अरवल और करपी में आंगनवाड़ी केंद्रों पर टीएचआर वितरण, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को मिला पोषाहार

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टी एच आर का वितरण  | Prabhat Khabar Network

टीएचआर का हुआ वितरण

जिला पदाधिकारी के निर्देश पर अरवल और करपी प्रखंड के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर टेक होम राशन (टीएचआर) का सफल वितरण संपन्न हुआ. इस पहल से गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और 3 वर्ष तक के बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुसार पोषाहार मिला.

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Arwal News: जिला पदाधिकारी के निर्देशानुसार अरवल और करपी प्रखंड के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों पर टेक होम राशन (टीएचआर) का सफलतापूर्वक वितरण कराया गया. इस दौरान गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं तथा 6 माह से 3 वर्ष तक के बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पोषाहार उपलब्ध कराया गया.

पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से हुआ वितरण

टीएचआर वितरण कार्य को सुव्यवस्थित, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संपन्न कराया गया, ताकि प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक पोषण सामग्री समय पर पहुंच सके. वितरण कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए संबंधित बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों (सीडीपीओ) और महिला पर्यवेक्षिकाओं ने अपने-अपने क्षेत्रों के आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया.

जिला स्तर से भी हुई निगरानी

वितरण कार्य की नियमित निगरानी जिला स्तर से भी की गई. अधिकारियों ने विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित किया कि सभी पात्र लाभार्थियों को निर्धारित मात्रा में पोषाहार उपलब्ध कराया जाए.

पोषण और स्वास्थ्य के प्रति किया जागरूक

निरीक्षण के दौरान लाभार्थियों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व, बच्चों के समुचित पोषण, नियमित टीकाकरण, स्वच्छता तथा मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य से संबंधित आवश्यक जानकारी दी गई. आंगनवाड़ी सेविकाओं ने कुपोषण की रोकथाम और बेहतर पोषण के लिए लाभार्थियों को आवश्यक परामर्श भी दिया.

अन्य प्रखंडों में भी हुआ वितरण

जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने बताया कि कलेर, कुर्था और सोनभद्र बंशी सूर्यपुर प्रखंडों में 29 जुलाई को टीएचआर का वितरण किया जा चुका है. इसका उद्देश्य जिले के सभी पात्र लाभार्थियों तक समय पर पोषण सामग्री पहुंचाना है.

पोषण योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर

जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि समेकित बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) के अंतर्गत संचालित सभी पोषण योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए.

उन्होंने कहा कि पोषण सेवाओं की नियमित निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन से ही स्वस्थ और कुपोषण मुक्त समाज के निर्माण का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है. जिला प्रशासन मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को मजबूत बनाने तथा कुपोषण की रोकथाम के लिए निरंतर प्रयासरत है.


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