिल अदालती प्रक्रिया से बचाया जा सकता है. प्रतिभागियों को मध्यस्थता के कानूनी पहलुओं, संवाद कौशल और दोनों पक्षों के बीच सहमति बनाने के तरीके भी बताए गए.

15 कम्युनिटी मीडिएटर्स ले रहे प्रशिक्षण, पंचायत स्तर तक पहुंचेगा अभियान

प्रशिक्षण शिविर में जिले के विभिन्न ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से चयनित 15 कम्युनिटी मीडिएटर्स भाग ले रहे हैं. इनमें मनीष सिंह, उपेंद्र राम, रामअशीष पाल, जगदीश प्रसाद, सतेन्द्र प्रसाद, नगीना बिंद, विजय यादव, तपेश्वर तिवारी, श्याम नारायण प्रसाद, विजयशंकर सिंह यादव, निलेश कुमार सिंह, रामअवतार सिंह यादव, गौतम पांडेय, मनोज पांडेय और मोहम्मद जीवन खान शामिल हैं.

हर पंचायत में तैयार होंगे प्रशिक्षित मध्यस्थ, बढ़ेगी सामाजिक समरसता

जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव डॉ. शैल ने बताया कि तीन दिवसीय प्रशिक्षण के समापन के बाद ऐसे प्रशिक्षित मध्यस्थ तैयार किए जाएंगे, जो गांव और पंचायत स्तर पर आपसी विवादों का शांतिपूर्ण समाधान कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. इससे समाज में सौहार्द, शांति और भाईचारा मजबूत होगा तथा मुकदमा-मुक्त ग्रामीण भारत की परिकल्पना को साकार करने में मदद मिलेगी.


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