धान की फसल में कड़ुआ रोग लगने से उत्पादन होगा प्रभावित

एक तरफ धान की फसल पकने को तैयार है, तो वहीं दूसरी और फसल में लगे कड़ुआ रोग से क्षेत्र के किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी है.
गिद्धौर. एक तरफ धान की फसल पकने को तैयार है, तो वहीं दूसरी और फसल में लगे कड़ुआ रोग से क्षेत्र के किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी है. सैकड़ों एकड़ में लगे धान की फसल को यह कड़ुआ रोग अपनी चपेट में ले चुका है. इस रोग पर कीटनाशक का भी प्रभाव नहीं पड़ रहा है. परिणाम स्वरूप किसान जैसे तैसे फसल को काटने में लग गये हैं, इस रोग से जुड़े परेशानी को लेकर क्षेत्र के किसान कुणाल सिंह, रंजीत यादव, विजय कुमार, राजीव मंडल, भोला यादव, विनोद यादव, अर्जुन यादव आदि ने बताया कि इस बार धान की फसल अच्छी तरह से तैयार हो रही थी, लेकिन फिर से हरदिया रोग कडुआ रोग लग गया. पहले एक दो लोगों के खेत में लगा था, लेकिन देखते ही देखते यह पूरी तरह फैल गया है. पहले धान की फसल हल्दी जैसा पीला हुआ, फिर काला पड़ गया. कडुआ रोग की वजह से फसल उत्पादन पर इसका खासा असर पड़ा है. अनाज का वजन कम हो जाता है आगे अंकुरण में भी समस्या आती है. यह रोग उच्च आर्द्रता और जहां 25 से 35 डिग्री सेंटीग्रेड तापमान होता है वहां तेजी से फैलता है. सबसे पहले धान की बालियों पर भूरे पीले रंग पाउडर के गुच्छे बनने लगते हैं. और यही पाउडर हवा के साथ उड़ कर एक खेत से दूसरे खेत को संक्रमित कर रहा है. कुछ समय बाद यह पीला रंग काले रंग में बदल जाता है और धान का पौधा सुख जाता है.
कहते हैं प्रखंड कृषि पदाधिकारी
इस संदर्भ में पूछे जाने पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी रामाधार चौधरी ने बताया कि किसान के द्वारा शिकायत हमें नहीं मिली है इससे बचाव को ले किसान को धान काटने में ही फायदा है. कीटनाशक दवा बेअसर है विभाग के द्वारा फसल बचाव को लेकर विकल्प की तलाश जारी है.
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