तपती गर्मी में ‘देशी फ्रिज’ की डिमांड हाई, मटके-सुराही से मिल रही ठंडक

जैसे-जैसे गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू किया है, वैसे-वैसे जिले में पारंपरिक देशी फ्रिज यानी मिट्टी के मटके और सुराही की मांग तेजी से बढ़ गयी है.
अर्जुन अरनव, जमुई. जैसे-जैसे गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू किया है, वैसे-वैसे जिले में पारंपरिक देशी फ्रिज यानी मिट्टी के मटके और सुराही की मांग तेजी से बढ़ गयी है. आधुनिक संसाधनों के इस दौर में भी परंपरागत वस्तुओं का महत्व बरकरार है. बैशाख माह में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे लोगों को राहत के लिए ठंडे पानी की जरूरत महसूस होने लगी है. तेज गर्मी के बीच भले ही आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ा हो, लेकिन मिट्टी के मटके और सुराही आज भी लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं. सस्ती कीमत, प्राकृतिक ठंडक और स्वास्थ्य लाभ के कारण देशी फ्रिज की मांग हर साल की तरह इस बार भी चरम पर है.
मिट्टी के बर्तनों की जमकर हो रही खरीदारी, बाजारों में बढ़ी रौनक
मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है. आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि होने की संभावना है. गर्मी बढ़ते ही जहां एक ओर एसी, कूलर और फ्रिज की दुकानों पर भीड़ बढ़ी है, वहीं दूसरी ओर मिट्टी के मटके और सुराही की दुकानों पर भी खरीदारों की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिल रही है. शहर के पोस्ट ऑफिस रोड, बोधबन तालाब, पुरानी बाजार और शिवनडीह इलाके में मिट्टी के बर्तनों की दुकानें सज गई हैं. यहां कुम्हारों द्वारा तैयार विभिन्न डिजाइन के मटके और सुराही ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं. मांग बढ़ने के साथ कीमतों में भी हल्की बढ़ोतरी हुई है. बाजार में मटका 150 से 250 रुपये और सुराही 120 से 150 रुपये तक बिक रही है.
पुश्तैनी व्यवसाय को मिल रहा सहारा
पोस्ट ऑफिस रोड के दुकानदार राजेंद्र भगत और जितेंद्र भगत बताते हैं कि यह उनका पुश्तैनी कारोबार है और पिछले 40 वर्षों से अधिक समय वे इसे चला रहे हैं. उन्होंने कहा कि समय के साथ बदलाव आया है अब मटके और सुराही में नल लगाने की सुविधा भी दी जा रही है, जिससे ग्राहकों को और सुविधा मिलती है.
फ्रिज के बावजूद मटके का क्रेज कायम
नगर परिषद क्षेत्र के कल्याणपुर मोहल्ला निवासी संजय ठाकुर, कृष्णापट्टी मोहल्ला निवासी उत्पल सिन्हा ने बताया कि घर में फ्रिज होने के बावजूद वे मटके का पानी ही पीना पसंद करते हैं. उनका कहना है कि मटके का पानी ज्यादा शीतल और स्वादिष्ट होता है. वहीं, सुराही खरीद रहे सोनु कुमार, कुंदन गोस्वामी, शोभा देवी, और अनिल सिंह का कहना है कि मिट्टी के बर्तन शुद्ध माने जाते हैं और इनमें रखा पानी स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक होता है.
स्वास्थ्य के लिए है फायदेमंद
सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार सिंह ने बताया कि अनुसार, मिट्टी के घड़े का पानी स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी होता है. उन्होंने बताया कि मटके का पानी प्राकृतिक रूप से ठंडा होता है और इसकी तासीर शरीर के लिए अनुकूल होती है. साथ ही इसमें मौजूद खनिज तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और डिटॉक्स करने में सहायक होते हैं.
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