hajipur news. महापंडित राहुल सांकृत्यायन ने बज्जिका को दिलायी पहचान

Published by :Shashi Kant Kumar
Published at :09 Apr 2025 11:00 PM (IST)
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hajipur news. महापंडित राहुल सांकृत्यायन ने बज्जिका को दिलायी पहचान

बज्जिका विकास मंच के तत्वावधान में बुधवार को महापंडित राहुल सांकृत्यायन जयंती समारोह आयोजित हुआ, बागमली स्थित सूरजदेव मेमोरियल स्कूल में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता चितरंजन सिन्हा कनक ने की

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हाजीपुर. बज्जिका विकास मंच, मुज्जफ़रपुर के तत्वावधान में यहां बुधवार को महापंडित राहुल सांकृत्यायन जयंती समारोह आयोजित हुआ. शहर के बागमली स्थित सूरजदेव मेमोरियल स्कूल में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता मंच के अध्यक्ष चितरंजन सिन्हा कनक ने की. स्कूल के निदेशक विजय कुमार ने दीप प्रज्वलित कर इसका उद्घाटन किया. कार्यक्रम में कई पुस्तकों का विमोचन, विचार गोष्ठी और कवि गोष्ठी हुई. मुख्य अतिथि द्वारिका राय सुबोध एवं अध्यक्ष चितरंजन सिन्हा कनक ने अतिथियों के साथ बज्जिका विकास मंच की पत्रिका बज्जिकालोक का विमोचन किया. विशिष्ट अतिथि डॉ विनोद कुमार सिन्हा ने डॉ शारदाचरण लिखित बज्जिका बाल व्याकरण बोध का विमोचन किया. वहीं, वरिष्ठ कवि शंभु शरण मिश्र के काव्य संग्रह तुलसी के पत्ता का विमोचन किया. मुख्य वक्ता ज्वाला सांध्यपुष्प एवं मणिभूषण प्रसाद सिंह अकेला ने किया. कार्यक्रम का संचालन मंच के सचिव अमिताभ कुमार सिन्हा ने किया. विचार गोष्ठी में विजय कुमार ने कहा कि बज्जिका एक समृद्ध भाषा है. यह लोकतंत्र की जननी और बृज्जि जनसंघ की भाषा है. महापंडित राहुल सांकृत्यायन ने इस क्षेत्र की भाषा का नाम देकर साहित्य जगत में इसे पहचान दिलायी. इस दिन को बज्जिका पहचान दिवस के रूप में मनाया जाना चाहिए. द्वारिका राय सुबोध ने कहा कि बज्जिका में श्रेष्ठ साहित्य उपलब्ध हैं. बहुतायत में पत्र-पत्रिकाएं छप रही हैं. बिहार की अन्य लोकभाषाओं की तरह सरकार बज्जिका अकादमी का गठन कर इसे उचित सम्मान दे. मुख्य वक्ता ज्वाला सांध्यपुष्प ने बज्जिका की भाषिक संरचना तथा मणिभूषण प्रसाद सिंह अकेला ने बज्जिका भाषा की दशा और दिशा पर बातें रखीं. अध्यक्ष ने कहा कि मंच पिछले 25 वर्षों से बज्जिका भाषा के संरक्षण-संवर्धन में क्रियाशील है.

अंतिम सत्र में कवि गोष्ठी हुई. मौके पर डॉ सुधांशु कुमार चक्रवर्ती ने अपने एकल नाटक सत्ता की प्रस्तुति की. मधु मंगल ठकुर, प्रेम कुमार वर्मा, सुरेश कुमार वर्मा, रामकिशोर सिंह चकवा, कामेश्वर प्रसाद गुप्ता वैद्य, राजकिशोर सिंह, नूतन सिंह, वशिष्ठ राय वशिष्ठ, डॉ संजय विजित्वर,अवधेश तृषित, रवींद्र कुमार रतन, पूर्णिमा श्रीवास्तव, दिनेश प्रसाद धुरंधर, दुखित महतो, भक्त राज, कामेश्वर मिश्र घुमक्कर, अमिताभ कुमार सिंहा, डॉ नंदू दास, मनोज भूषण, हरिविलास, डाॅ पुष्पा गुप्ता आदि ने काव्य पाठ किया. कार्यक्रम संयोजक आनंद कुमार सिन्हा ने अतिथियों का स्वागत किया. रवींद्र कुमार रतन ने धन्यवाद ज्ञापित किया.

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