hajipur news. मुखिया के बेटे के पास से मिले एके-47 मामले में एनआइए ने तीन जगहों पर की छापेमारी

एसडीओ रोड में हाईकोर्ट के अधिवक्ता संदीप सिन्हा और बागमली कृष्णापुरी मुहल्ले में सत्यम कुमार के घर में छापेमारी, महुआ थाना के गौसपुर चकमजाहिद में मुन्ना कुमार के घर भी की जांच
हाजीपुर. वैशाली में तीन जगहों पर बुधवार की अहले सुबह एनआइए की टीम ने छापेमारी की. एनआइए ने हाजीपुर नगर थाना के एसडीओ रोड में हाईकोर्ट के अधिवक्ता संदीप कुमार सिन्हा उर्फ छाेटू लाला और बागमली कृष्णापुरी मुहल्ले में सत्यम कुमार के घर पर छापेमारी की. सुबह करीब पांच बजे से नौ बजे तक एनआइए की टीम ने यहां छापेमारी की. छापेमारी के बाद एनआइए टीम की यहां से निकल गयी. इस दौरान एनआइए की टीम ने मीडिया से पूरी तरह से दूरी बनायी रखी. वहीं, महुआ थाना के गौसपुर चकमजाहिद गांव में मुन्ना कुमार के घर पर छापेमारी की. एनआइए ने करीब छह घंटे तक जांच की. बताया जाता है कि मुन्ना पूर्व में किसी मामले में जेल भी जा चुका है. बताया जाता है कि बीते सात मई को बिहार एसटीएफ व मुजफ्फरपुर पुलिस ने एके 47 राइफल का बट एवं लेंस व पांच कारतूस के साथ मुजफ्फरपुर जिले के जैतपुर थाना के पोखरैरा गांव निवासी अजय शंकर प्रसाद के पुत्र विकास कुमार और हाजीपुर नगर थाना के अंजानपीर वार्ड नंबर चार के रंधीर सिंह के पुत्र सत्यम कुमार को गिरफ्तार किया था. उनकी निशानदेही पर मुजफ्फरपुर जिले के फकुल थाना के मनकौली निवासी नंदकिशोर राय उर्फ भोला राय के पुत्र देवमनी राय उर्फ अनीस को बिना बट के एके 47 एसाल्ट राइफल के साथ गिरफ्तार किया गया था. देवमनी के पास से बिना बट के एके 47 में जब पुलिस ने तस्करों के पास से बरामद बट को सेट किया, तो वह पूरी तरह से फिट हो गया था. अनिश के पिता नंदकिशोर कुढ़नी के मुखिया हैं.
नगालैंड से जुड़ा था तार
पुलिस सूत्रों के अनुसार एके 47 की बरामदगी के बाद बीते जून माह में एनआइए ने इस मामले की जांच शुरू की थी. जांच में यह बात सामने आयी थी कि नागालैंड से तस्करी करके एके 47 को बिहार लाया गया था. यह बात भी सामने आयी थी कि हाजीपुर के सत्यम कुमार और मुजफ्फरपुर जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र के पोखरैरा गांव निवासी विकास कुमार नागालैंड से एक-47 राजधानी एक्सप्रेस से खरीद कर लाये थे. विकास और सत्यम आपस में ममेरा-फुफेरा भाई बताये जाते हैं. ये दोनों वहां से हथियार की तस्करी कर यहां लाने के बाद उसे बेच देते थे. पुलिस को आशंका है कि हथियारों की तस्करी से होने वाली आमदनी को ये जमीन में निवेश कर देते थे.
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