किसान पंजीकरण महाअभियान में सूबे में वैशाली अव्वल

अभियान में एक लाख 42 हजार 681 किसान पंजीकरण, दो लाख 21 हजार 328 इ-केवाइसी
हाजीपुर. बिहार सरकार के किसान पंजीकरण महाअभियान में वैशाली जिला ने गौरवपूर्ण उपलब्धि के साथ पूरे बिहार में प्रथम स्थान पर रहा. पूरे जिले में अभियान के अंतिम दिन 11 हजार 332 किसानों का पंजीकरण किया गया. जो पूरे राज्य में प्रथम स्थान पर रहा. अभियान के दौरान जिला, रैंकिंग में शीर्ष टॉप पांच के इर्द गिर्द ही रहा लेकिन आखिरी में राज्य में सर्वोच्च स्थान पर काबिज हुआ.
किसान पंजीकरण अभियान में किसानों के सशक्तिकरण की दिशा में एक सुनियोजित पहल के रूप में दो चरणों में संचालित किया गया था. महाअभियान के प्रथम चरण में 6 जनवरी से 11 जनवरी तक चला, जिसमें व्यापक जनभागीदारी के माध्यम से अभियान की सुदृढ़ नींव रखी गई. इस चरण में भगवानपुर प्रखंड ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अग्रणी भूमिका निभाई.महाभियान के दूसरे चरण में अभियान ने और अधिक गति, विस्तार एवं प्रभावशीलता से चला इस चरण में पातेपुर प्रखंड ने नेतृत्व करते हुए पंजीकरण की रफ्तार को नई ऊंचाई दिया. दोनों चरणों की जनसहभागिता ने इस अभियान को एक प्रभावी मुहिम में परिवर्तित कर दिया.
कोई भी पात्र किसान नहीं रहेगा पीछे
अभियान के दौरान जिले में एक लाख 42 हजार 681 किसान पंजीकरण, दो लाख 21 हजार 328 ई-केवाईसी तथा दो लाख 14 हजार 562 पीएम-किसान पंजीकरण किया गया. जिससे कुल किसान पंजीकरण 66 प्रतिशत तक पहुंचा. ये आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि जिला प्रशासन ने योजनाओं को कागज से आगे बढ़ाकर वास्तविक लाभार्थियों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाया.डीएम वर्षा सिंह के नेतृत्व में यह अभियान केवल पंजीकरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि किसान के साथ खड़े प्रशासन की पहचान बन गया. डीएम ने कहा की कोई भी पात्र किसान पीछे नहीं रहेगा, चाहे उसकी राह भौगोलिक रूप से कठिन हो, सामाजिक रूप से उपेक्षित हो या तकनीकी रूप से जटिल.
महादलित टोले में लगे विशेष शिविर
इसी सोच के साथ प्रशासन ने महादलित टोलों में विशेष शिविर लगाए, शीतलहर में भी काम नहीं रुका अलाव जलाकर किसानों को इकट्ठा कर पंजीकरण किया गया. इस अभियान में महिलाओं की भागीदारी से सबसे अहम रही स्वयं जिलाधिकारी के नेतृत्व में महिलाओं को आगे लाकर जिला से लेकर प्रखंड और फील्ड तक बड़ी संख्या में महिला किसान इस अभियान में शामिल हुई.कैंप के हर दिन प्रशासनिक टीम ने सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक फिल्ड में रहकर काम किया. केंद्रीकृत नियंत्रण कक्ष के माध्यम से पंजीकरण से जुड़ी तकनीकी समस्याओं का त्वरित समाधान कर कार्य किया गया. किसान पंजीकरण में व्हाट्सएप आधारित समन्वय, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, डोर-टू-डोर किसान पंजीकरण एवं ई-केवाईसी, तथा पंचायत भवन, सीएससी और वसुधा केंद्रों जैसे स्थानीय संसाधनों के समुचित उपयोग ने प्रक्रिया को सरल और भरोसेमंद बनाया. ़किसान पंजीकरण महाअभियान का यह ऐतिहासिक समापन बैशाली जिला प्रशासन संवेदनशील नेतृत्व और जन-केंद्रित शासन की सशक्त पहचान बन गया है.
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