जमुई . राष्ट्रीय लोक मोर्चा की ओर सोमवार को शिल्पा भवन में प्रेसवार्ता आयोजित की गयी. इस दौरान मोर्चा के राष्ट्रीय प्रवक्ता फजल इमाम मलिक ने बताया कि अनुच्छेद 170 राज्यों में विधानसभा के निर्वाचन क्षेत्रों की सीमा और संख्या तय करने का अधिकार देता है. अभी तक देश में 1951, 1961, 1971 की जनसंख्या के आधार पर परिसीमन कर लोकसभा की सीटों को निर्धारित किया गया है. परिसीमन का उद्देश्य राज्यों के लोकसभा और विधानसभा सीटों की संख्या आबादी के अनुसार निर्धारण करना है. देश में परिसीमन 1973 तक आबादी के अनुसार तय होता रहा, किंतु 1976 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने परिसीमन को 25 वर्षों के लिए फ्रीज कर दी थी. देश में आपातकाल लागू था और इसी का फायदा उठाकर 42 वें संविधान संशोधन के जरिये परिसीमन को फ्रीज किया गया. पुनः यह रोक अगले 25 साल तक के लिए बढ़ा दी गयी थी और यह अवधि साल 2026 में पूरी होने जा रही है. वर्ष 2009 में भी परिसीमन तो किया गया लेकिन लोकसभा की सीटों को स्थिर रखते हुए सिर्फ निर्वाचन क्षेत्रों को आबादी के अनुसार संतुलित करने का काम किया. परिसीमन का उद्देश्य ही था पूरे भारतवर्ष में एक समान आबादी के आधार पर सीटों का निर्धारण करना, लेकिन मौजूदा समय में यह उद्देश्य पूरी तरह से खारिज हो चुका है. इस व्यवस्था की वजह से बिहार सहित उत्तर भारत के लगभग सभी राज्यों को लोकसभा सीटों के मामले में बहुत नुकसान हो रहा है. अब हमें संवैधानिक अधिकार परिसीमन सुधार की लड़ाई के लिए तैयार होना होगा. अगर यह काम कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार नहीं करती तो अब बिहार को कम-से-कम और 20 सांसदों का लाभ मिलता. अब चूंकि 2026 में परिसीमन किया जाना है और आबादी के आधार पर सीटों का निर्धारण किया जा सकता है. निश्चित ही हमें इस दिशा में ठोस रणनीति बनाने की जरूरत है ताकि हम बिहार के लिए सम्मानजनक हिस्सेदारी हासिल कर सकें. इस दिशा में राष्ट्रीय लोक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष माननीय उपेंद्र कुशवाहा का ध्येय एकदम स्पष्ट है कि वह बिहार समेत उत्तर भारत के राज्यों के साथ इस बार धोखा नहीं होने देंगे. हमारी पार्टी इस लड़ाई को बिहार के घर घर तक ले जाएगी ताकि बिहार समेत उत्तर भारत की जनता अपने राजनैतिक अधिकार को हासिल कर सके. हमारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा जी ने पार्टी के तीन दिवसीय राजनैतिक मंथन शिविर में इसे जनांदोलन के रूप में खड़ा करने का निर्णय लिया. इसी सिलसिले में आगामी 25 मई को रोहतास जिले के विक्रमगंज और 08 जून को मुजफ्फरपुर में राष्ट्रीय लोक मोर्चा की ओर से संवैधानिक अधिकार परिसीमन सुधार महारैली का आयोजन किया गया है. इसके अतिरिक्त बिहार के अन्य क्षेत्रों में भी इसी प्रकार का आयोजन प्रस्तावित है. जिसके विषय में विस्तृत जानकारी बाद में दी जायेगी.
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