सिर को छू रहे बिजली के तार
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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िबल वसूली का चल रहा अिभयान, व्यवस्था पर ध्यान नहीं शहर के अधिकतर मुहल्ले में छह से सात फीट पर झूले रहे हैं तार अधिकारी दे रहे ठीक करने का आश्वासन कवर्ड वायर लगाने का काम अब तक आधा-अधूरा भभुआ शहर : शहर की आबादी व बिजली कनेक्शनधारियों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई है. […]
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िबल वसूली का चल रहा अिभयान, व्यवस्था पर ध्यान नहीं
शहर के अधिकतर मुहल्ले में छह से सात फीट पर झूले रहे हैं तार
अधिकारी दे रहे ठीक करने का आश्वासन
कवर्ड वायर लगाने का काम अब तक आधा-अधूरा
भभुआ शहर : शहर की आबादी व बिजली कनेक्शनधारियों की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हुई है. इसे देखते हुए शहर में बिजली व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गयी है. शहर के कई इलाकों में बिजली व्यवस्था पुराने ढर्रे पर ही चल रही है. कई जगहों पर, तो हाल यह है कि जमीन से छह से सात फीट की ऊंचाई पर बिजली के तार झूल रहे हैं. कई जगहों पर लोग बांस के सहारे बिजली ले जाकर अपने घरों को रोशन कर रहे हैं. शहर की यह स्थिति लंबे समय से है.
विभाग दो वर्षों से पूरे शहर को कवर्ड वायर से लैस करने का सिर्फ दावा कर रहा है. विभाग ने जिन कंपनियों को शहर में कवर्ड वायर से लैस करने की जिम्मेवारी दी है उनके द्वारा सिर्फ खानापूर्ति ही की जा रही है. अधिकरी यही रट लगा रहे हैं, कि धीरे- धीरे पूरे शहर को कवर्ड वायर केबल से लैस कर दिया जायेगा.
निजी बिजली कंपनी को दिया गया जिम्मा: साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने शहर सहित ग्रामीण इलाकों को कवर्ड वायर से लैश करने की योजना बनायी है. इसके तहत विभाग एक निजी कंपनी प्रवीण इलेक्ट्रिकल्स को शहर में कवर्ड वायर केबल लगाने की जिम्मेदारी दी गयी है.
शहर में झुलते तारों की वजह से कई हादसे हुए, लेकिन विभाग पूरी तरह इन हादसों से बेपरवाह है. उसे सिर्फ अपने बिजली बिल की उगाही से मतलब रह गया है. उपभोक्ताओं के घरों तक कैसे बिजली पहुंचती है, इन सब बातों से विभाग के अधिकारियों को कोई मतलब नहीं है. विभाग सिर्फ बिजली आपूर्ति को लेकर नये-नये दावे करता रहता है़ उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली पहुंचाने की जिम्मेवारी किसकी है, पर विभाग के अधिकारी पूरी तरह मौन हैं.
नंगे तार दे रहे हादसों को आमंत्रण
शहर के बाइपास रोड, अष्टभुजी चौक का इलाका, सीवों नहर का इलाका, पुराना बजार के पीछे का मुहल्ला, थाने के पीछे सहित दो दर्जन से अधिक मुहल्ले हैं, जहां के उपभोक्ता या तो अपने घरों तक बिजली बांस के सहारे ले गये हैं या फिर विभाग द्वारा लगाये गये तार किसी छत के ऊपर से गुजर रहे हैं या फिर विभाग द्वारा लगाये गये तार इतने नीचे हो गये हैं कि आने-जाने वालों के सिर को छू सकते है.
क्या कहते हैं अधिकारी
शहर में कवर्ड वायर लगाया जा रहा है. शहर के कुछ जगहों पर काम पूरा भी किया जा चुका है. शेष जगहों पर भी जल्द ही तार लगा दिये जायेंगे.
संतोष कुमार, कार्यपालक अभीयंता प्रोजेक्ट
कवर्ड वायर का कार्य आधा-अधूरा
शहर में कवर्ड वायर का काम, तो हो रहा है, लेकिन कुछ खास मुहल्ले और सरकारी विभागों के कार्यालय तक ही इस तरह के वायर लगाये गये हैं. अन्य क्षेत्रों के उपभोक्ता आज भी कवर्ड वायर केबल की पहुंच से दूर हैं. इसका नतीजा है कि शहर में नंगे तार की वजह से हादसे हो रहे हैं. विभाग इन हादसों पर मरहम लगाने के बजाय उपभोक्ताओं के दोष गिनाने लगते हैं. बिजली कनेक्शन देने के समय यह भी नहीं देखा जाता कि घरों या प्रतिष्ठानों तक बिजली कैसे पहुंचेगी.
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