बंद हुई निगरानी, तो लोग सड़कों पर करने लगे शौच

Updated at : 09 Aug 2018 5:33 AM (IST)
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बंद हुई निगरानी, तो लोग सड़कों पर करने लगे शौच

31 तक जिले में ओडीएफ को लेकर चलाया जा रहा अभियान भभुआ शहर : जिले को 31 अगस्त तक खुले में शौचमुक्त बनाने को लेकर जिला प्रशासन द्वारा अभियान चलाया जा रहा है. इसके लिए जिला प्रशासन दिन रात एक किये हुए है. इसका कमान खुद डीएम डॉ नवल किशोर चौधरी, डीडीसी व अन्य वरीय […]

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31 तक जिले में ओडीएफ को लेकर चलाया जा रहा अभियान

भभुआ शहर : जिले को 31 अगस्त तक खुले में शौचमुक्त बनाने को लेकर जिला प्रशासन द्वारा अभियान चलाया जा रहा है. इसके लिए जिला प्रशासन दिन रात एक किये हुए है. इसका कमान खुद डीएम डॉ नवल किशोर चौधरी, डीडीसी व अन्य वरीय अधिकारी संभाले हुए है. खुद डीएम ओडीएफ नहीं हो चुके भभुआ, मोहनिया, नुआंव, रामगढ़ आदि प्रखंडो में जाकर रात्री चौपाल, बाइक रैली, स्वच्छता कार्यक्रम कर लोगों को जागरूक करने का काम कर रहे है. जिला प्रशासन निर्धारित समय में खुले में शौच मुक्त कराने में लगी हुई है. इसके पहले तत्कालीन डीएम राजेश्वर प्रसाद सिंह के समय में भी जिला को ओडीएफ करने का समय निर्धारित किया गया था.
लेकिन नहीं हो पाया. उस समय सभी प्रखंडों में पंचायत स्तर के सभी वार्डों में निगरानी समिति बनायी गयी थी. ताकि महिलाएं व लोग सड़कों के किनारे शौच नहीं करें. उन्हें टॉर्च, सीटी दी गयी थी. उन्हें सुबह व शाम सड़कों के किनारे शौच करने वाले महिला व पुरुषों की निगरानी का काम दिया गया था. लेकिन कई माह से सदर प्रखंड भभुआ व रामपुर प्रखंड में निगरानी समिति की काम करती हुई नहीं दिख रही है. इसलिए तो ही सबार भभुआ मुख्य सड़क के रामपुर प्रखंड व भभुआ प्रखंड के कई गांव के सड़क पर शौच दिखने लगी है. सड़क के किनारे शौच रामपुर प्रखंड के सबार, झाली, बहेरी, भीखमपुरा, धरवार, शिवपुर, अमाढ़ी, यदुपुर आदि गांवों में देखा जा सकता है.
दुर्गंध से हो रही परेशानी : सबार भभुआ मुख्य सड़क के कई गांवों के सड़क के किनारे खुले में शौच करने से गंदगी फैलने लगी है. जिससे लोगों को आने जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. लोगों का कहना है कि सड़कों पर कुछ माह पहले सड़कों पर शौच होना बंद हो गया था. लेकिन बरसात के मौसम आने से एक बार फिर खुले में सड़कों पर शौच होने लगा है. सड़कों पर शौच किये जाने से निकलने वाली दुर्गंध से आने जाने वाले राहगीरों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है. लोगों को नाक पर रूमाल रख कर या नाक बंद से उस पथ से गुजरना पड़ रहा है. इससे संक्रामक बीमारी फैलने की भी आशंका पैदा होने लगी है.
जागरूकता का है अभी भी अभाव : जानकार लोगों का कहना है कि इस अभियान के पहले चलाये गये जागरूकता अभियान व निगरानी समिति के सदस्यों द्वारा सड़कों पर निगरानी किये जाने के बाद से सड़कों पर शौच नहीं दिख रहा था. लेकिन इन दिनों फिर से सड़कों पर शौच दिखने लगा है. इस मामले में जानकार लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम के पहले महिलाएं व युवतियां सड़कों पर शौच नहीं करती थी. वे गर्मी के मौसम में खेतों के खाली होने के बाद उसमें रुख करती थी.
क्या बोले बीडीओ
इस संबंध में भभुआ बीडीओ प्रदीप कुमार झा ने बताया कि अगर ऐसा बात है तो निगरानी समिति के सदस्यों को एक बार फिर से एक्टिव किया जायेगा. प्रेरकों को लगातार निर्देश दिया जा रहा है कि सुबह शाम फॉलोअप कराया जाये. लोगों को खुले में शौच नहीं करने उसके लाभ व हानि के बारे में बताएं. लोग शौचालय का निर्माण करा कर उसका उपयोग करें और प्रोत्साहन राशि का लाभ उठाएं.
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