ePaper

Bihar: चप्पे-चप्पे पर CCTV, फिर भी बदल गया नवजात बच्चे का जेंडर, तीन दिन पहले अस्पताल में हुआ था भर्ती

Updated at : 18 Apr 2022 12:44 PM (IST)
विज्ञापन
Bihar: चप्पे-चप्पे पर CCTV, फिर भी बदल गया नवजात बच्चे का जेंडर, तीन दिन पहले अस्पताल में हुआ था भर्ती

बिहार के हाजीपुर स्थित सरकारी अस्पताल में स्वास्थ कर्मियों द्वारा की गई इस गड़बड़ी के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया. सिविल सर्जन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच शुरू कर दी है.

विज्ञापन

हाजीपुर में आये दिन अपने कारनामे की वजह से सुर्खियां बटोरने वाला सदर अस्पताल एक बार फिर से सुर्खियों में है. इस बार यहां के स्वास्थ्यकर्मियों ने जो कारनामा किया है. उसे सुन कर लोग न सिर्फ आश्चर्य जता रहे हैं. बल्कि यहां की व्यवस्था पर भी सवालिया निशान उठने लगे हैं. इस बार यहां के स्वास्थ्यकर्मियों ने नवजात शिशु चिकित्सा इकाई में भर्ती कराये गये एक बच्चे का जेंडर ही चेंज कर डाला.

मामले की जांच शुरू की गयी

14 अप्रैल को जब एसएनसीयू में बच्चे को भर्ती कराया गया था. उस वक्त वह बालक था. वहीं रविवार को स्वास्थ्य कर्मियों ने परिजनों को एक बच्ची का शव यह कह कर सौंप दिया कि इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गयी है. इसके बाद परिजनों ने बच्चा बदलने का आरोप लगा कर हंगामा शुरू कर दिया. इस घटना के बाद अस्पताल प्रशासन भी सकते में है. सिविल सर्जन के निर्देश पर मामले की जांच भी शुरू हो गयी है.

सवालों के घेरे में अस्पताल प्रशासन

सदर अस्पताल कैंपस में चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है. एसएनसीयू में भी सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जाती है. चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरा लगे रहने के बावजूद अगर बच्चा बदल जाता है या फिर गायब हो जाता है. तो यह अस्पताल प्रशासन की न सिर्फ बड़ी चूक, बल्कि यहां की सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़े झोल को भी दर्शाता है. फिलहाल सिविल सर्जन डॉ अखिलेश मोहन सिन्हा ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच शुरू कर दी है, लेकिन अस्पताल प्रशासन पर सवाल खड़े हो गये हैं.

Also Read: Sarkari Naukri 2022: बिजली विभाग में विभिन्न पदों पर निकली भर्ती, आवेदन करने का आखिरी मौका
प्रसव होने के बाद सदर अस्पताल पहुंचे थे परिजन

राजापाकर थाना के बाकरपुर चकसिकंदर निवासी मो मुर्तुजा की पत्नी जरक्षा खातुन को प्रसव पीड़ा होने पर बीते 14 अप्रैल को परिजन डिलिवरी के लिए सदर अस्पताल लेकर आ रहे थे. रास्ते में ही प्रसव होने के बाद परिजन सदर अस्पताल पहुंचे थे और जच्चे-बच्चे का इलाज कराया था. डॉक्टर की सलाह पर नवजात बच्चे को नवजात शिशु चिकित्सा इकाई में भर्ती कराया गया था.

परिजनों के आरोप को पुख्ता कर रहा रजिस्टर

परिजनों का आरोप है कि जरक्षा ने पुत्र को जन्म दिया था और रविवार को स्वास्थ्यकर्मी उन्हें एक मृत बच्ची का शव सौंप रहे हैं. परिजनों के इस आरोप की पुष्टि एसएनसीयू का रजिस्टर व बच्चे की भर्ती के बाद परिजनों को मिलने वाला स्लिप भी कर रहा है. रजिस्टर पर 14 अप्रैल को क्रमांक 148 में जरक्षा खातुन का नाम दर्ज है और बच्चे का जेंडर पुरुष दर्ज है. वहीं परिजनों को 3587/3119 नंबर से 12 अप्रैल को स्लिप दिया गया था. उस पर भी बच्चे का जेंडर पुरुष ही दर्ज है.

Published By: Anand Shekhar

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन