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Jamui News : लंगूर के हमले में घायल वृद्ध की मौत, कई लोगों को कर चुका था जख्मी

Updated at : 09 May 2024 8:24 PM (IST)
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Jamui News : लंगूर के हमले में घायल वृद्ध की मौत, कई लोगों को कर चुका था जख्मी

वन विभाग की टीम ने हमलावर लंगूर को पकड़ा

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लक्ष्मीपुर (जमुई). प्रखंड क्षेत्र की दिग्घी पंचायत के तेतरिया गांव में गुरुवार सुबह अफरा-तफरी का माहौल बन गया था. बीते कई दिनों से आतंक फैला रहे लंगूर ने तेतरिया गांव निवासी 70 वर्षीय सरयुग यादव पर हमला कर दिया. वे बुरी तरह घायल हो गये. पूरे शरीर पर कई स्थान पर घाव बना था. शरीर लहूलुहान हो गया थे. परिवार के लोग जबतक उन्हें अस्पताल ले जाते, उन्होंने दम तोड़ दिया. ग्रामीणों ने बताया कि करीब 10-15 दिनों से इसका आतंक इस क्षेत्र में था. लंगूर ने एक दर्जन से अधिक लोगों को जख्मी किया है. जख्मी सभी लोग इलाज के बाद ही ठीक हो सके हैं. सूचना पाकर पहुंची वन विभाग भागलपुर की टीम ने रेस्क्यू कर उसे कब्जे में लिया. ऑपरेशन में रेंजर चरित्र चौधरी, वन्य प्राणी चिकित्सक डॉ संजीत कुमार, लक्ष्मीपुर वनपाल रंजीत कुमार, बरहट वनपाल गुलशन कुमार, वनरक्षी प्रदीप कुमार मांझी, प्रकाश कुमार, रवि कुमार, केटल गार्ड भोला यादव, सुरेंद्र मरांडी, सिकंदर कोड़ा शामिल थे.

वन विभाग के प्रति लोगों ने जताया आक्रोश

जंगली लंगूर के आतंक से शिकार तेतरिया, सुखासन, बेलाटांड गांव के लोगों ने वन विभाग के अधिकारी व कर्मी के प्रति आक्रोश जताया. लोगों ने कहा कि इसे लेकर वन विभाग के अधिकारी व कर्मी सक्रियता से कार्य करते, तो इस तरह की घटना घटित नहीं होती. अधिकारियों की उदासीनता का परिणाम है कि सरयुग यादव की मौत असमय हो गयी. इसका आतंक इस क्षेत्र में बीते कई दिनों से था. राह चलते लोग इसका शिकार हो रहे थे. इसके शिकार एक दर्जन से अधिक लोगों को इलाज के बाद ही राहत मिली है. क्षेत्र के लोगों ने इसकी सूचना स्थानीय वन विभाग कार्यालय को दी थी. सूचना पाकर पहुंचे वन विभाग के अधिकारी व कर्मी ने उसे पकड़ने का प्रयास किया था. लेकिन सफलता नहीं मिलने पर छोड़ कर चले गये. पकड़ने को लेकर वन कर्मियों द्वारा केले में नशीली दवा देकर खाने के लिया दिया गया था. केला खाने के बाद भी उसपर कोई प्रभाव नहीं हुआ और वन विभाग की टीम दूसरे दिन आने की बात कह कर चल गयी थी. लोगों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि समय रहते पकड़ लिया जाता, तो इस तरह की घटना नहीं होती.

लंगूर की मौत पर हुए थे हमलावर

जबकि वन विभाग की कर्मियों ने नाम नहीं बताने की शर्त पर बताया कि ग्रामीणों की सूचना पर हमलोगों ने कई बार उसे पकड़ने का प्रयास किया. लेकिन पकड़ में नहीं आ सका और भाग निकलता था. इस मामले में कुछ लोगों द्वारा वन विभाग की टीम को परेशान भी किया गया. लोग बताते थे कि लंगूर आया है और जब वन विभाग की टीम जाती थी, तो कहीं कुछ पता ही नहीं चलता था. वन कर्मियों ने बताया कि सूचना मिल रही है कि लोगों ने दो लंगूरों को मार दिया था. इससे आक्रोशित होकर लंगूर ने एक निश्चित स्थान पर ही हमला कर रहा था.

कहते हैं अधिकारी

इसे लेकर रेंजर चरित्र चौधरी ने बताया कि ग्रामीणों की सूचना पर हमारी टीम कई बार पहुंची. लेकिन टीम के पहुंचने से पहले ही लंगूर भाग निकलता था. हमलोग लगातार खोजबीन कर रहे थे. ग्रामीणों द्वारा लगाया जा रहा आरोप बेबुनियाद है. वन विभाग की टीम अपने कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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