आखिरी ताजिया पहलाम के साथ संपन्न हुआ मुहर्रम

Edited by AMLESH PRASAD
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नगर के जढुआ स्थित ऐतिहासिक कर्बला मैदान में सोमवार की रात आखिरी ताजिया का पहलाम होने के साथ ही मुहर्रम का पर्व संपन्न हो गया.

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हाजीपुर. नगर के जढुआ स्थित ऐतिहासिक कर्बला मैदान में सोमवार की रात आखिरी ताजिया का पहलाम होने के साथ ही मुहर्रम का पर्व संपन्न हो गया. हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद करते हुए इस्लाम धर्मावलंबियों ने गम और मातम के साथ मुहर्रम का पर्व मनाया. जढुआ के कर्बला मैदान में रविवार से ही ताजियों का पहलाम शुरू हो गया था. सोमवार की सुबह से नगर क्षेत्र के अखाड़ों से ताजिया जुलूस निकलना शुरू हुआ. देर शाम तक ताजिये का पहलाम होता रहा. रविवार को नगर के जढुआ स्थित मंगली अखाड़े के ताजिये का पहलाम होने के साथ शुरू हुआ सिलसिला सोमवार की शाम मीनापुर स्थित बुढ़वा अखाड़ा के ताजिया पहलाम के साथ खत्म हुआ. इसी के साथ कर्बला मैदान में आयोजित दो दिवसीय मुहर्रम मेले का समापन हुआ.

नगर के जढुआ स्थित कर्बला मैदान में ग्रामीण क्षेत्रों से ताजिये का पहलाम करने आये अखाड़ों में मजलिसपुर का हुसैनी अखाड़ा, माइल का पगला अखाड़ा, सहदुल्लाहपुर का बच्चा अखाड़ा, कर्णपुरा का बच्चा आजाद अखाड़ा आदि आकर्षण के केंद्र थे. शहर के चौधरी मुबारक अली मोहल्ला स्थित राइन अखाड़ा से भव्य ताजिया जुलूस निकाला गया. अखाड़े के खलीफा के साथ बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल थे. इसके अलावे शहर के अनवरपुर, बागदुल्हन, मड़ई रोड, बागमली, पठानटोली, मस्जिद चौक, नूनगोला, कटरा, जढुआ समेत अन्य स्थानों से ताजिया जुलूस निकाला गया. ताजिया जुलूस में शामिल लोगों ने अपने अखाड़ों के बीच सिपहगीरी के फन दिखाये. लाठी, तलवार एवं अन्य पारंपरिक अस्त्रों के साथ तरह-तरह की कलाबाजियां प्रदर्शित की गयीं. वहीं, शिया समुदाय के लोगों ने जंजीरी मातम से लेकर कई तरह के करतब दिखाये. वे अपने शरीर को चोट पहुंचा कर हजरत हुसैन की शहादत का मातम मनाते देखे गये.

डीएम-एसपी के नेतृत्व में पुलिस-प्रशासन रहा चौकस

जढुआ के करबला मैदान में लगने वाले मुहर्रम मेला और विभिन्न स्थानों से निकलने वाले ताजिया जुलूसों को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये गये थे. शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर दंडाधिकारी के नेतृत्व में पुलिस बल की तैनाती थी. मेला स्थल पर बड़ी संख्या में पुलिस बल को लगाया गया था. शहर के विभिन्न मार्गों से लेकर जढुआ के कर्बला मैदान तक सघन गश्ती की जा रही थी. संवेदनशील इलाकों पर पैनी नजर रखी गयी थी. हालांकि ताजिया जुलूस के दौरान कई परस्पर अखाड़ों के बीच हंगामे की स्थिति भी पैदा होती रही, लेकिन चौकस पुलिस-प्रशासन ने तत्परता और सूझबूझ के साथ शांतिपूर्ण स्थिति बनाये रखी. सोमवार की सुबह नगर के जढुआ में कर्बला मोड़ पर ताजिया जुलूस को आगे निकालने के विवाद में दो अखाड़ों के बीच झड़प हो गयी, जिसमें दोनों तरफ से पत्थरबाजी की गयी. इसके चलते कुछ समय के लिए अफरा तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गयी. प्रशासनिक अधिकारियों के साथ शहीद-ए-आजम कमेटी के सचिव नसीम अहमद एवं अन्य सदस्यों ने समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया. विधि-व्यवस्था और शांतिपूर्ण माहौल बनाये रखने के लिए प्रशासन ने ताजिया जुलूस के निर्धारित रूट और समय का कड़ाई से पालन कराया. मुहर्रम मेले के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी लगातार दौड़ लगाते देखे गये.

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