HAJIPUR NEWS : राघोपुर में फैला बाढ़ का पानी, 21 तक स्कूल बंद

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 18 Sep 2024 10:48 PM

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HAJIPUR NEWS : गंगा नदी के जल स्तर में हुई वृद्धि की वजह से राघोपुर दियारा इलाका बाढ़ की चपेट में आ गया है. सभी प्रमुख सड़कों पर पानी चढ़ गया है. इससे आवागमन प्रभावित हो रहा है. जुड़ावनपुर थाना परिसर सहित दर्जनों स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र बाढ़ के पानी से घिर गये हैं. कच्ची दरगाह-बिदुपुर निर्माणाधीन सिक्स लेन पुल के पाया नंबर 13 से 56 तक बाढ़ का फैल गया है. राघोपुर में 21 सितंबर तक स्कूलों को बंद करा दिया गया है.

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हाजीपुर/राघोपुर . गंगा नदी के जल स्तर में हुई वृद्धि की वजह से राघोपुर दियारा बाढ़ की चपेट में आ गया है. प्रखंड की सभी प्रमुख सड़कों पर बाढ़ का पानी चढ़ गया है. इससे आवागमन प्रभावित हो रहा है. जुड़ावनपुर थाना परिसर सहित दर्जनों स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र बाढ़ के पानी से घिर गये हैं. कच्ची दरगाह-बिदुपुर निर्माणाधीन सिक्स लेन पुल के पाया नंबर 13 से 56 तक बाढ़ का फैल गया है. इसके कारण काम प्रभावित हो रहा है. प्रखंड के रुस्तमपुर से बीरपुर, जेठुली घाट से वीरपुर जाने वाले मुख्य मार्ग, फतेहपुर से खालसा घाट एवं पहाड़पुर से जमींदारी घाट जाने वाले मुख्य मार्ग पर कई जगह पानी चढ़ गया है, जिसके के कारण आवागमन में परेशानी हो रही है. लोग जान जोखिम में डालकर सड़क पार कर रहे हैं. प्रखंड के पहाड़पुर, राघोपुर, जुड़ावनपुर करारी, शिव नगर स्थित बिंदा मार्केट के निकट बाढ़ का पानी आने से लोग चिंतित हैं. कई दुकानों में पानी भर गया है, जिसके कारण लोगों को काफी नुकसान हुई है. सबसे ज्यादा परेशानी चकसिंगार पंचायत के लोगों को हो रही है. मालूम हो कि बाढ़ की पानी तीन दिन पहले प्रखंड के निचले इलाके में प्रवेश कर चुका है. धीरे-धीरे बाढ़ का पानी कई गांवों में फैल रहा है. प्रखंड के मुख्य मार्ग एवं कई ग्रामीण सड़कों पर बाढ़ का पानी चढ़ने के कारण आवागमन में परेशानी हो रही है. कई छोटे-छोटे ढाब भी पानी से भर गया है.जान जोखिम में डालकर स्थानीय लोग सड़क एवं ढाब पार कर रहे हैं. वहीं लोग छोटे-छोटे ढाब ट्यूब एवं केला के थम की नाव बनाकर पार कर रहे हैं. खासकर पशुपालकों को पशु चारा लाने में काफी परेशानी होती है. फिलहाल राघोपुर अंचल कार्यालय द्वारा प्रखंड में कहीं भी नाव की व्यवस्था नहीं की गयी है.

राघोपुर के गांव जलमग्न

प्रखंड के नैकीपारी, खुदगाश, हैवतपुर, परोहा, जफराबाद, जहांगीरपुर, सरायपुर, तेरसिया, हेम्मतपुर, चक सिगार, बहरामपुर, वीरपुर समेत सभी गांवों में पानी भर गया है, जिसके कारण लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. लोग अभी से पशु एवं अपने लिए ऊंचे स्थान पर शरण लेने के लिए जगह चयनित कर रहे हैं. वहीं जान जोखिम में डाल कर लोग एक स्थान से दूसरे स्थान पर अपने दैनिक उपयोग का सामान खरीदने के लिए आते जाते हैं.

88 ट्रांसफाॅर्मरों की लाइट बंद, कई गांव में अंधेरा

राघोपुर प्रखंड के विभिन्न गांवों में बाढ़ का पानी आने के बाद बिजली कंपनी ने आधा दर्जन से अधिक गांवों की एहतियात के तौर पर बिजली काट दी है. जेइ रूपेश कुमार ने बताया कि चकसिंगार, वीरपुर, शिवनगर करारी, शिवनगर बरारी, राघोपुर पूर्वी-पश्चिमी, जाफराबाद, जहांगीरपुर समेत कई गांवों में लगे 88 ट्रांसफाॅर्मरों की लाइट बंद कर दी गयी है. पानी कम होने के बाद स्थिति के अनुसार पुनः बिजली की सप्लाइ शुरू कर दी जायेगी.

राघोपुर में 30 व सहदेई में उपलब्ध करायी गयीं दो नावें

राघोपुर की 20 में से निचले इलाके की 11 पंचायतें पूरी तरह से बाढ़ की चपेट में आ गयी हैं. गंगा नदी के बढ़ते जल स्तर व बाढ़ को देखते हुए डीएम के निर्देश पर बुधवार को एडीएम आपदा व हाजीपुर एसडीओ ने राघोपुर प्रखंड के बाढ़ग्रस्त इलाके का दौरा किया. साथ ही राघोपुर बीडीओ के साथ समीक्षा बैठक की. बताया गया कि बाढ़ग्रस्त इलाके में अंचल स्तर से 30 नाव का परिचालन किया जा रहा है. एसडीआरएफ की चार बोट के साथ दो टीमों को प्रतिनियुक्त किया गया है. जल स्तर में वृद्धि होने पर प्रभावित परिवारों को पूर्व से चिह्नित आश्रय स्थलों पर पहुंचाया जायेगा. राघोपुर के पशु चिकित्सालय में मवेशी के इलाज के लिए सभी प्रकार की दवाएं उपलब्ध करायी गयी हैं. वहीं रेफरल अस्पताल मोहनपुर, पीएचसी फतेहपुर की अलावा पंचायतों में एएनएम को दवा के साथ प्रतिनियुक्त किया गया है. उधर, सहदेई प्रखंड की बाढ़ग्रस्त गनियारी पंचायत में दो नावों का परिचालन किया जा रहा है. महनार में दो बोट के साथ एसडीआरएफ की एक टीम को प्रतिनियुक्त किया गया है.

देसरी के खड़गपुर में 150 घर डूबे

देसरी प्रखंड की आजमपुर पंचायत के वार्ड संख्या दो, सात, 11, 12 व 13 खड़गपुर में बाढ़ का पानी फैल गया गया है. इसकी वजह से 150 घरों के लोगों ने ऊंचे स्थानों पर शरण ले ली है. बाढ़पीड़ित तीन दिनों से विस्थान का दंश झेल रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें प्रशासन की ओर से पॉलीथिन शीट्स भी उपलब्ध नहीं कराया गया है. औबांध के दक्षिण पानी भरा हुआ है और उत्तर तरफ आबादी है. इसके कारण बाढ़पीड़ितों को शौच जाने में भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. खासकर महिलाओं को और अधिक परेशानी हो रही है. फिर भी पीएचइडी के द्वारा अब तक एक भी अस्थाई शौचालय का निर्माण नहीं कराया गया है. लोग जरूरत के सामान पानी में तैरकर या नाव से अपने घरों से बांध पर लाते हैं. पशुपालक मवेशियों के साथ एनएच किनारे शरण लिये हुए हैं. कुछ किसान मवेशियों को लेकर उत्तर दिशा में निकल गये हैं. पशुपालकों के लिए पशुओं के लिए चारा का इंतजाम करना भी दुर्लभ हो गया है. कनीय विद्युत अभियंता अनिल कुमार ने बताया कि बांध पर रह रहे बाढ़पीड़ितों के बीच बिजली कनेक्शन उपलब्ध करवा दिया गया है. वहीं अत्यधिक पानी आ जाने से बिलट चौक स्थित स्लूइस गेट पर काफी दबाव बन गया है. पुल भी काफी पुराना है, जो जर्जर हो चुका है. जहांगीरपुर शाम में मध्य विद्यालय पूरी तरह से डूब गया है. किसी भी वक्त बाढ़ का पानी बांध से होकर गांव में प्रवेश कर सकता है.

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