जहां छलकता था जाम, आज है उदासी का आलम

Updated:
विज्ञापन

जहां छलकता था जाम, आज है उदासी का आलम मेला लगा रहता था वहां पसरा है सन्नाटाकई धंधेबाज हो गये रातो रात बेरोजगारकिंजर (अरवल). किंजर मांझी टोला में 31 मार्च तक अवैध शराब की बिक्री को लेकर मेला लगा रहता था. चार बजे संध्या के समय आस-पास के लगभग दो दर्जन गांव के लोग अपने […]

विज्ञापन

जहां छलकता था जाम, आज है उदासी का आलम मेला लगा रहता था वहां पसरा है सन्नाटाकई धंधेबाज हो गये रातो रात बेरोजगारकिंजर (अरवल). किंजर मांझी टोला में 31 मार्च तक अवैध शराब की बिक्री को लेकर मेला लगा रहता था. चार बजे संध्या के समय आस-पास के लगभग दो दर्जन गांव के लोग अपने घरों से निकलने के बाद सीधे किंजर मांझी टोली पहुंचते थे वहां जमकर महुआ गुड़ निर्मित अवैध शराब का सेवन करते थे. लगभग पांच दर्जन अवैध शराब की दुकानें सजी रहती थी. वहीं भोजपुरी संगीत की धुन भी सुनाई पड़ती थी. आस-पास में कई प्रकार के व्यंजन की दुकानें सजी रहती थी. अब वहां शासन प्रशासन की कड़ाई के बाद न अवैध शराब बिक रहा है और न पीने वाले जा रहे है. पूरा इलाका जो कल तक गुलजार था अब वीरान लग रहा है. कई लोग बेरोजगार हो गये हैं जो नीतीश को कोष रहे है. वैसी महिलाएं जिनके पति शराब पीकर घरों में ताडंव करते थे काफी खुश नजर आ रही हैं.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन