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Jehanabad : स्थायी लोक अदालत की स्थापना से जिलेवासियों को मिलेगा नि:शुल्क न्याय

Updated at : 02 Jul 2025 10:47 PM (IST)
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Jehanabad : स्थायी लोक अदालत की स्थापना से जिलेवासियों को मिलेगा नि:शुल्क न्याय

राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर जिले के व्यवहार न्यायालय प्राधिकार भवन में स्थायी लोक अदालत (लोक उपयोगिताएं सेवाएं) की स्थापना से जिलेवासियों को विभिन्न प्रकार की लोक उपयोगिताएं सेवाएं से संबंधित मामलाें परिवहन, डाक, टेलीग्राफ, बिजली, पानी, अस्पताल, बीमा, शिक्षा, आवास, बैंकिंग एवं नन बैंकिंग आदि के मामले दायर कर निःशुल्क न्याय प्राप्त कर सकते हैं. इस व्यवस्था से जिलेवासियों को मिलेगी विशेष लाभ.

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जहानाबाद नगर. राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर जिले के व्यवहार न्यायालय प्राधिकार भवन में स्थायी लोक अदालत (लोक उपयोगिताएं सेवाएं) की स्थापना से जिलेवासियों को विभिन्न प्रकार की लोक उपयोगिताएं सेवाएं से संबंधित मामलाें परिवहन, डाक, टेलीग्राफ, बिजली, पानी, अस्पताल, बीमा, शिक्षा, आवास, बैंकिंग एवं नन बैंकिंग आदि के मामले दायर कर निःशुल्क न्याय प्राप्त कर सकते हैं. इस व्यवस्था से जिलेवासियों को मिलेगी विशेष लाभ. स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष के रूप में सेवानिवृत्त प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज शंकर एवं गैर न्यायिक सदस्य के रूप में अनिता कुमारी एवं मंजू कुमारी योगदान दिया है. स्थायी लोक अदालत के पीठ अध्यक्ष व दोनों गैर न्यायिक सदस्यों के द्वारा विधिज्ञ संघ में विधिक जागरूकता के माध्यम से 7 जुलाई सभी उपस्थित जनों को लोक उपयोगिता सेवाएं से संबंधित जानकारी प्राप्त करायी जायेगी. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ब्रजेश कुमार ने बताया कि जिले के लिए यह गौरव का विषय है. बहुत वर्षों के बाद अब उन्हें अन्य संस्थान में न्याय के लिए जगह-जगह भटकना नहीं पड़ेगा. प्राधिकार के भवन के अंदर ही लोक उपयोगिताएं से संबंधित सेवाओं का लाभ प्राप्त हो सकेगा. इसमें कोई भी पक्ष जो विवाद से संबंधित है, विवाद को किसी न्यायालय में ले जाने से पहले स्थाई लोक अदालत में आवेदन कर सकता है. आवेदन में दोनों पक्षों को लिखित बयान दाखिल करना होता है. यदि सुलह का प्रयास सफल नहीं होता है, तो स्थाई लोक अदालत विवाद का निर्णय लेती है, जो अंतिम और बाध्यकारी होता है. स्थाई लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य विवादों को आपसी सुलह और समझौते के माध्यम से निबटारा करना है, यदि सुलह से निबटारा नहीं हो पाता है, तो स्थाई लोक अदालत मामले के गुण- अवगुण के आधार पर अपना निर्णय (अवार्ड ) देती है, इसके फैसले के खिलाफ किसी भी न्यायालय में अपील नहीं की जा सकती है, विवाद को न्यायालय में लाने से पहले, पक्ष स्थाई लोक अदालत में आवेदन कर सकते हैं. स्थाई लोक अदालत का वित्तीय अधिकार क्षेत्र एक करोड़ रुपए तक के मामले का निबटारा करने का होता है, तेजी से विवाद का निबटारा हो जाता है, खर्चे में कमी, कोर्ट फीस नहीं होती है. विवादों को आपसी सुलह और समझौते के माध्यम से निबटारा किया जाता है. कोर्ट में मुकदमा दायर करने की आवश्यकता नहीं होती है, आवेदन करना आसान होता है, स्थाई लोक अदालत एक ऐसा मंच है जो विवादों के त्वरित और किफायती निबटारे के लिए एक विकल्प प्रदान करता है, स्थाई लोक अदालत में आवेदन करने के बाद, उसी विवाद में किसी अन्य न्यायालय में आवेदन करने की अनुमति नहीं होती है. स्थायी लोक अदालत में आम जनता को अनौपचारिक सस्ता और शीघ्र न्याय प्रदान करती है. इस व्यवस्था का जहानाबाद एवं अरवल जिले के निवासी भरपूर लाभ प्राप्त कर सकेंगे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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MINTU KUMAR

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By MINTU KUMAR

MINTU KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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