आधा दर्जन यात्रियों से लूट अपराध . रांची-जयनगर एक्स में हथियार के साथ घुसे लुटेरे
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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लूट के शिकार लोगों ने ट्रेन किउल पहुंचने पर दी पुलिस को सूचना झाझा (जमुई) : बुधवार अहले सुबह हथियार से लैस लुटेरों ने जमई-झाझा रेलखंड के बीच अप रांची-जयनगर एक्सप्रेस के एसी बाेगी कोच संख्या ए वन में लूटपाट की व फरार हो गया. जानकारी के अनुसार छह-सात की संख्या में पहुंचे लुटेरों ने […]
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लूट के शिकार लोगों ने ट्रेन किउल पहुंचने पर दी पुलिस को सूचना
झाझा (जमुई) : बुधवार अहले सुबह हथियार से लैस लुटेरों ने जमई-झाझा रेलखंड के बीच अप रांची-जयनगर एक्सप्रेस के एसी बाेगी कोच संख्या ए वन में लूटपाट की व फरार हो गया. जानकारी के अनुसार छह-सात की संख्या में पहुंचे लुटेरों ने नकदी समेत करीब 10 लाख रुपये लूट जली. इस बाबत पीड़ित रेल यात्रियों ने किऊल रेल पुलिस को लिखित सूचना दी है.
पीड़ित रेलयात्री अभिषेक कुमार राय, प्रतिभा कुमारी, नीलाम रॉय, पुतुल सिन्हा, एनएस मिश्रा आदि ने बताया कि सुबह के 5 :13 बजे झाझा स्टेशन पर यह गाड़ी रुकते ही कोच अटेंडेंड के साथ कुछ अन्य लोग उक्त कोच में चढ़ा था. 5:20 बजे ट्रेन के झाझा स्टेशन से खुलते ही लुटेरों ने हथियार दिखाते हुए कई यात्रियों का सामान आदि ले लिया. कहा कि घटना के बाद हमलोगों ने चेन पुलिंग करने का प्रयास किया. विफल रहे. इसके उपरांत हमलोगों ने सुरक्षा को लिए जारी रेलवे नंबर पर डॉयल किया तो वह भी काम नहीं किया. यात्रियों ने बताया कि चेन पुलिंग करने के दौरान कोच में चल रहे टीटीइ आरपी सिंह ने एेसा करने से मना कर दिया था.
यात्रियों ने बताया कि इसे लेकर हमलोगों ने रेल एसपी, रेल राज्य मंत्री व रेल मंत्री सुरेश प्रभु को भी एसएमएस व ट्वीट कर जानकारी दी है. पीड़ित यात्रियों ने बताया कि किऊल स्टेशन पर गाड़ी के रुकते ही हमलोगों ने मामला दर्ज कराया है. घटना को लेकर रेलयात्रियों ने भय व्याप्त था. इस बाबत झाझा रेल पुलिस निरीक्षक सह थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि घटना को लेकर छानबीन शुरू कर दी गयी है.
झाझा : पूर्व रेलवे व पूमरे के संगम स्थल पर अवस्थित झाझा रेलवे स्टेशन नक्सलवाद का गढ़ तब से माना जा रहा है, जब से नक्सलियों ने अपराध की दुनियां में ककहरा सीखना शुरू किया. इस क्षेत्र का भौगोलिक स्थिति भी ऐसे लोगों के पनपने व फलने फूलने में सहायक साबित हुआ है. यही कारण है कि कभी नक्सलियों तो कभी रेल अपराधियों के निशाने पर रेल यात्री हमेशा से रहा है. इस रेल खंड पर ट्रेन डकैती, ट्रेन पर नक्सली हमला से लेकर ट्रेन का हाइजेक तक की घटनाएं हो चुकी है.
बावजूद इसके आजतक इस रेलखंड पर रेलवे संपत्तियों व रेलवे यात्रियों की मुक्कमल सुरक्षा की व्यवस्था नही हो पायी है. जमुई-किउल रेलवे स्टेशन के बीच कुन्धुर ब्लॉक हाल्ट पर धनबाद-पटना इंटरसिटी के नक्सलियों द्वारा हाईजेक के बाद आरपीएफ-स्पेशल प्रोटेक्शन फोर्स व विशेष पुलिस की एक टीम भी बनायी गयी थी जो इस तरह की घटना को रोकने की बात कही गयी थी. लेकिन आज तक नियम लागू नही हो सका. जसीडीह से किउल तक लगभग 99 किलोमीटर की रेल खंड कभी भी रेलयात्रियों के लिये सुरक्षित यात्रा का अहसास नही करा पायी. सुरक्षा को लेकर रेलवे बोर्ड द्वारा बड़े बड़े दावे किये जाते रहे हैं.
आरपीएफ व जीआरपी के कंधों पर रेलवे संपत्तियों व रेलवे यात्रियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है. इस रेल खंड पर लगभग 55 जोड़ी ट्रेन का परिचालन होता है. इस रेलखंड पर आरपीएफ ने पहले से ही स्कॉट पार्टी हटा रखी है. हटिया-पटना पाटलीपुत्र एक्सप्रेस व धनबाद-पटना इंटरसिटी में चेन पुलिंग को रोकने के लिए आरपीएफ के जवान चलते है.
रात के सभी ट्रेन में स्कॉर्ट पार्टी नहीं चलती है. जिस अनुपात से इस रेलखंड पर ट्रेन का परिचालन होता है. इस बाबत जमालपुर रेल एसपी स्वप्ना मेसराम ने बताया कि रांची जयनगर ट्रेन में आज से ही रेगुलर स्कॉट पार्टी चलेगी. जिस अनुपात में इस रेलखंड पर ट्रेन का परिचालन होता है. उस अनुपात में बलों की घोर कमी है. बावजूद इसके उपलब्ध संसाधनों के आधार पर रेलवे यात्रियों की सुरक्षा के लिए रेल पुलिस कटिबद्ध है.
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