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एक बार फिर कुपोषित बच्चों को मिलेगा पोषण पुनर्वास केंद्र का लाभ

डीएम ने किया केंद्र का शुभारंभ

जमुई. सदर अस्पताल परिसर स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र का शुभारंभ सोमवार को जिलाधिकारी राकेश कुमार, सिविल सर्जन डॉ कुमार महेंद्र प्रताप ने संयुक्त रूप से किया. मौके पर जिलाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि कुपोषित बच्चों को पोषित करने के लिए राज्य सरकार सरकारी अस्पतालों में बेहतर सुविधा मुहैया उपलब्ध करा रही है, ताकि कुपोषित बच्चों को बेहतर इलाज मिल सके. इसे लेकर सभी जिलों में पोषण पुनर्वास केंद्र की स्थापना की गयी है. इसमें कुपोषित बच्चों को बेहतर इलाज, पौष्टिक आहार देने के साथ उनके परिजन को दैनिक भत्ता भी देने का प्रावधान किया गया है. कुछ कारणों से यह केंद्र बंद था जिसे फिर से शुरू किया गया है. इस केंद्र के पुनः शुरू होने से कुपोषित बच्चे और उनके परिजन को लाभ मिलेगा. डीएमने बताया कि पोषण पुनर्वास केंद्र में जिले भर के कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर आशा और आंगनबाड़ी केंद्र द्वारा भर्ती करवाया जायेगा. यहां कुपोषित बच्चे और उसकी मां को न्यूट्रिशिय काउंसेलर की देख-रेख में पौष्टिक आहार और उचित देखभाल के माध्यम से कुपोषण दूर किया जायेगा. सिविल सर्जन डॉ कुमार महेंद्र प्रताप ने बताया कि लगभग एक वर्ष से पोषण पुनर्वास केंद्र खाना बनाने वाले एनजीओ के कारण बंद था. इसे डीएम की पहल पर फिर से शुरू किया गया है. उन्होंने बताया कि पोषण पुनर्वास केंद्र पर अब जीविका दीदी द्वारा कुपोषित बच्चे और मां को खाना उपलब्ध कराया जायेगा. उन्होंने बताया कि 20 बेड के इस पोषण पुनर्वास केंद्र में फिलहाल दो कुपोषित बच्चों को भर्ती किया गया है. मौके पर डीएस डॉ सैयद नौशाद अहमद, एसीएमओ डॉ अरविंद कुमार, डीपीएम पवन कुमार, अस्पताल प्रबंधक रमेश पांडेय, जीविका के डीपीएम सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे.

क्या है पोषण पुनर्वास केंद्र योजना:

गर्भावस्था के दौरान मां को उचित आहार न मिलने की वजह से अक्सर बच्चे कुपोषित हो जाते हैं या फिर जन्म के बाद बच्चे को उचित आहार नहीं मिलने पर वे कुपोषण के शिकार हो जाते हैं. ऐसे बच्चों का पता लगाकर पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया जाता है, जहां उचित देखभाल और पौष्टिक आहार के माध्यम से कुपोषण को दूर करने का प्रयास किया जाता है. पोषण पुनर्वास केंद्र में कुपोषित बच्चों को भर्ती कराने पर बच्चों के साथ मां को भी कई सुविधाएं दी जाती है. इसमें चिकित्सकों की सलाह के अनुसार बच्चों के लिए नि:शुल्क खाने की व्यवस्था, नि:शुल्क दवा सहित बच्चे की मां को 250 रुपये दैनिक भत्ता दिया जाता था.

पोषण पुनर्वास केंद्र में मिलता है स्पेशल डाइट:

कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में रखकर इलाज व स्पेशल डाइट तैयार कर दिया जाता है, जिसमें सही मात्रा में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन, खनिज तत्व युक्त भोजन, आहार दिये जाते हैं. बच्चे मुख्यत: शिशु रोग विशेषज्ञ की देख-रेख में रहते हैं. हर दिन फॉलोअप किया जाता है. बच्चे में हो रहे ग्रोथ की हर दिन की रिपोर्ट तैयार की जाती है. विशेष देखभाल से कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार होता है. कोई कुपोषित बच्चा 10 दिन तो कोई 15 व 20 दिनों में स्वस्थ होकर घर लौटता है.

जनवरी 2022 से मई 2023 तक 213 कुपोषित बच्चों को मिला केंद्र का लाभ:

जनवरी 2022 से मई 2023 तक 213 कुपोषित बच्चों का इलाज पोषण पुनर्वास केंद्र में किया गया है. मरीजों में ज्यादातर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे शामिल हैं. सदर अस्पताल स्थित पोषण पुनर्वास केंद्र में जनवरी 2022 से मई 2023 तक 213 कुपोषित बच्चों को इलाज के लिए भर्ती कराया गया. जनवरी 2022 में 7, फरवरी में 20 , मार्च में 31 , अप्रैल में 11, मई में 18, जून में 16, जुलाई में 30 अगस्त में 16, सितंबर में 0, अक्टूबर में 1 , नवंबर में 20, दिसंबर में 21, जनवरी 2023 में 7, फरवरी में 5, मार्च में 3, अप्रैल में 5 तथा मई माह में 1 कुपोषित बच्चों को इलाज मिला है. इसके उपरांत पोषण पुनर्वास केंद्र बंद हो गया था, जिसे सोमवार को फिर से शुरू किया गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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