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नयी बिहार विशिष्ट शिक्षक नियमावली को लेकर शिक्षकों ने जतायी नाराजगी

Updated at : 21 Dec 2024 8:53 PM (IST)
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नयी बिहार विशिष्ट शिक्षक नियमावली को लेकर शिक्षकों ने जतायी नाराजगी

बिहार सरकार की नयी बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक नियमावली 2024 को लेकर बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के शिक्षकों ने गोलबंद होते हुए शनिवार कि शाम नगर पालिका मध्य विद्यालय परिसर में बैठक की.

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भभुआ नगर. बिहार सरकार की नयी बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक नियमावली 2024 को लेकर बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के शिक्षकों ने गोलबंद होते हुए शनिवार कि शाम नगर पालिका मध्य विद्यालय परिसर में बैठक की. बैठक के बाद शिक्षकों ने कहा कि बिहार सरकार नयी बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक नियमावली शिक्षकों के लाभ नहीं बल्कि सजा देने के लिए बनायी गयी है इसमें शिक्षकों के सेवा संहिता में सुधार यथा सेवा निरंतरता, समस्थानिक इंडेक्स में वेतन निर्धारण, ऐच्छिक स्थानांतरण, ग्रेच्युटी, ग्रुप बीमा, सेवांत लाभ, पूर्व की सेवा पर प्रोन्नति इत्यादि लाभप्रद प्रावधानों का कहीं कोई उल्लेख नहीं है. जबकि, 12 पृष्ठों की नियमावली में 10 पृष्ठों में सिर्फ शिक्षकों को सजा देने के प्रावधानों का ही उल्लेख किया गया है. यह सेवाशर्त नियमावली के बदले दंडात्मक कार्रवाई की नियमावली प्रतीत हो रही है. साथ ही शिक्षकों ने कहा लाखों शिक्षकों ने स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन किया हैं, परंतु स्थानांतरण काे लेकर स्पष्ट उल्लेख नियमावली में नहीं किया गया है. स्थानांतरण के लिए स्पष्ट उल्लेख नियमावली में नहीं होने के कारण सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण सभी शिक्षक निराश हो गये हैं, उन्हें लगता है कि कहीं उनका स्थानांतरण अब कानूनी पेच में न फंस जाये. वहीं, विशिष्ट शिक्षकों की सेवा संपुष्टि के लिए समय सीमा निश्चित ही नहीं की गयी है, ऐसे में सेवा संपुष्टि को अधर में लटका दिया गया है, इससे शिक्षकों को भारी क्षति है. शिक्षकों ने कहा कि विगत 21 वर्षों से निरंतर सेवा करने वाले शिक्षकों के पूर्व की सेवा की कोई चर्चा नहीं की गयी है. बल्कि पूर्व की सेवा शून्य हो गयी है, इससे अब तक की सेवा पर मिलने वाला प्रोन्नति, वित्तीय लाभ, समस्थानिक इंडेक्स में वेतन निर्धारण सहित अन्य लाभ भी समाप्त हो गया है. शिक्षकों ने कहा कि नयी नियमावली में सेवा संहिता के नाम पर सिर्फ और सिर्फ दंड संहिता का व्याख्यान है. यह नियोजित शिक्षकों के लिए कहीं से भी लाभदायक नहीं है बल्कि, अपने हितों को लेकर आंदोलन करने तथा अपने हक को लेकर आवाज बुलंद करने वाले शिक्षकों को रोकने का तुगलकी पुलिंदा है. शिक्षकों ने कहा कि नियमावली में शिक्षकों को प्रोत्साहित करने वाला कोई भी प्रावधान नहीं किया गया है, सिर्फ शिक्षकों पर कार्रवाई करने के लिए दंडात्मक प्रावधानों को जोड़ा गया है. बैठक की अध्यक्षता संतोष प्रसाद ने की. मौके पर दिलीप कुमार तुलसी पटेल सहित कई शिक्षक मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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