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मॉडल जमुई स्टेशन पर बदहाली चरम पर, यात्री सुविधाएं नदारद

Updated at : 28 Dec 2025 9:41 PM (IST)
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मॉडल जमुई स्टेशन पर बदहाली चरम पर, यात्री सुविधाएं नदारद

दानापुर रेल मंडल के अंतर्गत किऊल-जसीडीह रेलखंड पर स्थित मॉडल रेलवे स्टेशन जमुई यात्रियों की सुविधाओं के मामले में फिसड्डी साबित हो रहा है.

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उदासीनता. करोड़ों की लागत से विकसित स्टेशन को मॉडल का दर्जा तो दे दिया, जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर पेश कर रही

बरहट. दानापुर रेल मंडल के अंतर्गत किऊल-जसीडीह रेलखंड पर स्थित मॉडल रेलवे स्टेशन जमुई यात्रियों की सुविधाओं के मामले में फिसड्डी साबित हो रहा है. करोड़ों रुपये की लागत से विकसित किये गये इस स्टेशन को मॉडल का दर्जा तो दे दिया गया, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर पेश कर रही है. यहां प्रतिदिन चार जिलों से हजारों की संख्या में यात्री देश-प्रदेश के विभिन्न हिस्सों के लिए सफर करते हैं और रेलवे को अच्छा-खासा राजस्व भी मिलता है. इसके बावजूद यात्री सुविधाओं की हालत दयनीय बनी हुई है. स्टेशन परिसर में प्रवेश करते ही अव्यवस्था साफ नजर आने लगती है. यात्रियों के बैठने के लिए बनाये गये प्रतीक्षालय में कुर्सियां टूटी पड़ी हैं. कई स्थानों पर पानी जमा तथा खुले में शौच के निशान हैं और साफ-सफाई के अभाव में गंदगी फैली रहती है, जो किसी भी मॉडल स्टेशन की परिकल्पना पर करारा तमाचा है.

गंदगी से घिरी पानी की टंकियां

यात्रियों के लिए सबसे जरूरी सुविधा पेयजल व्यवस्था भी बदहाल स्थिति में है. प्लेटफॉर्म पर लगी पानी की टंकी का ऊपरी हिस्सा क्षतिग्रस्त है और अधिकांश नल टूटे हुए या बेकार पड़े हैं. जिन नलों से पानी आता भी है. उनके आसपास साफ-सफाई का अभाव है. टंकी और नलों के पास झाग और काई जम गयी है. इससे संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है.

आठ माह से नहीं हटा पुल का मलवा

जमुई रेलवे स्टेशन पर अंग्रेज दौर में बने पुराने फुटओवर ब्रिज को तोड़ने के बाद उसका मलवा प्लेटफॉर्म संख्या 1 और 2 पर पिछले आठ माह से यूं ही पड़ा हुआ है. यह मलवा यात्रियों के लिए किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है. जब ट्रेन स्टेशन पर रुकती है तो यात्रियों की भीड़ अचानक बढ़ जाती है. चढ़ने-उतरने की आपाधापी में कई यात्री लोहे के टुकड़ों से टकराकर घायल हो चुके हैं. इसके बावजूद अब तक मलवा हटाने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है, जो प्रशासन की घोर लापरवाही को दर्शाता है.

स्तनपान घर बना कूड़ा घर

महिला यात्रियों की सुविधा और गरिमा को ध्यान में रखते हुए प्लेटफॉर्म संख्या 1 पर स्तनपान घर का निर्माण किया गया था, लेकिन वर्तमान में इसकी हालत बेहद शर्मनाक है. यह स्थान अब बोरी, तिरपाल रखने तथा कूड़े-कचरे के घर के रूप में तब्दील हो चुका है. गंदगी और बदबू के कारण महिलाएं इस सुविधा का उपयोग करने से कतराती हैं.

शौचालयों की बदहाली से यात्रियों को हो रही परेशानी

स्टेशन पर बने शौचालयों की स्थिति भी चिंताजनक है. कई शौचालयों में पानी की व्यवस्था नहीं है. दरवाजे टूटे हुए हैं और नियमित सफाई न होने के कारण बदबू फैली रहती है. खासकर महिला और बुजुर्ग यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. कई यात्री मजबूरी में स्टेशन परिसर से बाहर शौचालय ढूंढने को विवश हैं.

छह टिकट काउंटर, फिर भी टिकट के लिए जद्दोजहद

मॉडल रेलवे स्टेशन जमुई पर यात्रियों की सुविधा के लिए कुल छह टिकट काउंटर बनाये गये हैं. इनमें एक आरक्षण और पांच सामान्य टिकट काउंटर शामिल हैं. उद्देश्य था कि यात्रियों को टिकट लेने में लंबा इंतजार न करना पड़े, लेकिन हकीकत इसके ठीक उलट है. वरीय अधिकारियों के निरीक्षण के समय को छोड़ दें तो शायद ही कभी सभी काउंटर एक साथ खुलते हों. नतीजतन यात्रियों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है. कई बार ट्रेन के समय पर आ जाने से दर्जनों यात्री बिना टिकट यात्रा करने को मजबूर हो जाते हैं, इससे रेलवे को भी राजस्व का नुकसान उठाना पड़ता है.

सुरक्षा और निगरानी पर भी उठ रहे सवाल

गणमान्य लोगों ने समुचित व्यवस्था बहाल करने की मांग की. स्थानीय गणमान्य लोग लेखक त्रिपुरारी पांडेय, भाजपा नेता अजय सिंह, चंदन सिंह आदि ने कई बार रेलवे अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. लोगों ने मांग की है कि स्टेशन पर पड़े मलवे को अविलंब हटाया जाये. पेयजल, शौचालय और प्रतीक्षालय की व्यवस्था दुरुस्त की जाये तथा सभी टिकट काउंटर नियमित रूप से खोले जाये.

क्या कहते हैं स्टेशन प्रबंधक

इस संबंध में स्टेशन प्रबंधक नीतीश कुमार ने बताया की सीढ़ी काटने का कार्य जिस एजेंसी को टेंडर के माध्यम से दिया गया था. वह बीच में ही मलवा छोड़कर चली गयी है. यह मामला रेलवे की आरओडब्ल्यू से भी जुड़ा हुआ है, सूचना फिर से दे दिया जायेगा. इस संबंध में संबंधित विभाग को एक-दो बार सूचना दी जा चुकी है और जल्द ही मलवा हटवा लिया जायेगा. वहीं, स्टेशन परिसर में खराब पड़े पानी के नल को भी शीघ्र ठीक करा लिया जायेगा ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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PANKAJ KUMAR SINGH

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By PANKAJ KUMAR SINGH

PANKAJ KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

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