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hajipur news. नशाखोरी, अवसाद, उपेक्षा, बेरोजगारी व पारिवारिक कलह आत्महत्या की मुख्य वजह : सीएस

Updated at : 10 Sep 2025 9:40 PM (IST)
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hajipur news. नशाखोरी, अवसाद, उपेक्षा, बेरोजगारी व पारिवारिक कलह आत्महत्या की मुख्य वजह : सीएस

विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर बुधवार को सदर अस्पताल परिसर स्थित जिला मानसिक स्वास्थ्य केंद्र के सभागार में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया

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हाजीपुर. विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर बुधवार को सदर अस्पताल परिसर स्थित जिला मानसिक स्वास्थ्य केंद्र के सभागार में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सिविल सर्जन डा श्यामनंदन प्रसाद ने कहा कि विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस का उद्देश्य लोगों को आत्महत्या से बचाव के प्रति जागरूक करना है. आत्महत्या का मुख्य कारण तनाव, चिंता, नशाखोरी, अवसाद, गंभीर बीमारी, उपेक्षा, बेरोजगारी और पारिवारिक कलह जैसी परिस्थितियां होती हैं. समस्याओं से भागकर जीवन समाप्त करने की बजाय समाधान के लिए परिवार से संवाद करें, दोस्तों से बात करें, काउंसलिंग लें और अपने जीवन के लिए लक्ष्य निर्धारित करें.

तेजी से बढ़ रहे आत्महत्या के मामले

मौके पर जिला गैर संचारी रोग पदाधिकारी डॉ राकेश कुमार साहू ने कहा कि दुनिया भर में आत्महत्या के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. अधिकांश लोग अवसाद और डिप्रेशन जैसी बीमारियों का शिकार होकर आत्महत्या को चुनते हैं. समाज में गरीबी, बेरोजगारी, बाल विवाह, कलह, आर्थिक दबाव, सामाजिक असमानता आदि भी इसके कारण हैं. चिकित्सा अधिकारी डा सतीश कुमार दिवाकर ने कहा कि हमें जीवन का मूल्य समझना चाहिए. आत्महत्या कोई समाधान नहीं है, बल्कि इससे परिवार और समाज को भी पीड़ा मिलती है.

कार्यक्रम का संचालन करते हुए जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी दयानंद श्रीवास्तव ने कहा कि टीनएजर बच्चों में सुसाइड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. डब्ल्यूएचओ के मुताबिक हर 40 सेकेंड में विश्व के किसी न किसी हिस्से में एक व्यक्ति आत्महत्या करता है. आजकल दुनिया भर में युवा जिन कारणों से आत्महत्या कर रहे हैं, उनमें इंटरनेट भी प्रमुख कारण है. इसलिए माता-पिता और अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों को समय दें, उनका ख्याल रखें और उनकी परेशानियों में उनके साथ खड़े रहें. डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधि अशोक कुमार सिंह ने आत्महत्या की रोकथाम के उपायों पर प्रकाश डाला. मौके पर ज्योति साहू, डॉ सूरत कुमार सिंह, डॉ दिनेश कुमार, डॉ दिनेश कुमार, डॉ महेश्वरी सिंह महेश, मधुकला देवी, जयकृष्ण कुमार, अरविंद कुमार, कमला देवी, ज्योति कुमारी, शारदा देवी, राजेश कुमार, संस्कृति कुमारी समेत अन्य उपस्थित थे. कार्यक्रम का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि आत्महत्या रोकी जा सकती है, इसे रोकना हम सबकी जिम्मेदारी है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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