माओवादी को रिमांड पर लेगी पुलिस

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जहानाबाद कोर्ट में समर्पण करनेवाले माओवादी को पुलिस रिमांड पर लेगी. हत्या की कई घटनाओं में उसकी संलिप्तता रही है. जहानाबाद : कड़ौना ओपी क्षेत्र के सेवनन गांव का रहनेवाले नंदकिशोर सिंह का नक्सली संगठन भाकपा माओवादी से गहरा रिश्ता रहा है. वह संगठन के ओहदेदारों में से एक है. वह 1990 के दशक से […]

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जहानाबाद कोर्ट में समर्पण करनेवाले माओवादी को पुलिस रिमांड पर लेगी. हत्या की कई घटनाओं में उसकी संलिप्तता रही है.

जहानाबाद : कड़ौना ओपी क्षेत्र के सेवनन गांव का रहनेवाले नंदकिशोर सिंह का नक्सली संगठन भाकपा माओवादी से गहरा रिश्ता रहा है. वह संगठन के ओहदेदारों में से एक है. वह 1990 के दशक से ही पूर्व का पीपुल्सवार और आज का भाकपा माओवादी संगठन का कट्टर समर्थक रहा है. उसे पुलिस रिमांड पर लेगी. एसपी आदित्य कुमार ने बताया कि नंदकिशोर सिंह भाकपा माओवादी संगठन में अपने इलाके के एरिया कमांडर के रूप में सक्रिय रहा है.
रिमांड पर लिये जाने के बाद उससे नक्सलियों के संबंध में कई अहम जानकारियां मिल सकती हैं. बता दें कि उक्त माओवादी नेता ने व्यवहार न्यायालय जहानाबाद के एसीजेएम-4 श्री सुधीर सिन्हा के न्यायालय में आत्मसमर्पण किया है. कई कांडों में संलिप्त नंदकिशोर को पकड़ने के लिए कड़ौना और कल्पा ओपी की पुलिस लगातार छापेमारी कर रही थी. कुछ दिनों पूर्व गिरफ्तार करने गयी पुलिस को चकमा देकर वह सेवनन गांव से मोटरसाइकिल से फरार हो गया था. लगातार छापेमारी से घबरा कर अंतत: उसने कोर्ट में सरेंडर कर दिया.
सेवनन गांव में पोकलेन जलाने के केस में भी पुलिस उसकी तलाश कर रही थी. पुलिस के अनुसार इन घटनाओं के अलावा हत्या के अन्य कई मामले में उसके खिलाफ लाल वारंट निर्गत था. पुलिस के अनुसार नंदकिशोर सिंह के अनुसार आठ स्थायी वारंट और सात बेतामिला वारंट कोर्ट के द्वारा निर्गत किया गया था.
अब रिमांड पर लेकर पुलिस उससे पूछताछ की तैयारी कर रही है. जिसमें पुलिस को कई अहम सुराग मिलने की संभावना है. बताया गया है कि उक्त माओवादी का सीधा संबंध संगठन के कई शीर्ष नेताओं के साथ रहा है.
सब इंस्पेक्टर व आरक्षी की हत्या है आरोप
बम से उड़ायी थी पुलिस की जीप
एसपी ने बताया कि 1990 के दशक में जब जहानाबाद जिला नक्सली संगठनों के कहर से जल रहा था. उस वक्त से ही नंदकिशोर सिंह ने अपने इलाके में संगठन की कमान संभाल रखी थी. उसके इशारे पर नक्सलियों ने कई उग्रवादी कांडों का अंजाम दिया. वर्ष 1999 में नक्सलग्रस्त कड़ौना ओपी से पश्चिम कुछ ही दूरी पर कड़ौना देवी मंदिर के समीप पुलिस दल पर माओवादियों ने हमला किया था. पुलिस की जीप बम से उड़ा दी गयी थी, जिसमें तत्कालीन सब इंस्पेक्टर अखिलेश सिंह और जीप के चालक डीएपी के जवान सिपाही राम विनोद सिंह शहीद हो गये थे.
इस उग्रवादी घटना के संबंध में कड़ौना ओपी में मामला दर्ज किया गया था. इसमें नंदकिशोर सिंह शामिल था. इस केस में वह फरार चल रहा था. इसके अलावा कुछ माह पूर्व कड़ौना के समीप एनएच 83 के चौड़ीकरण कार्य में प्रयुक्त ठेकेदार के एक पोकलेन मशीन को जला देने की घटना हुई थी.
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