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Hajipur News : शिल्पियों के देवता विश्वकर्मा भगवान की पूजा आज

Updated at : 16 Sep 2025 10:36 PM (IST)
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Hajipur News : शिल्पियों के देवता विश्वकर्मा भगवान की पूजा आज

बुधवार को शिल्प और हुनर के देवता बाबा विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना की जायेगी.

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हाजीपुर. विश्वकर्मा पूजा को लेकर कल-कारखानों, निर्माण एजेंसियों, ट्रांसपोर्ट, लाइट-साउंड तथा टेंट-पंडाल निर्माताओं से लेकर तमाम तरह की मशीनरी से जुड़े प्रतिष्ठानों में उत्सवी माहौल है. बुधवार को शिल्प और हुनर के देवता बाबा विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना की जायेगी. पूजा की तैयारी में लोग मंगलवार की देर रात तक जुटे रहे. नगर के नखास चौक, मीनापुर, जढुआ समेत अन्य जगहों पर मूर्तिकार बाबा विश्वकर्मा की प्रतिमा को अंतिम रूप देने में जुटे थे. इधर शहर के विभिन्न स्थानों पर पूजा-पंडालों में सजावट का काम चल रहा था. पूजा को लेकर मंगलवार को बारिश का मौसम होने के बावजूद शहर में दिन भर खासी चहल-पहल देखी गयी. पूजन सामग्रियों, फल मंडी, किराना, सजावट व इलेक्ट्रिकल गुड्स आदि की दुकानों में देर शाम तक ग्राहकों की भीड़ देखी गयी. मान्यता है कि भगवान विश्वकर्मा की पूजा करने से कारोबार में वृद्धि होती है. आचार्य-पंडितों के अनुसार इस बार विश्वकर्मा पूजा पर कई शुभ संयोग बन रहा है. आचार्य आशुतोष त्रिपाठी ने बताया कि बुधवार 17 सितंबर को सूर्यदेव कन्या राशि में प्रवेश करेंगे. इस दिन सुबह में पुनर्वसु नक्षत्र और उसके बाद पुष्य नक्षत्र विद्यमान रहेगा. इसके साथ ही परिध योग का भी संयोग बन रहा है. भगवान विश्वकर्मा की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह सात बजे से रात आठ बजे तक रहेगा, जबकि विशेष अभिजीत मुहूर्त 11.15 बजे दिन से 12.25 तथा 1.05 से 2.15 बजे तक होगा.

इन स्थानों पर पूजा की हुई विशेष तैयारी

विश्वकर्मा पूजा की तैयारी शहर के रामाशीष चौक स्थित वाहन पड़ाव, त्रिमूर्ति चौक स्थित टेंपू स्टैंड, कोनहारा घाट स्थित विद्युत कार्यालय, पावर सबस्टेशन, पासवान चौक, जढुआ समेत अन्य स्थानों पर विशेष रूप से की गयी है. शहर के औद्योगिक क्षेत्र में विभिन्न फैक्टरियों और उत्पादन इकाइयों में धूमधाम से विश्वकर्मा पूजा की तैयारी की गयी है. इसके अलावा मोटर गैरेजों, वाहन प्रतिष्ठानों, मशीनरी वर्कशाप और इलेक्ट्रॉनिक दुकानों में भी बाबा विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना की जायेगी. माना जाता है कि भगवान विश्वकर्मा का जन्म आश्विन माह में कन्या संक्रांति में हुआ था. इन्होंने सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा के सातवें धर्मपुत्र के रूप में जन्म लिया था. हर साल 17 सितंबर को उनकी जयंती मनायी जाती है. इस अवसर पर बाबा विश्वकर्मा की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की जाती है. कहा जाता है कि भगवान विश्वकर्मा ने ही सतयुग में स्वर्गलोक, त्रेता युग मे सोने की लंका और द्वापर में द्वारिका का निर्माण किया था. बाबा विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना से कारोबारियों और निर्माण कार्य से जुड़े उद्यमियों को समृद्धि मिलती है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SHAH ABID HUSSAIN

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By SHAH ABID HUSSAIN

SHAH ABID HUSSAIN is a contributor at Prabhat Khabar.

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