बरहट के जंगलों में छिपे दो अनोखे जलस्रोत, भट्ठाकोल का गर्म और करहरा का शीतल पानी बन सकते हैं पर्यटन की नई पहचान

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करहरा स्थित पहाड़ से निकलने वाली शीतल जलधारा

करहरा स्थित पहाड़ से निकलने वाली शीतल जलधारा

जमुई के बरहट प्रखंड में घने जंगलों के बीच दो अनूठे प्राकृतिक जलस्रोत छिपे हैं। भट्ठाकोल का प्राकृतिक गर्म पानी और करहरा की शीतल जलधारा, पर्यटन की नई पहचान बनने की क्षमता रखते हैं। जानें इनके बारे में और कैसे होगा इनका विकास।

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बरहट (जमुई) से शशिलाल की रिपोर्ट

Jamui Tourism: बरहट प्रखंड अपने घने जंगलों, ऊंची पहाड़ियों और प्राकृतिक संपदा के लिए जाना जाता है. इसी क्षेत्र के चोरमरा और गुरमाहा इलाके में स्थित दो प्राकृतिक जलस्रोत वर्षों से लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं. भट्ठाकोल में पहाड़ की तलहटी से प्राकृतिक रूप से गर्म पानी निकलता है, जबकि करहरा में वर्षभर शीतल जलधारा बहती रहती है. स्थानीय लोगों का कहना है कि इन स्थलों का अब तक पर्यटन की दृष्टि से समुचित विकास नहीं हो सका है.

भट्ठाकोल में सालभर निकलता है प्राकृतिक गर्म जल

चोरमरा गांव से करीब तीन किलोमीटर दूर घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच स्थित भट्ठाकोल प्राकृतिक गर्म जलस्रोत के लिए जाना जाता है. स्थानीय लोगों के अनुसार यहां पहाड़ की तलहटी से वर्षभर गर्म पानी निकलता रहता है. झरने के आसपास फैले घने जंगल, विशाल चट्टानें और प्राकृतिक वातावरण इसे आकर्षक बनाते हैं. यह स्थल जमुई, मुंगेर और लखीसराय की सीमाओं से सटे पहाड़ी क्षेत्र में स्थित है.

करहरा की पहचान उसकी शीतल जलधारा

Jamui Tourism: बरहट मुख्यालय से गुरमाहा मार्ग पर स्थित करहरा जलधारा अपनी ठंडी और स्वच्छ जलधारा के लिए प्रसिद्ध है. स्थानीय लोगों का कहना है कि भीषण गर्मी और कड़ाके की ठंड में भी यहां का पानी हमेशा ठंडा रहता है. हालांकि यहां तक पहुंचने का मार्ग पथरीला और दुर्गम होने के कारण पर्यटकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. सड़क और अन्य आधारभूत सुविधाओं की कमी के कारण यह प्राकृतिक स्थल अभी भी सीमित लोगों तक ही पहुंच पाया है.

प्राकृतिक संपदा से समृद्ध है पूरा क्षेत्र

समाजसेवी श्रीकांत उर्फ बिट्टू यादव, चोरमरा निवासी नरेश कोड़ा, सीताराम मुर्मू और रामलखन कोड़ा ने बताया कि चोरमरा, गुरमाहा और भट्ठाकोल का पूरा इलाका घने जंगलों, ऊंची पहाड़ियों, प्राकृतिक जलस्रोतों और जैव विविधता से समृद्ध है. उनका कहना है कि यदि योजनाबद्ध तरीके से यहां पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाएं तो यह क्षेत्र इको-टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है.

पर्यटन विकास से स्थानीय लोगों को मिलेगा रोजगार

स्थानीय लोगों का मानना है कि पर्यटन सुविधाओं के विकास से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. होटल, गाइड सेवा, परिवहन और स्थानीय उत्पादों के व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा. साथ ही प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण में भी मदद मिलेगी.

प्रशासन ने निरीक्षण और रिपोर्ट का दिया भरोसा

प्रभारी प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रेम प्रकाश ने बताया कि चोरमरा-गुरमाहा क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा के संरक्षण और विकास को लेकर जिला प्रशासन गंभीर है. उन्होंने कहा कि भट्ठाकोल और करहरा जलस्रोतों का निरीक्षण कराया जाएगा तथा संबंधित विभाग को विस्तृत रिपोर्ट भेजी जाएगी. रिपोर्ट के आधार पर विकास की संभावनाओं पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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पिंटू प्रणव

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By पिंटू प्रणव

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