22 अस्पताल का संचालन मात्र 7 पशु चिकित्सक के भरोसे
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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पशु चिकित्सकों की कमी से किसान हो रहे परेशान समय पर नहीं लागु हो पाती है सरकार की योजना जमुई : जिला पशुपालन कार्यालय चिकित्सकों की कमी के कारण अपनी बदहाली पर आंसू बहाने को विवश है.वर्तमान समय में 22 पशु अस्पताल का संचालन मात्र 7 चिकित्सकों के भरोसे हो रहा है.कर्मियों की माने तो […]
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पशु चिकित्सकों की कमी से किसान हो रहे परेशान
समय पर नहीं लागु हो पाती है सरकार की योजना
जमुई : जिला पशुपालन कार्यालय चिकित्सकों की कमी के कारण अपनी बदहाली पर आंसू बहाने को विवश है.वर्तमान समय में 22 पशु अस्पताल का संचालन मात्र 7 चिकित्सकों के भरोसे हो रहा है.कर्मियों की माने तो पशु चिकित्सकों के कमी के कारण ना तो समय पर टीकाकरण का कार्य हो पाता है और ना ही सरकार की किसी योजना का संचालन भी समय से हो पाता है.एक एक चिकित्सक दो से तीन दिन पशु अस्पतालों के प्रभार में हैं.
वर्तमान समय में अनुमंडलीय पशु चिकित्सालय में एक चिकित्सक डा.विद्यानंद सिंह,प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय में डा.अनिरुद्ध प्रसाद,प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय मलयपुर में डा.राजेश कुमार राजु,प्रथम वर्गीय पशुचिकित्सालय चकाई में डा.रामानुज प्रसाद, प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय गगनपुर(चकाई)तथा प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय लक्ष्मीपुर में डा.अरविंद प्रसाद और प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय महादेव सिमरिया (सिकंदरा)में डा.प्रमोद कुमार पशु चिकित्सक के रुप में कार्यरत हैं.चिकित्सकों की कमी के कारण पशुपालकों को अपने पशुओं का इलाज कराने में काफी कठिनाई होती है.पूर्व से जिला में अनुमंडलीय पशु चिकित्सालय समेत कुल 11 पशु अस्पताल तथा 11 नया पशु चिकित्सालय समेत कुल 22 पशु अस्पताल संचालित हैं.
कहां कहां हैं पशु अस्पताल : अनुमंडलीय पशु चिकित्सालय जमुई,अलीगंज,खैरा,सोनो,झाझा,चकाई,गगनपुर (चकाई),मलयपुर (बरहट),हरनारायणपुर (जमुई),लक्ष्मीपुर,डिहरी(अलीगंज),भुल्लो(सिकंदरा),महादेव सिमरिया(सिकंदरा)में प्रथम वर्गीय पशु अस्पताल कार्यरत हैं.इसके अलावे मांगोबंदर(खैरा),बरहट,काला(लक्ष्मीपुर),महेश्वरी व मटिहाना(सोनो),धमनियां(चकाई)व गिद्धौर में भी प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय कार्यरत है.
क्या है विभाग का कार्य : पशुपालन विभाग के द्वारा समय समय पर पशुओं को विभिन्न बीमारियों से बचाने के लिए टीका दिया जाता है.इसके अलावे कृत्रिम गर्भाधान भी किया जाता है.
कहते हैं जिला पशुपालन पदाधिकारी : कर्मियों के कमी के बाबत पूछे जाने पर जिला पशुपालन पदाधिकारी डा.उमेश कुमार ने बताया कि विभाग के उच्च अधिकारियों को चिकित्सकों की कमी की जानकारी दी गयी है.लेकिन विभाग द्वारा इस दिशा में आज तक कोई कदम नहीं उठाया गया है.चिकित्सकों के कमी के कारण काफी कठिनाई होती है.
9 लाख 28 हजार 392 पशु हैं जिले में
पशुपालन विभाग की माने तो पशु गणना के आंकड़ों के अनुसार जिले में गौ प्रजाति के 4 लाख 62 हजार 617,भैंस 72 हजार 721,बकरी 3 लाख 51 हजार 584,भेड़ 10 हजार 489 तथा सूअर 30 हजार 981 हैं.इसके अलावे 2 लाख 11 हजार 725 कुक्कुट हैं.
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