पेयजल के लिए हाहाकार
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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दो चापाकलों से बुझ रही लोहा विगहा गांव की प्यास जहानाबाद नगर : जिले में एक ओर बाढ़ की विभीषिका से लोग परेशान हैं. वही दूसरी ओर पेयजल संकट से भी जुझना पड़ रहा है. जिले के घोसी, मोदनगंज तथा हुलासगंज इलाके के लोग फल्गु में आयी बाढ़ के कारण परेशान हैं तो काको प्रखंड […]
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दो चापाकलों से बुझ रही लोहा विगहा गांव की प्यास
जहानाबाद नगर : जिले में एक ओर बाढ़ की विभीषिका से लोग परेशान हैं. वही दूसरी ओर पेयजल संकट से भी जुझना पड़ रहा है. जिले के घोसी, मोदनगंज तथा हुलासगंज इलाके के लोग फल्गु में आयी बाढ़ के कारण परेशान हैं तो काको प्रखंड के कई गांव के लोग पेयजल की समस्या से जुझ रहे हैं.
इन गावों के लोगों को अपनी प्यास बुझाने के लिए भी लाखों जतन करना पड़ रहा है. काको प्रखंड के लोहा विगहा, चनौरा, लोदीपुर, सातनपुर, पहलविगहा आदि ऐसे कई गांव हैं जहाँ के लोग पानी के लिए जुझ रहे हैं. इन गांवों में लगे अधिकांश चापाकल सुख गया है. इक्का दुक्का चापाकल अगर पानी दे भी रहा है तो वह भी अगर कोई मोटर या फीटर चालू होता है तो पानी देना बंद कर देता है.
हालात इस कदर भयावह है कि लोग अहले सुबह ही पीने के लिए पानी एकत्रित कर लेते हैं. अगर कोई पानी एकत्रित करने से वंचित रह जाता है तो उसे दूसरे के घर से पानी मांगकर अपनी प्यास बुझानी पड़ती है. हालांकि जिले के कई इलाकों में बाढ़ का पानी फैलने के बाद जल स्तर सामान्य हो गया है लेकिन काको का यह इलाका आज भी पेयजल संकट से जुझने को मजबूर है.
इस इलाके की महिलायें अहले सुबह ही पेयजल के लिए वर्तन लेकर सरकारी नलकूप पर दस्तक दे देती हैं. इस नलकूप का उपयोग सिर्फ पेयजल के लिए ही किया जा रहा है. लोहा विगहा गांव में सौ घर से अधिक लोग वसे हैं. अधिकांश घरों में चापाकल लगा है लेकिन सबने जवाब देदिया है. सिर्फ दो चापाकल चालू है वह भी सुबह सुबह ही पानी देता है. ऐसे में इन चापाकलों पर महिलाओं की भारी भीड़ पानी के लिए एकत्रित होता है. इस दौरान पहले पानी लेने के चक्कर में कई बार महिलाओं के बीच तु तू मै मै भी होता है. हालांकि सभी महिलायें पेयजल संकट से जुझ रही होती हैं.
क्या कहते हैं ग्रामीण
पेयजल की समस्या के साथ ही सिंचाई की समस्या से भी जुझना पड़ रहा है. पर्याप्त बारिश नही होने के कारण अब तक धान रोपनी का कार्य भी सुचारू ढंग से आरम्भ नही हुआ है .
राज किशोर प्रसाद
क्या कहते है अधिकारी
ग्रामीणो द्वारा पेयजल संकट के संबंध में कोई शिकायत नही किया गया है. शिकायत मिलने पर इसका समाधान किया जायेगा .
निकंज कुमार, बीडीओ काको
उदेरा स्थान से इलाके की ओर आने वाली नहर को भी बीच में ही बांध दिया गया है जिसके कारण इस इलाके में सुखा की स्थिति बनी हुई है. धान रोपनी नही होने से किसान परेशान हैं .
मोती यादव
भू जलस्तर काफि नीचेचले जाने के कारण इलाके के अधिकांश चापाकल सुख गयी है. जो चापाकल तीन सौ फीट से अधिक गहरा है उसी चापाकल से पानी मिल रहा है
सुरेश यादव
पानी के लिए सुबह सुबह वर्तन लेकर चापाकल पर लाइन लगाना पड़ता है. पानी के लिए काफि जिल्लत भी झेलना पड़ रहा है लेकिन प्यास बुझाने के लिए पानी की व्यवस्था तो करना ही पड़ रहा है .
गीता देवी
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