ePaper

बालू खनन मामला : बिना वेतन खर्च किए ही IPS राकेश दुबे ने खरीदी करोड़ों की प्रॉपर्टी, EOU की रेड में खुला राज

Updated at : 17 Sep 2021 6:33 AM (IST)
विज्ञापन
बालू खनन मामला : बिना वेतन खर्च किए ही IPS राकेश दुबे ने खरीदी करोड़ों की प्रॉपर्टी, EOU की रेड में खुला राज

बालू के अवैध खनन और अन्य तरह के गैरकानूनी व्यापार से करोड़ों की काली कमाई करने के आरोपित भोजपुर के तत्कालीन एसपी राकेश कुमार दुबे पर आर्थिक अपराध इकाई (इओयू) का शिकंजा कस गया है.

विज्ञापन

पटना. बालू के अवैध खनन और अन्य तरह के गैरकानूनी व्यापार से करोड़ों की काली कमाई करने के आरोपित भोजपुर के तत्कालीन एसपी राकेश कुमार दुबे पर आर्थिक अपराध इकाई (इओयू) का शिकंजा कस गया है. आय से अधिक संपत्ति (डीए) मामले में उनके पटना में दो और जसीडीह (झारखंड) में दो ठिकानों पर गुरुवार को छापेमारी की गयी. जांच के दौरान सबसे बड़ी बात यह सामने आयी है कि उन्होंने अपनी अब तक की नौकरी में वेतन निकाला ही नहीं है.

सुबह से शुरू हुई छापेमारी देर शाम तक चली. हालांकि, इस दौरान कैश, गहने जैसी चल संपत्ति तो नहीं मिली, लेकिन कई कंपनियों के अलावा म्यूचुअल फंड समेत अन्य माध्यमों में बड़े स्तर पर निवेश के कागजात मिले हैं. पटना के आनंदपुरी (उत्तरी श्रीकृष्णापुरी) मोहल्ले के गांधी पथ में मकान संख्या 119 और गोला रोड के पास जलालपुर अभियंता नगर स्थित सुदामा पैलेस अपार्टमेंट के फ्लैट-204 में छापेमारी की गयी. बताया जाता है कि यह फ्लैट उन्होंने बहन के नाम से खरीदा था, जिसे हाल में ही बेच दिया.

इसके अलावा झारखंड के देवघर जिले के जसीडीह बाजार में होटल सचिन रेजिडेंसी और जसीडीह के पास मौजूद पैतृक गांव सिमरिया में भी छापेमारी की गयी. इनके पैतृक और श्रीकृष्णापुरी स्थित घरों में कई स्तर पर निवेश से जुड़े बड़ी संख्या में कागजात मिले हैं. अब तक की जांच में उनके खिलाफ वैध स्रोतों से करीब दो करोड़ 55 लाख 49 हजार रुपये से ज्यादा की अवैध संपत्ति मिली है. यानी, डीए के लिए साक्ष्य पाये गये हैं. जांच पूरी होने के बाद यह रकम बढ़ेगी. संपत्तियों का यह सरकारी मूल्य है, अगर इनका बाजार मूल्य आंका जाये, तो यह करोड़ों में है.

बिना वेतन निकाले करोड़ की संपत्ति बनायी

जांच के दौरान सबसे बड़ी बात यह सामने आयी है कि उन्होंने अपने अब तक की सेवाकाल के दौरान वेतन निकाला ही नहीं है. बिना वेतन निकाले ही उन्होंने करोड़ों की संपत्ति जमा कर ली. साथ ही पूरे परिवार के साथ ऐशो-आराम की जिंदगी जी रहे थे. उन्होंने 42वीं बैच के बिहार पुलिस सेवा के पदाधिकारी के तौर पर नवंबर, 2000 में डीएसपी के पद पर ज्वाइन किया. इससे पहले वह पुलिस इंस्पेक्टर थे और इसी कार्यकाल के दौरान उन्होंने बीपीएससी में प्रवेश किया. करीब दो साल पहले उनकी प्रोन्नति आइपीएस में हुई थी और पहली पोस्टिंग भोजपुर में बतौर एसपी हुई थी. सितंबर, 2027 में वह सेवानिवृत्त होने वाले हैं.

बेनामी संपत्ति के भी मिले हैं दस्तावेज

छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में निवेश के भी कागजात मिले हैं. इनमें बड़ी संख्या में ऐसे कागजात भी हैं, जो बेनामी हैं. यानी राकेश दुबे ने अपने परिजनों के अलावा दूर के रिश्तेदारों और अन्य करीबी लोगों के नाम पर संपत्ति जमा कर रखी है. उन्होंने मां और बहन के नाम पर बड़ी संख्या में अवैध संपत्ति बनायी है. जसीडीह, देवघर समेत अन्य स्थानों पर कई प्रॉपर्टी हैं.

इनमें जसीडीह में सचिन रेसिडेंसी होटल, सुखदानी रेस्टोरेंट और एक मैरेज हॉल शामिल हैं. जांच के दौरान 25 से ज्यादा बैंक खाते भी मिले हैं, लेकिन इनमें राशि ज्यादा नहीं जमा है. हालांकि, इनके माध्यम से हुए सभी तरह से लेनदेन की गहन जांच चल रही है. तलाशी के दौरान ख्याति कंस्ट्रक्शन कंपनी के खाते में 25 लाख रुपये ट्रांसफर करने के प्रमाण मिले हैं.

दर्जनों स्थानों पर जमीन-जायदाद बनाये

अपने पूरे कार्यकाल के दौरान दर्जनों स्थानों पर जमीन-जायदाद बनाये. फुलवारीशरीफ में एसडीपीओ थे, तो उस दौरान भी इन्होंने जमीन के कई प्लॉट खरीदे थे. इन प्लॉटों की रजिस्ट्री कितने लोगों के नाम पर हुई और इससे जुड़े अन्य सभी पहलुओं की जांच चल रही है.

सूद पर लगाये करोड़ों रुपये, लाखों रुपये आता है ब्याज

निलंबित आइपीएस अधिकारी राकेश कुमार दुबे ने बिहार-झारखंड की कई कंस्ट्रक्शन कंपनियों में करोड़ों का निवेश कर रखा है. इसके अलावा उन्होंने कई छोटे-मोटे निवेश करीब आधा दर्जन अन्य कंपनियों में भी कर रखा है. कई बिल्डरों से इनके व्यावसायिक संबंध मिले हैं और पैसे का निरंतर लेन-देन होता था. अपनी सभी कमाई को ये इन कंपनियों में ही निवेश करते थे.

इसके अलावा पत्नी के नाम पर करीब एक दर्जन कंपनियों में 12 लाख से ज्यादा का निवेश म्यूचुअल फंड के रूप में कर रखा है. इतना ही नहीं, उन्होंने करोड़ों रुपये सूद (ब्याज) पर भी लगा रखा है. इससे प्रत्येक महीने उन्हें लाख रुपये से ज्यादा ब्याज के रूप में आता है. भोजपुर जिले के एसपी रहने के दौरान उन्होंने पटना के पाटलिपुत्र बिल्डर (मालिक अनिल कुमार सिंह) में निवेश किया. हालांकि, इसमें उनका पहले से ही निवेश है. लेकिन, भोजपुर में एसपी रहने के दौरान इस कंपनी से उनकी साझेदारी कुछ ज्यादा बढ़ गयी थी.

पाटलिपुत्र शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में उन्होंने मां सुखदानी देवी के नाम से तीन दुकानें भी ले रखी हैं. इससे प्रत्येक महीने लाख रुपये से ज्यादा रेंट के तौर पर आमदनी होती है. इन दुकानों की कुछ साल पहले ही रजिस्ट्री करायी गयी है, लेकिन रजिस्ट्री के कागजात में मां के जिस बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर होने का उल्लेख किया गया है, हकीकत में उस बैंक खाते से पैसे ट्रांसफर हुए ही नहीं हैं. यानी इन दुकानों को बिना पैसे दिये या कैश देकर लिखवाया गया है.

मां सुखदानी देवी के जिस बैंक खाते का जिक्र किया गया है, उसमें 70 लाख रुपये से ज्यादा जमा हैं, जबकि इनके पिता 2003 में ही डीएसपी के पद से रिटायर हो गये थे और कुछ वर्ष पहले उनका निधन भी हो गया है. इसके बाद से उनकी मां को पेंशन मिल रही है. लेकिन, सिर्फ पेंशन को जमा करके इतनी ज्यादा राशि जमा करना संभव नहीं है. हालांकि, इस मामले की अलग से जांच इओयू कर रही है. जांच पूरी होने के बाद लेन-देन से जुड़े अन्य कई खुलासे हो सकते हैं और इसकी जद में कई दूसरे लोग भी आ सकते हैं.

Posted by Ashish Jha

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन