मनीष कश्यप के सपोर्ट वाले सोनू सूद के ट्वीट पर भड़के IPS सुशील कुमार, बोले- व्याकुल नहीं होना है

बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने यूट्यूबर मनीष कश्यप का सपोर्ट करते हुए ट्वीट किया तो इस मामले की जांच कर रहे बिहार आर्थिक अपराध शाखा में एसपी और वरिष्ठ आइपीएस अधिकारी सुशील कुमार ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है.
पटना. बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद ने यूट्यूबर मनीष कश्यप का सपोर्ट करते हुए ट्वीट किया तो इस मामले की जांच कर रहे बिहार आर्थिक अपराध शाखा में एसपी और वरिष्ठ आइपीएस अधिकारी सुशील कुमार ने गहरी नाराजगी व्यक्त की है. उन्होंने सोनू सूद के ट्वीट पर एतराज जताते हुए अपने फेसबुक पर लिखा है कि आपकी ये बेचैनी और जल्दीबाजी आपके एजेंडे को एक्सपोज करती है. देश में मसीहा बनने की होड़ मची है. आपको भी जनता बना देगी. व्याकुल नहीं होना है.
आईपीएस सुशील कुमार ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा है.- “सोनू सूद जी, देश में कानून और न्याय सर्वोपरि है. देशहित के पीछे छिपकर समर्थन करने के पहले इंतजार कर लेते. आपका ट्वीट शक और अविश्वास पैदा करता है. पुलिस पर भरोसा बेशक मत कीजिए, देश की न्याय व्यवस्था का सम्मान कीजिए. मैं भी कहता हूं, जो होगा अच्छा ही होगा. आपकी ये बेचैनी और जल्दीबाजी आपके एजेंडे को एक्सपोज करती है. देश में मसीहा बनने की होड़ मची है. आपको भी जनता बना देगी. व्याकुल नहीं होना है. आपका एक नागरिक. देशहित में जारी.”
अभिनेता सोनू सूद मनीष कश्यप के पक्ष में उतर आए और उनके बचाव में एक ट्वीट किया. सोनू सूद के इस ट्वीट पर घमासान मचा है. लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. कोई सोनू सूद के इस कदम की सराहना कर रहा है तो आलोचना करने वालों की भी भीड़ लगी है. सोनू सूद ने ट्वीट में लिखा कि -” जितना भी मैं मनीष कश्यप को जानता हूँ उसने हमेशा बिहार के लोगों के भले के लिए ही आवाज़ उठाई है. हो सकता है उस से कुछ गलती भी हुई हो. पर यह बात मैं यक़ीन से कह सकता हूँ कि वो देशहित के लिये ही लड़ा है. न्याय और क़ानून से ऊपर हमारे देश में कुछ नहीं. जो भी होगा सही ही होगा.”
यूट्यूबर मनीष कश्यप का मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है. बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने मनीष कश्यप को कोई राहत नहीं दी और बेल देने से इनकार कर दिया. इस मामले में अगली सुनवाई 21 अप्रैल को की जाएगी. मनीष के ऊपर दर्ज विभिन्न मामलों को एक बेंच में लाने की अपील पर भी सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार और तमिलनाडु सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.
सोशल मीडिया पर दावा किया गया था कि तमिलनाडु में रहने वाले बिहारियों के खिलाफ हमले हो रहे हैं, जिसमें दो बिहारी मजदूरों की मौत भी हो गई. सोशल मीडिया पर कई वीडियो पोस्ट किए गए. इसके बाद तमिलनाडु में रहने वाले बिहारी मजदूरों के बीच दहशत का माहौल बन गया था. इन वीडियो को सच मानकर बिहार के मुख्यमंत्री ने हस्तक्षेप किया और मुख्य सचिव और डीजीपी को मामले की जांच का आदेश दिया. मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद 4 सदस्यीय टीम तमिलनाडु गई थी, जहां मामले की पड़ताल की गई.
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By Ashish Jha
डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.
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