जहानाबाद में शांति और सद्भाव के साथ निकला ताजिया जुलूस, हिंदू-मुस्लिम समुदाय ने दिया भाईचारे का संदेश

Author Vikas Jha
Updated:
विज्ञापन

जहानाबाद में मुहर्रम पर निकला ताजिया जुलूस।

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

Jehanabad Muharram 2026: जहानाबाद में मोहर्रम का पर्व शांति और भाईचारे के माहौल में मनाया गया, जहां ताजिया जुलूस में मुस्लिम समुदाय के साथ बड़ी संख्या में हिंदू समुदाय के लोग भी शामिल हुए. जिलेभर में 138 स्थानों पर सुरक्षा बल और दंडाधिकारियों की तैनाती रही, जबकि सोशल मीडिया पर भी प्रशासन ने कड़ी निगरानी रखी.

विज्ञापन

जहानाबाद से संजय अनुराग की रिपोर्ट
Jehanabad Muharram 2026: जहानाबाद जिले में शांति और सद्भाव के साथ मोहर्रम का त्योहार मनाया गया. इस अवसर पर जहानाबाद जिला मुख्यालय सहित विभिन्न प्रखंडों में ताजिया का जुलूस निकाला गया. जहानाबाद शहर के विभिन्न मोहल्लों से ताजियों को एक निश्चित स्थान पर इकट्ठा करने के बाद भव्य जुलूस रवाना हुआ. यह जुलूस शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए भागीरथ बीघा पहुंचा, जहां पूरी अकीदत के साथ प्याला दिया गया. इस दौरान अकीदतमंदों ने खुदा से समाज में शांति, अमन, आपसी भाईचारा और तरक्की की विशेष दुआ मांगी.

विज्ञापन

हिंदू-मुस्लिम महिलाओं ने बांधे मन्नतों के धागे

जहानाबाद शहर के विभिन्न मुस्लिम मोहल्लों में इस बार एक से बढ़कर एक सुंदर ताज़ियों का निर्माण किया गया था, जिनमें थर्मोकोल का भरपूर उपयोग कर बेहतरीन नक्काशी उकेरी गई थी. ताज़ियों को रंग-बिरंगे बल्बों और मरकरी लाइटों से बेहद आकर्षक लुक दिया गया था. सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश करते हुए इस जुलूस में मुस्लिम समुदाय के साथ हिंदू समुदाय के लोग भी शामिल हुए. ताज़िए में मन्नत का धागा बांधकर साथ चलने वाली महिलाओं में हिंदू महिलाओं की संख्या भी अच्छी खासी थी, जो हजरत इमाम हुसैन से मन्नतें मांग रही थीं. जुलूस के दौरान लोग ‘या हुसैन’ के नारे लगा रहे थे और साथ में सिपल भी घुमाया जा रहा था.

दो दिनों का रोजा रख लोगों ने चखा खिचड़े का स्वाद

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मुहर्रम के पाक महीने से ही मुसलमानों के हिजरी वर्ष की शुरुआत होती है. इसी महीने की दसवीं तारीख को हजरत इमाम हुसैन कर्बला के मैदान में शहीद हुए थे, जिनकी याद में मुस्लिम समुदाय के लोग शोक मनाते हैं. इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों ने मुहर्रम की 9 और 10 तारीख को रमजान की तरह ही पवित्र रोजा रखा. शाम को भागीरथ बीघा में प्याला पड़ने के बाद रोजेदारों ने अपना रोजा खोला. इस मौके पर घरों में खिचड़ा, मलीदा सहित अन्य पकवान और शरबत बनाए गए थे, जिसे लोगों ने अपने इष्ट मित्रों और जुलूस में शामिल लोगों के बीच भी प्रेमपूर्वक बांटा.

कंट्रोल रूम से होती रही चप्पे-चप्पे की निगरानी

मोहर्रम के अवसर पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला और पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे. जिले भर में कुल 138 चिन्हित स्थानों पर दंडाधिकारियों (मजिस्ट्रेट) के साथ पुलिस बल तैनात थे. इसके अलावा असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने के लिए गश्ती दल तीन शिफ्टों में मुस्तैद रहा. अनुमंडल पदाधिकारी के कार्यालय में एक आधुनिक कंट्रोल रूम बनाया गया था, जिससे जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक हर घंटे की रिपोर्ट से अवगत हो रहे थे. जुलूस में किसी भी प्रकार के हरवे-हथियार ले जाने और डीजे बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहा, जबकि साइबर सेल द्वारा सोशल मीडिया पर भी लगातार कड़ी नजर रखी जा रही थी.

Also Read: जहानाबाद में एसटीएफ जवान धीरज कुमार मौत मामले में यूडी केस दर्ज, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन