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Jehanabad : तीन प्रखंडों के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को नहीं मिल रही एक्स-रे की सुविधा

Updated at : 25 May 2025 10:33 PM (IST)
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Jehanabad : तीन प्रखंडों के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को नहीं मिल रही एक्स-रे की सुविधा

जिले के तीन प्रखंड स्तरीय सरकारी अस्पतालों में एक्स-रे की सुविधा अभी तक उपलब्ध नहीं करायी गयी है जिसके कारण इन अस्पतालों में दुर्घटना में घायल होकर आने वाले और हड्डी रोग से पीड़ित मरीजों को एक्स-रे कराने के लिए सदर अस्पताल आना पड़ता है.

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जहानाबाद. जिले के तीन प्रखंड स्तरीय सरकारी अस्पतालों में एक्स-रे की सुविधा अभी तक उपलब्ध नहीं करायी गयी है जिसके कारण इन अस्पतालों में दुर्घटना में घायल होकर आने वाले और हड्डी रोग से पीड़ित मरीजों को एक्स-रे कराने के लिए सदर अस्पताल आना पड़ता है. जिले के सिकरिया पीएचसी, रेफरल अस्पताल घोसी और शकुराबाद सीएचसी में अभी तक एक्स-रे की मशीन नहीं लगायी गयी है जिसके कारण इन अस्पतालों में इलाज के लिए जाने वाले हड्डी रोग के मरीजों के अलावा विभिन्न दुर्घटनाओं में घायल होकर आने वाले मरीजों को एक्स-रे की सुविधा नहीं मिलती है. जबकि दुर्घटना में घायल और हड्डी रोग से पीड़ित मरीजों के लिए एक्स-रे बहुत जरूरी होता है.

सिकरिया पीएचसी, रेफरल अस्पताल घोसी व शकुराबाद सीएचसी में अब तक नहीं लगायी गयी एक्स-रे मशीन

वगैर एक्स-रे के ऐसे मरीजों का इलाज संभव नहीं है, बावजूद इसके उक्त अस्पतालों में एक्स-रे की सुविधा उपलब्ध नहीं करायी जा रही है. सिकरिया पीएचसी सदर प्रखंड जहानाबाद में है. जबकि शकुराबाद सीएसची जिसका नया भवन हाल ही में बनकर तैयार हुआ है वह रतनी फरीदपुर प्रखंड में है. रेफरल अस्पताल घोसी घोसी प्रखंड में है. कुछ महीने पहले तक जिले के मोदनगंज प्रखंड अंतर्गत ओकरी पीएचसी में भी एक्स-रे की सुविधा नहीं थी किंतु बाद में वहां एक्स-रे मशीन लगाकर यह सुविधा उपलब्ध करायी गयी है. बाकी प्रखंड के तीन सरकारी अस्पतालों में एक्स-रे की सुविधा नहीं रहने के कारण उक्त अस्पतालों के आसपास रहने वाले मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में इन अस्पताल में दुर्घटना में घायल होकर आने वाले मरीजों की प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें सदर अस्पताल जहानाबाद रेफर कर दिया जाता है क्योंकि वहां एक्स-रे करने की सुविधा नहीं है, बगैर एक्स-रे दुर्घटना में घायल मरीज का इलाज करने में डॉक्टर असमर्थ हो जाते हैं. दुर्घटना के दौरान मरीज की कौन सी हड्डी कहां फ्रैक्चर है अथवा किस जगह की हड्डी डीलोकेट हुई है, यह नहीं बताया जा सकता. बगैर इसकी जानकारी के मरीज इसका इलाज संभव नहीं है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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MINTU KUMAR

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MINTU KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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