ePaper

hajipur news. डॉक्टर की कमी और सुविधाओं का अभाव झेल रहा बेलसर पीएचसी

Updated at : 13 Jun 2025 11:01 PM (IST)
विज्ञापन
hajipur news. डॉक्टर की कमी और सुविधाओं का अभाव झेल रहा बेलसर पीएचसी

मरीजों को मिलती है केवल प्राथमिक उपचार की सुविधा, अस्पताल में रिक्त हैं शिशु व हड्डी रोग विशेषज्ञ, एनेस्थेटिस्ट और नर्स के पद

विज्ञापन

पटेढी बेलसर. पटेढी बेलसर पीएचसी में जरूरी चिकित्सकीय उपकरण के अभाव में गंभीर मरीजों को सिर्फ प्राथमिक उपचार की सुविधा ही मिल पा रही है. सड़क दुर्घटना में जख्मी, मारपीट में जख्मी हो या गंभीर बीमारी से ग्रसित मरीज उनको प्राथमिक उपचार के बाद सदर अस्पताल हाजीपुर रेफर कर दिया जाता है. इमरजेंसी की हालत में प्रखंड क्षेत्र के मरीजों को निजी अस्पताल या सदर अस्पताल हाजीपुर में जाना पड़ रहा है. हालांकि, स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार और बढ़ोतरी से अस्पताल में ओपीडी के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है. पीएचसी में स्वास्थ्य विभाग के द्वारा अधिसूचित दवाइयों की उपलब्धता से ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 70 से 80 मरीज पहुंच रहे है. उन मरीजों को ओपीडी में तैनात चिकित्सक के द्वारा उपचार कर दवा भी दी जा रही है. हड्डी रोग और शिशु रोग विशेषज्ञ का पद खाली रहने से मरीजों को निजी अस्पताल का सहारा लेना पड़ता है.

डॉक्टर की कमी के कारण निजी अस्पताल बना सहारा

स्वास्थ्य विभाग के द्वारा पीएचसी में स्वीकृत चिकित्सकों के पद में से शिशु रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ तथा एनेस्थेटिस्ट के पद खाली है. हड्डी रोग तथा शिशु रोग विशेषज्ञ के पद खाली रहने से उन विभाग से संबंधित मरीजों को वापस लौटना पड़ रहा है. स्त्री तथा प्रसूति रोग के लिए दो महिला चिकित्सक तथा एक डेंटिस्ट की तैनाती भी है. इसके अतिरिक्त प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी के अलावे दो फिजिशियन भी पद स्थापित है. एक्स रे, ईसीजी तथा सिटी स्कैन के मशीन उपलब्ध नहीं रहने से गंभीर बीमारियों से ग्रस्त तथा घायल मरीजों को रेफर करना चिकित्सकों की मजबूरी है. पीएचसी में स्त्री रोग विशेषज्ञ के तैनाती से क्षेत्र में महिलाओं की प्रसव की सुविधा मिल रही है. प्रत्येक माह 50 से अधिक गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव कराया जा रहा है. महिलाओं को प्रसव के बाद जच्चा बच्चा किट भी प्रदान की जाती है. नर्स के स्वीकृत 29 पदों में से 10 पद रिक्त है.

अस्पताल में उपलब्ध हैं 157 प्रकार की दवाएं

पीएचसी में वर्तमान में 157 प्रकार की दवा उपलब्ध है. इन दवाओं में एंटी रेबीज, एंटी स्नैक वेनम, डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, टीबी, मलेरिया आदि की दवाएं शामिल है. अस्पताल पहुंच रहे मरीजों को इलाज के बाद दवा भी दी जा रही है. इसके अलावे अस्पताल में 16 प्रकार की ब्लड जांच की भी सुविधा उपलब्ध है. जहां इलाज के दौरान मरीजों को जांच का सुझाव देने पर अस्पताल में ही ब्लड जांच किया जाता है. मरीजों की सुविधा के लिए पीएचसी में दो एंबुलेंस उपलब्ध है.

पीएचसी में पदस्थापित चिकित्सक

डॉ कामिनी प्रसाद, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी

डॉ ज्ञानेश चौधरी, फिजिशियन

डॉ सतीश कुमार दिवाकर, फिजिशियन

डॉ चंचल कुमारी, गायनकोलाॅजिस्ट

डॉ स्नेहबाला, गायनकोलॉजिस्ट

डॉ अविनाश कुमार, डेंटल सर्जन

क्या कहते हैं जिम्मेवार

पीएचसी में 157 प्रकार की दवा उपलब्ध है. जिसमें असाध्य रोग की दवा भी शामिल है. सांप काटने और कुत्ता काटने की दवा भी उपलब्ध है. सांप के शिकार बने व्यक्ति ओझा गुणी के चक्कर में नहीं पड़े. सीधे अस्पताल पहुंचे अस्पताल में एंटी स्नैक सूई उपलब्ध है.

डॉ कामिनी प्रसाद

, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, पटेढी बेलसर

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
Shashi Kant Kumar

लेखक के बारे में

By Shashi Kant Kumar

Shashi Kant Kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन