जहानाबाद के काको में अकीदत और शांति के साथ मनाया गया चहल्लुम, अलीनगर पाली का मातमी जुलूस रहा आकर्षण का केंद्र
जुलुश में शामिल लोग
हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की याद में जहानाबाद के काको प्रखंड में चहल्लुम अकीदत और शांति के साथ मनाया गया. अलीनगर पाली के मातमी जुलूस ने श्रद्धालुओं का ध्यान खींचा. विशेष मजलिसों और नौहाख्वानी के साथ यह पर्व संपन्न हुआ.
Jehanabad News: हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के 72 शहीदों की याद में मनाया जाने वाला चहल्लुम मंगलवार को काको प्रखंड क्षेत्र में अकीदत, श्रद्धा और शांतिपूर्ण माहौल के बीच संपन्न हुआ. परंपरा के अनुसार विभिन्न इमामबाड़ों और कर्बला से मातमी जुलूस निकाले गए. इनमें अलीनगर पाली का मातमी जुलूस आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए.
पांच दिनों तक चली मजलिस और नौहाख्वानी
अलीनगर पाली स्थित इमामबाड़ा में पिछले पांच दिनों से मजलिस और नौहाख्वानी का आयोजन किया जा रहा था. चहल्लुम के अवसर पर आयोजित विशेष मजलिस को संबोधित करते हुए शिया वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष सैयद सलमान हुसैन और मोहसिन अली मासूमी ने कर्बला की घटना का मार्मिक वर्णन किया.
उन्होंने कहा कि हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों ने सत्य, न्याय, इंसाफ, सब्र और मानवता की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया, जो पूरी इंसानियत के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत रहेगा. उनके संबोधन से मजलिस में मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं और पूरा माहौल गमगीन हो उठा.
नौहाख्वानी और मातमी जुलूस के साथ अदा हुई पहलाम की रस्म
मजलिस के बाद सैयद मुबारक हसन ने नौहाख्वानी की. इसके उपरांत सीना-जनी (मातम), फातिहाख्वानी और मातमी जुलूस निकाला गया. जुलूस गांव के विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए ताजिया और सिपर के साथ अलीनगर पाली स्थित कर्बला पहुंचा, जहां पारंपरिक तरीके से पहलाम की रस्म अदा की गई.
जगह-जगह लगी सबील और लंगर
चहल्लुम के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर सबील लगाकर शर्बत और पेयजल की व्यवस्था की गई. वहीं लंगर का भी आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की.
चहल्लुम का महत्व
अरबी में "अरबईन" (चालीस) और फारसी में "चहल्लुम" का अर्थ चालीसवां दिन होता है. यह पर्व आशूरा के 40 दिन बाद पैगंबर हजरत मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) के नवासे हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मनाया जाता है. इस अवसर पर अकीदतमंद उनकी कुर्बानी को याद कर खिराज-ए-अकीदत पेश करते हैं और सत्य, न्याय तथा इंसानियत के रास्ते पर चलने का संकल्प दोहराते हैं.
प्रशासन रहा पूरी तरह मुस्तैद
चहल्लुम को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा. जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी. प्रशासन की निगरानी में पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ.
प्रमुख लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर हैदर काजमी, अली इमाम, अकील काजमी, मुन्ना अकबरी, शहजाद काजमी, हामिद हुसैन, गालिब हुसैन, कबीर इमाम, जावेद इमाम, सैयद मोहम्मद अली, मजहर इमाम सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद उपस्थित रहे.
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