महीनों से बंद KYP केंद्रों को खोलने की मांग, संचालकों ने पटना में किया जोरदार प्रदर्शन
प्रदर्शन के दौरान केवाईपी संचालक | Prabhat Khabar Network
बिहार में बंद पड़े कुशल युवा कार्यक्रम केंद्रों को फिर से शुरू करने की मांग को लेकर संचालकों ने पटना के नियोजन भवन में जोरदार प्रदर्शन किया।
Performance of KYP Operator : हाजीपुर में कई महीनों से बंद पड़े कुशल युवा कार्यक्रम (KYP) केंद्रों में प्रशिक्षण कार्य तत्काल शुरू कराने की मांग को लेकर बिहार के विभिन्न जिलों से पहुंचे केंद्र संचालकों ने गुरुवार को पटना स्थित नियोजन भवन परिसर में प्रदर्शन किया. केवाईपी वेल्फेयर सोसाइटी के बैनर तले हुए प्रदर्शन में संचालकों ने सरकार से केंद्रों को जल्द खोलने और लंबित प्रक्रियाओं को पूरा करने की मांग की.
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1,834 केंद्रों के भविष्य पर चिंता
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि बिहार में करीब 1,834 केवाईपी केंद्र स्थापित हैं. इनमें 1,731 से अधिक केंद्र बिहार कौशल विकास मिशन के पोर्टल पर क्रियाशील दिखाए जा रहे हैं. संचालकों के अनुसार, प्रत्येक केंद्र से प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से करीब 10 लोगों को रोजगार मिलता रहा है. इन केंद्रों के माध्यम से राज्य के हजारों युवाओं को कौशल प्रशिक्षण भी दिया जाता रहा है.
नई टेंडर प्रक्रिया को लेकर बढ़ी चिंता
केंद्र संचालकों ने प्रदर्शन के दौरान केवाईपी केंद्रों की री-टेंडरिंग का मुद्दा प्रमुखता से उठाया. उनका कहना है कि विभागीय मंत्री अरुण शंकर प्रसाद की ओर से केंद्रों को नई री-टेंडरिंग प्रक्रिया में लाने की बात कही गई है. संचालकों को आशंका है कि नई टेंडर प्रक्रिया में वर्षों से संचालित अनुभवी केंद्रों को शामिल नहीं किया गया तो हजारों केंद्र संचालकों और कर्मचारियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो सकता है.
2016 में शुरू हुआ था कुशल युवा कार्यक्रम
वक्ताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में वर्ष 2016 में बिहार के युवाओं को रोजगारपरक कौशल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कुशल युवा कार्यक्रम की शुरुआत हुई थी. यह राज्य के प्रमुख कौशल विकास कार्यक्रमों में शामिल रहा है. संचालकों का आरोप है कि नई सरकार के गठन के बाद कार्यक्रम के संचालन पर प्रतिकूल असर पड़ा है और केंद्रों के महीनों से बंद रहने के कारण युवाओं का प्रशिक्षण प्रभावित हो रहा है.
विभाग से स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने विभागीय कार्यप्रणाली और अधिकारियों से संवाद की स्थिति पर भी सवाल उठाए. उनका कहना है कि केंद्र संचालक लगातार अपनी समस्याओं को लेकर विभागीय अधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं, लेकिन उन्हें स्पष्ट जानकारी और संतोषजनक समाधान नहीं मिल रहा है. इससे केंद्र संचालकों में असंतोष बढ़ रहा है.
मांग नहीं मानी तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
डॉ. आनंद रंजन झा, अमोद कुमार सिंह, जितेंद्र तिवारी, नितेश मोहन, जितेश कुमार, मनीष कुमार और बिट्टू कुमार समेत अन्य वक्ताओं ने केंद्र संचालकों की समस्याओं और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दे उठाए.
बंद केंद्रों में प्रशिक्षण शुरू करने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि KYP केवल केंद्र संचालकों की आजीविका का माध्यम नहीं है, बल्कि बिहार के हजारों युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने वाला महत्वपूर्ण कार्यक्रम है. सरकार को इसे कमजोर करने के बजाय और मजबूत करना चाहिए. उन्होंने मांग की कि बंद केंद्रों में तत्काल प्रशिक्षण शुरू कराया जाए, लंबित प्रक्रियाएं जल्द पूरी की जाएं और वर्तमान एवं अनुभवी केंद्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए न्यायसंगत नीति बनाई जाए.
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