झाझा . प्रखंड क्षेत्र की रजला कला पंचायत अंतर्गत रजला गांव स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र के वर्षों से बंद रहने के विरोध में बुधवार को ग्रामीणों का आक्रोश जताया. ग्रामीणों ने उपकेंद्र परिसर में प्रदर्शन कर स्वास्थ्य उपकेंद्र खोलवाने की मांग की. ग्रामीणों ने बताया कि यह उप स्वास्थ्य केंद्र पिछले 25-30 वर्षों से कागजों में ही संचालित है. वास्तविक स्थिति यह है कि केंद्र में वर्षों से ताला लटका हुआ है. लगभग 30 गांवों की आबादी के लिए यही एकमात्र उपस्वास्थ्य केंद्र है, लेकिन भवन की हालत जर्जर हो चुकी है और परिसर में घास-फूस उग आई है. ग्रामीणों दिलीप यादव, मंटू शर्मा, मुरारी यादव, अरविंद यादव, पिंटू पंडित, रोहित कुमार सहित दर्जनों लोगों ने बताया कि उपकेंद्र में विभाग की ओर से सीएचओ और एएनएम की पदस्थापना है, लेकिन वह नियमित रूप से केंद्र पर उपस्थित नहीं रहती हैं. इसके बावजूद संबंधित कर्मियों को हर माह वेतन का भुगतान किया जा रहा है. ग्रामीणों ने कहा कि उपकेंद्र बंद रहने के कारण प्राथमिक इलाज के लिए भी हमें करीब सात किलोमीटर दूर प्रखंड मुख्यालय जाना पड़ता है, जिससे मरीजों, खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को काफी परेशानी होती है. ग्रामीणों ने कहा कि यदि उपस्वास्थ्य केंद्र प्रतिदिन नहीं खोला गया तो हमलोग सड़क पर उतर कर आंदोलन करने को मजबूर होंगे. इस संबंध में स्वास्थ्य प्रबंधक सुभाषचंद्र ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है. संबंधित स्वास्थ्य कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा जायेगा और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जायेगी.
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