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पत्नी की हत्या के आरोप में दो साल से जेल में बंद कैदी की हुई मौत

Updated at : 03 May 2024 10:28 PM (IST)
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पत्नी की हत्या के आरोप में दो साल से जेल में बंद कैदी की हुई मौत

जिले के काको मंडल कारा में अपनी पत्नी की हत्या के आरोप में पिछले दो साल से बंद बंदी रंजीत दास की शुक्रवार को सदर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गयी.

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जहानाबाद.

जिले के काको मंडल कारा में अपनी पत्नी की हत्या के आरोप में पिछले दो साल से बंद बंदी रंजीत दास की शुक्रवार को सदर अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गयी. कैदी की मौत के बाद सदर अस्पताल पहुंचे उसके परिजनों ने जमकर बवाल काटा. वे लोग जेल प्रशासन पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग कर रहे थे. रंजीत दास के परिजनों का कहना है कि जेल प्रशासन ने न तो जेल में उसे सही खान-पान दिया और न ही उसका समुचित इलाज कराया. दो साल पहले जब रंजीत जेल गया था तो वह पूर्ण रूप से स्वस्थ था. रंजीत की बीमारी की सूचना भी उसके परिजनों को नहीं दी गयी. परिजनों का आरोप है कि जब उसकी मौत हो गई तब उसे जानकारी दी गई कि रंजीत सदर अस्पताल में मृत पड़ा है. पिछले दो साल में जेल में सही खान-पान नहीं मिलने के कारण रंजीत कमजोर हो गया और वह बीमार पड़ गया. इसके बाद उसका समुचित इलाज नहीं कराया गया. अंतिम समय में उसे सदर अस्पताल लाया गया, जिसके कारण उसने सदर अस्पताल में उचित इलाज के अभाव में अपना दम तोड़ दिया. परिजनों ने बताया कि काको थाना क्षेत्र के सुलेमानपुर गांव के रंजीत दास की पत्नी ने दो साल पहले आत्महत्या कर ली थी. उस समय रंजीत ईंट भट्ठे पर काम कर रहा था, किंतु ससुराल वालों ने उस पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर दिया, जिसके कारण उसे जेल जाना पड़ा. अब जेल प्रशासन ने बेकसूर रंजीत को उचित खाना और इलाज न देकर उसे मौत की नींद सुला दिया. सदर अस्पताल में रंजीत के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था. सभी दहाड़ मार कर रो रहे थे और जेल प्रशासन को कोस रहे थे. भाकपा-माले के विधायक रामबली यादव ने जहानाबाद मंडल कारा को मौत की कुआं की संज्ञा देते हुए कहा कि जेल में यह पहली घटना नहीं है. इसके पहले हुलासगंज के एक-तीन साल की बच्ची की भी जेल में मौत हो गयी थी. जेल प्रशासन घोर लापरवाह है. उस पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. रंजीत दास को समुचित समय पर इलाज उपलब्ध कराना चाहिए था और पहले अगर उसका समुचित इलाज होता, उसे पहले जहानाबाद सदर अस्पताल भेजा जाता. इलाज का पूरा समय मिलता. अगर यहां उसके इलाज की समुचित सुविधा नहीं थी तो पटना के बड़े अस्पताल में भेजा जाता तो उसकी जान बच सकती थी. उन्होंने कहा कि सरकार गरीबों की जान लेने पर तुली है. बहुजन समाज पार्टी के व्यास मुनि दास ने भी जेल प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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