सोनो. प्रतिदिन जाम और अनियंत्रित यातायात व्यवस्था से कराहते सोनो चौक पर मंगलवार को भीषण जाम लग गया. लोग घंटों जाम में परेशान रहे. किसी यात्री की ट्रेन छूट गई तो चिकित्सक के पास जा रहे किसी मरीज की तबीयत और बिगड़ गई. सोनो में जाम से कराहते लोगों की यह पीड़ा कोई नई नहीं है. सोनो चौक से बाजार जाने वाली मुख्य सड़क पर शायद ही कोई दिन ऐसा रहता हो जिस दिन जाम नहीं लगा हो. दरअसल अब सोनो चौक और चौक से बाजार जाने वाली सड़क अब महज एक चौराहा नहीं बल्कि रोजाना की जंग का मैदान बन चुका है. वाहन चालकों के लिए इस चौक को पार करना किसी युद्ध को जीतने से कम नहीं लगता है. प्रशासनिक उदासीनता और शिथिलता से जाम की यह समस्या विकराल हो गई है. यहां न तो ट्रैफिक व्यवस्था है और न ही स्थानीय पुलिस की ओर से भीड़ नियंत्रण को लेकर कोई व्यवस्था है. बस भगवान भरोसे जाम से जद्दोजहद करते रहें यही नियति यहां के लोगों की बन गई है. मंगलवार दोपहर चौक से बाजार वाले रास्ते में एक भारी वाहन ट्रक के प्रवेश करने के कारण स्थिति और भी बिगड़ गई. पहले से ही बेहद सिकुड़ गई सड़क पर मंगलवार को तकरीबन डेढ़ से दो घंटे तक यातायात ठप्प रहा. इसका प्रभाव एनएच पर भी पड़ा और एनएच भी जाम की चपेट में आ गया. एनएच 333, एनएच 333ए और चरकापत्थर मार्ग सहित अन्य रास्तों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. हालत यह रही कि न केवल गाड़ियां, बल्कि पैदल चलने वालों को भी कदम बढ़ाना मुश्किल हो गया. जाम की इस भयावह स्थिति में वाहन चालकों का धैर्य जवाब दे गया.आश्चर्य की बात यह रही कि एक घंटे तक जारी इस भीषण जाम के दौरान प्रशासन का कोई भी प्रतिनिधि मौके पर नहीं पहुंचा. परेशान आमजन अपना गुस्सा प्रशासन के विरुद्ध बोलकर उतरता रहा. लोगों का स्पष्ट कहना था कि प्रशासन अब पूरी तरह संवेदनहीन हो चुका है और उसे जनता की परेशानियों से कोई सरोकार नहीं है.
सड़क का अस्थाई अतिक्रमण जाम की मुख्य वजह
आए दिन लगने वाले इस जाम का मुख्य कारण ठेला वाले, सब्जी वाले, फल वाले चाट वाले द्वारा लगाए गए अस्थाई दुकानों के अलावे ई रिक्शा, ऑटो और मोटरसाइकिल के सड़क पर ही पड़ाव है. इन सभी कारण से अच्छी खासी सड़क सिकुड़कर आधी से भी कम हो गई है. सड़क के दोनों ओर के दुकानदार अपने सामनों को बाहर सड़क किनारे फैला कर रखते है जिससे दुकान में खरीदारी करने आए लोग अपनी बाइक सड़क पर लगाते है. इसके अलावे सड़क पर ठेला वाला दुकान और सड़क के फ्लैंक पर सजा दुकान सड़क को बेहद संकरा बना दिया है. रही सही कसर छोटे वाहन द्वारा सड़क पर किया गया पड़ाव पूरा कर देता है. सर्वाधिक परेशानी ग्रामीण बैंक के समीप और उसके आगे मोड पर होती है. इतनी तकलीफ में भी प्रशासन का मौन रहना लोगों के समझ से परे है.
दिन में भारी वाहनों के प्रवेश पर नहीं है रोक
इतनी भीड़ और हर दिन जाम से जूझ रहे इस मुख्य सड़क पर भारी वाहनों के दिन में प्रवेश पर रोक नहीं है लिहाजा जब भी ट्रक या अन्य मालवाहक वाहन इस सड़क में आते है तब भीषण जाम लग जाता है. मंगलवार को भी ट्रक के भीतर आने से स्थिति बिगड़ी थी. भारी वाहन न सिर्फ प्रवेश करते है बल्कि इसी सड़क पर खड़े होकर सामान भी उतारते है. लोगों ने चौक से बाजार जाने वाली सड़क में भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की. ग्रामीणों का कहना है कि भारी वाहन का या तो प्रवेश ही न हो या फिर सिर्फ रात्रि में प्रवेश हो.
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